हिंदी सिनेमा में आज पंकज त्रिपाठी का नाम काफी इज्जत के साथ लिया जाता है. पिछले कुछ सालों में उन्होंने अपने काम से इंडस्ट्री में काफी अहम छाप छोड़ी है. मिर्जापुर वेब सीरीज में कालीन भैया बनकर उनके भौकाल को हम सभी ने देखा है. हालांकि आज वो जिस मुकाम पर हैं, वहां पहुंचने के लिए उन्हें कड़ी मेहनत की.
पंकज त्रिपाठी बॉलीवुड में आने से पहले दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में थे. वहां से उन्होंने एक्टिंग सीखकर मुंबई में आने का फैसला किया. एक्टर दिल्ली किसी बड़ी उम्मीद से गए थे, लेकिन वहां पहुंचते ही उन्होंने कई सारी मुश्किलों का सामना किया. गांव से शहर में आए पंकज त्रिपाठी के लिए सबकुछ बदल गया था.
जब कल्चर शिफ्ट से गुजरे पंकज त्रिपाठी
एक्टर ने यूट्यूब चैनल युवा संग अपने हालिया पॉडकास्ट में पुराने एनएसडी के दिनों को याद किया. उन्होंने बताया कि जब वो साल 2001 में दिल्ली आए थे, तब उन्हें पहली बार कल्चर शिफ्ट का एहसास हुआ था. एक्टर ने कहा- साल 2001 में जब मैं दिल्ली आया, तब मुझे एक कल्चर शॉक मिला. मैंने पहली बार लड़कियों को स्मोक करते देखा था. मैं ये सोच रहा था कि ये कैसी लड़कियां हैं? लेकिन करीब 15 दिनों के बाद, मुझे एहसास हुआ कि वो उस चीज को देखने का सही नजरिया नहीं था.
'लोगों ने मुझे मेरी भाषा को लेकर बहुत जल्दी जज कर लिया था. उन्हें ऐसा लगा कि अगर कोई अच्छे से अंग्रेजी नहीं बोल सकता, तो वो जरूर किसी गरीब बैकग्राउंड से होगा या उसके पास मौकों की कमी होगी. लोग कभी-कभी आप क्या भाषा बोल रहे हैं, उसके मुताबिक भी आपकी प्रतिभा को जज करने लगते हैं. जबकि हकीकत ये है कि दोनों चीजों का आपस में कोई लेना-देना नहीं होता.'
पंकज त्रिपाठी आगे ये भी मानते हैं कि ऐसी बातें अक्सर लोगों के मन में किसी चीज में कम होने का भाव पैदा कर सकती हैं. लेकिन वो इस चक्कर में कभी नहीं फंसे. उन्हें इंडस्ट्री में कभी अपनी पहचान को लेकर चिंता नहीं करनी पड़ी. बात करें एक्टर के वर्क फ्रंट की, तो इस साल सितंबर में उनकी मिर्जापुर वेब सीरीज, एक फिल्म के रूप में रिलीज होगी जिसमें वो अपना किरदार कालीन भैया प्ले करते नजर आएंगे.