साउथ के जाने-माने डायरेक्टर बुची बाबू सना की नई फिल्म 'पेद्दी' इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर कमाई से ज्यादा अपने विवादों को लेकर चर्चा में है. फिल्म में बॉलीवुड एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर के किरदार को लेकर सोशल मीडिया पर एक बड़ा बहस छिड़ गई है. दर्शकों के एक बड़े वर्ग का मानना है कि फिल्म में जाह्नवी के रोल को जरूरत से ज्यादा सेक्सुलाइज किया गया है और महिलाओं को महज एक 'वस्तु' (ऑब्जेक्ट) की तरह पेश किया गया है.
इस पूरे विवाद पर जहां जाह्नवी कपूर ने अब तक चुप्पी साध रखी है, वहीं 90 के दशक की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'आशिकी' की एक्ट्रेस अनु अग्रवाल इस विवाद में कूद पड़ी हैं. अनु ने सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट शेयर कर जाह्नवी कपूर के किरदार पर अपना कड़ा रिएक्शन दिया है और साथ ही आज के युवा कलाकारों को एक बेहद जरूरी सलाह भी दी है.
अनु अग्रवाल ने क्या कहा?
जाह्नवी कपूर के रोल पर मचे इस घमासान के बीच अनु अग्रवाल ने आज के दौर के यंग एक्टर्स और एक्ट्रेसेस से एक खास अपील की है. उन्होंने कहा कि आज के कलाकारों को किसी भी प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने से पहले सजग रहना होगा. अनु के मुताबिक, 'युवा कलाकारों को कोई भी फिल्म साइन करने से पहले उसकी पूरी कहानी सुननी चाहिए, स्क्रिप्ट पर खुलकर सवाल पूछने चाहिए और अगर उन्हें लगता है कि स्क्रीन पर कुछ भी ऐसा दिखाया जा रहा है जो इंसान की गरिमा और सम्मान के खिलाफ है, तो उनके अंदर उस रोल को 'ना' कहने की हिम्मत होनी चाहिए.'
अनु अग्रवाल ने क्यों छोड़ दी थी फिल्म इंडस्ट्री?
इस विवाद के बहाने अनु अग्रवाल ने अपने करियर के उस दौर को भी याद किया जब वे स्टारडम के टॉप पर थीं. उन्होंने बताया कि 'आशिकी' की कामयाबी के बाद उन्होंने एक बड़ा फैसला लिया था कि वे किसी भी फिल्म को बिना स्क्रिप्ट सुने साइन नहीं करेंगी. अनु ने खुलासा किया कि उस दौर में फिल्मों में महिलाओं को ऑब्जेक्ट की तरह दिखाना एक आम बात मान ली गई थी, लेकिन उन्होंने सोच-समझकर इस चलन के खिलाफ खड़े होने का रास्ता चुना. उन्होंने कई बड़ी फिल्मों के ऑफर सिर्फ इसलिए ठुकरा दिए क्योंकि वे महिलाओं के इस तरह के चित्रण के खिलाफ थीं. एक्ट्रेस के अनुसार, इस घिसे-पिटे ढर्रे को न मानने की वजह से ही आखिरकार उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री से हमेशा के लिए दूरी बना ली थी.
7 जून को अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर अपनी बात रखते हुए अनु अग्रवाल ने लिखा, 'पेद्दी' फिल्म को लेकर जो बातें हो रही हैं, उसने मुझे बहुत साल पहले लिए गए मेरे एक फैसले की याद दिला दी. मैं आज के दर्शकों की तारीफ करती हूं कि वे अब गलत चीजों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और पर्दे पर महिलाओं के लिए ज्यादा सम्मान और गरिमा की मांग कर रहे हैं.'
उन्होंने आगे लिखा कि सिनेमा को बदलने की जिम्मेदारी सिर्फ दर्शकों या फिल्ममेकर्स की नहीं है, बल्कि यह हम एक्टर्स की भी उतनी ही जिम्मेदारी है. कहानियां तब बदलेंगी जब दर्शक बेहतर सिनेमा की मांग करेंगे, लेकिन वे तब भी बदलेंगी जब एक्टर्स ऐसी चीजों का हिस्सा बनने से साफ इनकार कर देंगे जिन पर उन्हें खुद भरोसा नहीं है.
चौतरफा घिरे डायरेक्टर ने मांगी माफी
दूसरी तरफ, जाह्नवी कपूर के किरदार को लेकर इंटरनेट पर लगातार बढ़ते गुस्से और तीखी आलोचना को देखते हुए फिल्म 'पेद्दी' के डायरेक्टर बुची बाबू सना बैकफुट पर आ गए हैं. विवाद को बढ़ता देख उन्होंने सार्वजनिक रूप से सोशल मीडिया पर आकर दर्शकों से माफी मांगी है. इसके साथ ही उन्होंने फैन्स को भरोसा दिलाते हुए यह साफ किया है कि फिल्म के जिन दृश्यों और डायलॉग्स को लेकर आपत्ति जताई जा रही है, उन्हें फिल्म से हटा दिया जाएगा और उन विवादित सीन्स पर जल्द ही कैंची चलाई जाएगी.