राष्ट्रीय महिला आयोग ने रैपर बादशाह के गाने 'टटीरी' के मामले में 7 अप्रैल को सुनवाई की. सुनवाई में आदित्य प्रतीक सिंह सिसोदिया उर्फ बादशाह, निर्देशक जोबन संधू, निर्देशक महावीर सिंह और प्रोड्यूसर हितेन उपस्थित रहे. सुनवाई की अध्यक्षता आयोग की अध्यक्षा श्रीमती विजया रहाटकर ने की. उन्होंने कहा कि गाने के बोल और उसका प्रस्तुतीकरण महिलाओं की गरिमा और शालीनता को ठेस पहुंचाने वाला है. अध्यक्षा ने इस गाने से महिलाओं की गरिमा को हुई क्षति पर गहरा दुख भी व्यक्त किया और संबंधित पक्षों को भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति न करने के निर्देश दिए.
बादशाह ने किया वादा
सभी संबंधित पक्षों ने आयोग के सामने लिखित रूप में बिना शर्त माफी प्रस्तुत की और समाज को हुए नुकसान पर खेद व्यक्त किया. उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कार्य करने की प्रतिबद्धता भी जताई. रैपर बादशाह ने आयोग के समक्ष कहा कि 'मैं महिलाओं और समाज के उत्थान के लिए कार्य करूंगा. महिला सशक्तिकरण पर एक सकारात्मक गाना 4 महीने के अंदाज प्रस्तुत करूंगा और भविष्य में इस प्रकार की किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं होऊंगा.' बादशाह ने आयोग के सामने आर्थिक रूप से कमजोर 50 लड़कियों की शिक्षा का प्रायोजन करने की बात भी रखी.
टल गई थी गिरफ्तारी
इससे पहले इस मामले में बादशाह की गिरफ्तारी टल गई थी. जानकारी के मुताबिक, 'टटीरी' गाने पर विवाद को लेकर बादशाह खुद पंचकूला पुलिस कमिश्नर से मिलने पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने गाने को लेकर खेद जताया और माफी मांगी. हालांकि पुलिस का कहना था कि पूरे मामले की जांच हो रही है और नियमों के तहत कार्रवाई जारी है.
दूसरी तरफ हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान पुलिस ने इस मामले में एक पॉजिटिव रिपोर्ट पेश की थी. पुलिस ने कोर्ट को बताया था कि उन्हें अब बादशाह को गिरफ्तार करने की कोई जरूरत नहीं है. इसके पीछे का कारण बादशाह के लगातार जांच में सहयोग करने को बताया गया था. पुलिस का कहना था कि जब भी उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया, वे शामिल हुए. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 'मामले में दर्ज सभी धाराएं जमानती हैं, इसलिए उनकी गिरफ्तारी नहीं की गई. हालांकि जरूरत पड़ने पर उन्हें दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है.'
अब लगता है कि बादशाह की मुश्किलें खत्म हो गई है.