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'जब वी मेट' से निकाले जाने पर फिर छलका बॉबी देओल का दर्द, बोले 'डायरेक्टर-एक्ट्रेस मैं लाया, मुझे ही निकाल दिया'

बॉबी देओल ने अपने करियर के सबसे बड़े धोखे और दर्द को याद किया है. बॉबी ने बताया कि कैसे आइकॉनिक फिल्म जब वी मेट के लिए उन्होंने डायरेक्टर इम्तियाज अली और करीना कपूर को तैयार किया था, लेकिन ऐन वक्त पर उन्हें हटाकर शाहिद कपूर को ले लिया गया. बॉबी ने मामले की इनसाइड स्टोरी शेयर की है.

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बॉबी देओल ने बताई 'जब वी मेट' से निकाले जाने की इनसाइड स्टोरी (Photo: IMDB)
बॉबी देओल ने बताई 'जब वी मेट' से निकाले जाने की इनसाइड स्टोरी (Photo: IMDB)

बॉबी देओल आजकल अपनी अगली फिल्म बंदर को लेकर चर्चा में हैं, जो 5 जून को थिएटर्स में रिलीज होगी. डायरेक्टर अनुराग कश्यप की इस फिल्म में बॉबी एक टीवी एक्टर का रोल कर रहे हैं, जिसका स्टारडम ढलान पर है. और कांड तब हो जाता है जब एक यंग लड़की उस पर सेक्सुअल हैरेसमेंट के आरोप लगाती है. बंदर के प्रमोशन में जुटे बॉबी देओल ने बताया है कि कैसे मुश्किल दौर में झेली गई चीजों, गुस्से और निराशा ने उन्हें एक बेहतर इंसान और एक्टर बनने में मदद की.

जब 'जब वी मेट' हाथ से निकल गई

बॉबी देओल के करियर के सबसे बड़े झटकों में से एक था इम्तियाज अली की आइकॉनिक फिल्म जब वी मेट में शाहिद कपूर से रिप्लेस हो जाना. जबकि इस फिल्म के लिए डायरेक्टर इम्तियाज अली और एक्ट्रेस करीना कपूर को उन्होंने खुद तैयार किया था. फिल्म की शुरुआती बातचीत के वक्त से बॉबी इस फिल्म में शामिल थे. वो खुद अलग-अलग प्रोडक्शन हाउस के पास फिल्म लेकर गए थे.

लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि जिन बैनर्स को उन्होंने फिल्म सुनाई थी, उनमें से एक ने उसी कहानी, उसी डायरेक्टर और उसी हीरोइन के साथ फिल्म बनाई. लेकिन बस लीड एक्टर के रोल में उनकी जगह शाहिद कपूर को ले लिया गया.

'आप की अदालत' में इस बारे में बात करते हुए बॉबी ने कहा, "अब वो कहानी खत्म हो चुकी है. हम दोस्त हैं. लेकिन उस समय मेरा दिल टूट गया था, क्योंकि मेरे करियर के उस दौर में मुझे ऐसी ही एक फिल्म की जरूरत थी." उन्होंने आगे कहा, "मुझे इम्तियाज पर तभी से बहुत भरोसा था, जब वो अभय देओल के साथ सोचा ना था बना रहे थे. मैंने फिल्म का रफ कट देखा था और उनके काम से बहुत इम्प्रेस हुआ था. मुझे लगा था कि वो बड़े अच्छे डायरेक्टर हैं और मुझे उनके साथ काम करना चाहिए."

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'सोचा ना था' से शुरू हुई थी साझेदारी

इम्तियाज अली ने 2005 में सोचा ना था से डायरेक्शन में कदम रखा था. फिल्म में बॉबी के कजिन अभय देओल और आयशा टाकिया लीड कपल थे. धर्मेंद्र के प्रोडक्शन हाउस, विजेता फिल्म्स ने ये प्रोजेक्ट प्रोड्यूस किया था और सनी देओल इसे सुपरवाइज कर रहे थे.

बॉबी ने कहा, "उसी समय हमने तय किया था कि आगे साथ में फिल्म बनाएंगे. लेकिन जब मार्केट में आपकी पोजीशन मजबूत नहीं होती तो कोई आपका साथ नहीं देता. फिल्म शुरू करने की कोशिश में बहुत टाइम निकल गया." बॉबी ने बताया कि जिस प्रोडक्शन हाउस को उन्होंने फिल्म सुनाई थी, उसने कहा था कि इम्तियाज बहुत महंगे डायरेक्टर हैं. लेकिन बाद में उसी बैनर ने इम्तियाज और करीना कपूर के साथ मिलकर बड़ा धमाका कर दिया.

'गुस्से को ताकत बना लिया'

बॉबी अब इस घटना को लेकर किसी तरह की नाराजगी नहीं रखते. उन्होंने कहा, "ये सब होता रहता है. जिंदगी में हमेशा सिर्फ अच्छी चीजें नहीं होतीं. जब मैंने खुद पर काम करना शुरू किया, तो तय किया कि जो दर्द और गुस्सा मैंने महसूस किया है, उसे अपनी ताकत बनाऊंगा. आप हमेशा बैठकर रोते नहीं रह सकते."

बॉबी ने आगे कहा, "इन्हीं अनुभवों ने मुझे बेहतर इंसान और बेहतर एक्टर बनाया है. मैंने इनसे सिर्फ सीखा है. मुझे किसी से कोई शिकायत नहीं है."

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इम्तियाज अली की कहानी अलग है

हालांकि इस मामले पर इम्तियाज अली का पक्ष थोड़ा अलग रहा है. 2023 में 'द लल्लनटॉप' को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, "सोचा ना था पूरी होने के बाद भी मैंने दो साल तक कोई दूसरी फिल्म शुरू नहीं की, क्योंकि मैं चाहता था कि बॉबी जब वी मेट करें. लेकिन उन्हें बड़े डायरेक्टर्स से दूसरी फिल्मों के ऑफर मिल रहे थे और वो इंतजार कर रहे थे."

उन्होंने कहा, "मैंने सोचा ना था बनाने में पांच साल लगाए थे और उसके बाद भी दो साल तक कोई फिल्म नहीं की. इससे मुझ पर फाइनेंशियल प्रेशर बढ़ रहा था. तब मैंने बॉबी से कहा कि शायद हमें ये फिल्म साथ में नहीं करनी चाहिए. बेहतर होगा कि हम दोस्ती बनाए रखें और इस प्रोजेक्ट को यहीं छोड़ दें."

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