बांग्लादेश के संसदीय चुनावों 2026 के नतीजे सुर्खियों में हैं. इस बार में जमात-ए-इस्लामी ने अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और लगभग 68 सीटें जीतीं, लेकिन बीएनपी (BNP) ने भारी बहुमत हासिल कर जमात को हरा दिया है.
जमात मुख्य विपक्षी दल बनकर उभरी है, हालांकि यह बीएनपी की तुलना में काफी पीछे रही. ऐसे में जमात ने अपनी हार स्वीकार कर ली है.
बांग्लादेश में पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान अब देश के नए प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं. अब इसपर बॉलीवुड के जाने माने लिरिसिस्ट जावेद अख्तर का रिएक्शन सामने आया है. उन्होंने जमात की हार पर खुशी जताते हुए ट्वीट लिखा, 'बांग्लादेश की जमात-ए-इस्लामी, जो वहां की दक्षिणपंथी विचारधारा का मुख्य स्रोत है और देश में हिंदुओं पर होने वाले अत्याचारों के लिए जिम्मेदार मानी जाती है, चुनावों में बुरी तरह हार गई है. इसका मतलब है कि अधिकांश बांग्लादेशी जनता जमात के अल्पसंख्यकों के प्रति सांप्रदायिक पूर्वाग्रह को स्वीकार नहीं करती. यह अच्छी खबर है.'
तारिक रहमान होंगे बांग्लादेश के प्रधानमंत्री
60 साल के तारिक रहमान, दिसंबर 2025 में 17 साल के निर्वासन के बाद लंदन से बांग्लादेश वापस लौटे हैं. उनकी मां खालिदा जिया के निधन के बाद वो BNP के चेयरमैन बने थे. चुनाव में BNP ने दो-तिहाई से ज्यादा सीटें (लगभग 212) जीतीं, जबकि जमात-ए-इस्लामी के 11-पार्टी गठबंधन को सिर्फ 77 के आसपास सीटें मिलीं. तारिक रहमान ने ढाका-17 और बोगुरा-6 दोनों सीटों से जीत हासिल की है और अब वो शनिवार, 14 फरवरी को प्रधानमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं.
यह चुनाव 2024 के छात्र आंदोलन के बाद पहला बड़ा चुनाव था, जिसमें शेख हसीना को देश और प्रधानमंत्री पद छोड़कर भारत में शरण लेनी पड़ी थी. उनकी पार्टी पर पाबंदी लगा दी गई थी, जिसके कारण मुकाबला BNP और जमात-ए-इस्लामी के बीच हुआ. बीबीसी के मुताबिक, तारिक रहमान ने चुनाव तो जीत लिया है, लेकिन देश की इकोनॉमी को फिर से खड़ा करना, खाने की चीजों की बढ़ती कीमतों को कंट्रोल में लाना और बांग्लादेश की बड़ी युवा आबादी के लिए नौकरियां बनाना नई सरकार के सामने बड़ी चुनौतियां हैं. अपनी जीत के कुछ ही घंटों के अंदर, रहमान को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन कर उनकी 'शानदार जीत' के लिए बधाई दी थी.
हिंदुओं पर हुए थे अटैक
बांग्लादेश में हिंदू समेत अन्य धर्म के लोगों पर लगातार हमले और लींचिंग हो रही थी. इसकी शुरुआत दीपू चंद्रा दास नाम के हिंदू लड़के की लींचिंग से हुई थी. इसके बाद कई अन्य बांग्लादेशी हिंदू नागरिकों की हिंसा में मौत हुई. जावेद अख्तर के साथ-साथ सिंगर टोनी कक्कड़, जाह्नवी कपूर संग अन्य ने इसकी निंदा की थी.