कुली नंबर 1, हीरो नंबर 1, बीवी नंबर 1 और जोड़ी नंबर 1 जैसी ब्लॉकबस्टर कॉमेडी फिल्में बना चुके डायरेक्टर डेविड धवन अब अपनी नई फिल्म है जवानी तो इश्क होना है लेकर आ रहे हैं. डेविड की नई फिल्म आने के साथ इन दिनों पीवीआर में डेविड धवन फिल्म फेस्टिवल भी चल रहा है. इसी मौके पर डेविड एक खास बातचीत का हिस्सा भी बने. साथ में उनकी नई फिल्म के हीरो और उनके बेटे वरुण धवन भी मौजूद थे.
डेविड ने इस बातचीत में बताया कि उन्होंने बिना किसी बड़े स्टार को लिए फिल्म चश्मे बद्दूर (2013) इसलिए बनाई थी क्योंकि वो अपना गुस्सा जाहिर करना चाहते थे. क्योंकि जब 2000s में उनका ठंडा दौर शुरू हुआ, तो जो हीरोज उनके साथ फिल्में करने की आस में रहते थे, वो उनकी फिल्मों से धीरे से कन्नी काटने लगे थे.
जब डेविड के साथ काम करने से बचने लगे थे एक्टर्स
डेविड ने बताया कि जब उनकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर कमजोर साबित होने लगीं, तो हीरोज उनसे किनारा करने लगे. बॉलीवुड हंगामा की एक रिपोर्ट के अनुसार, डेविड ने कहा, "अगर एक डायरेक्टर की फिल्म नहीं चली तो एक्टर उसको देखकर कहीं और मुड़ जाएगा. एक्टर की जात ही ऐसी होती है! एक्टर किसी का सगा नहीं है." इस बात पर उनके बेटे वरुण धवन थोड़े ऑकवर्ड होकर हंसते नजर आए क्योंकि वो खुद आज के दौर के एक बड़े एक्टर हैं. डेविड की इस बेबाकी पर इवेंट में मौजूद लोगों को भी खूब हंसी आई.
डेविड ने आगे बताया कि सिर्फ गोविंदा ही अकेले ऐसे स्टार थे जो डायरेक्टर की पिछली फिल्म का रिपोर्ट कार्ड देखे बिना आंख मूंदकर फिल्में साइन कर लेते थे. डेविड ने कहा, "मुझे याद है कि एक बार मेरी फिल्म नहीं चली थी और मैं काफी अपसेट था. तब गोविंदा ने मुझसे कहा था— तू स्क्रिप्ट लिख न! और तब मैंने शोला और शबनम लिखी थी."
गुस्से में बनाई थी 'चश्मे बद्दूर'
जब वरुण ने अपने पापा से पूछा कि क्या कभी उन्हें फिल्म के लिए स्टार्स मिलने में भी दिक्कत हुई? तो डेविड ने पुराना किस्सा शेयर करते हुए कहा, "हां, मैंने चश्मे बद्दूर (2013) बनाई थी (बिना बड़े स्टार्स को कास्ट किए). वो फिल्म मैंने बहुत गुस्से में बनाई थी. चिंटू जी (ऋषि कपूर) भी उस फिल्म में थे. उन्होंने मुझसे कहा था— इसमें मेरा तो कोई रोल ही नहीं है. मैंने जवाब दिया— आप करो यार! और उन्होंने मेरे लिए वो फिल्म की थी."
जब वरुण ने पूछा कि क्या किसी बड़े स्टार ने डेविड को कभी सीधे फिल्म करने से इनकार किया था? तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा, "नहीं, किसी ने मुंह पर मना नहीं किया, लेकिन मैं उनकी बॉडी लैंग्वेज फील कर पा रहा था. वो मेरे साथ फिल्म साइन करने में हिचकने लगे थे. मैं स्टार्स की उस भीड़ से बाहर निकलना चाहता था जो बहुत मुश्किल था. अगर कोई अच्छी स्क्रिप्ट लिख लेता है और उसमें अच्छे गाने डाल सकता है, तो वो न्यूकमर्स के साथ भी एक सुपरहिट फिल्म बना सकता है."
गौरतलब है कि चश्मे बद्दूर में डेविड धवन ने तीन यंग एक्टर्स अली जफर, दिव्येंदु और सिद्धार्थ को कास्ट किया था. वहीं तापसी पन्नू ने इसी फिल्म से अपना हिंदी फिल्म डेब्यू किया था. इतने सारे नए चेहरों के साथ आई डेविड की ये फिल्म उस साल की सबसे बड़ी सरप्राइज हिट साबित हुई थी. अब देखना होगा कि वरुण धवन के साथ आ रही डेविड धवन की नई फिल्म है जवानी तो इश्क होना है 5 जून को थिएटर्स में क्या धमाल मचाती है.