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Adnan Sami Weight Loss Transformation: अदनान सामी ने दो साल में घटाया 130 किलो वजन, लोग बोले- सर्जरी का कमाल

अदनान सामी एक वक्त पर 230 किलो के हुआ करते थे. लेकिन फिर उन्होंने अपनी मेहनत से इसमें से 130 किलो कम किया. हालांकि लोगों को लगा कि उन्होंने सर्जरी की मदद से अपना वजन घटाया है. अब सिंगर ने बताया कि उन्होंने किस तरह इस मुश्किल काम को आसान किया.

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वजन घटाकर भी ट्रोल हुए थे अदनान सामी (Photo: ITGD)
वजन घटाकर भी ट्रोल हुए थे अदनान सामी (Photo: ITGD)

सिंगर अदनान सामी अपनी शानदार आवाज के साथ-साथ अपने जबरदस्त वेट लॉस ट्रांसफॉर्मेशन के लिए भी जाने जाते हैं. एक वक्त ऐसा था जब उनका वजन इतना बढ़ गया था कि उनके लिए ठीक से चलना-फिरना तक मुश्किल हो गया था. उन्हें उठने के लिए दो लोगों की मदद लेनी पड़ती थी. यहां तक कि वो बिस्तर पर लेटकर सो भी नहीं पाते थे.

230 किलो के अदनान सामी

करियर की शुरुआत में अदनान सामी का वजन 230 किलो के आसपास था. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और करीब दो साल की कड़ी मेहनत के बाद 130 किलो वजन कम कर लिया. अब सिंगर ने अपने इस मुश्किल सफर के बारे में खुलकर बात की है. 

अदनान सामी हाल ही में अनट्रिगर्ड विद अमीन जैज पॉडकास्ट में पहुंचे थे. यहां उन्होंने बताया कि वजन कम करने के बाद भी लोगों ने उनके ट्रांसफॉर्मेशन पर सवाल उठाए थे. कई लोगों का कहना था कि उन्होंने लिपोसक्शन या कोई दूसरी सर्जरी कराई है. इस पर अदनान ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर उन्होंने इतने ज्यादा वजन के लिए लिपोसक्शन कराया होता तो डॉक्टर को वैक्यूम क्लीनर की जरूरत पड़ती. 

दो साल तक चला वजन कम करने का सफर

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अदनान ने बताया कि उनका वजन इतना ज्यादा बढ़ गया था कि वो खुद से खड़े तक नहीं हो पाते थे. उन्हें उठाने के लिए दो लोगों की मदद लेनी पड़ती थी. वो अपनी इस हालत को लोगों से छिपाकर रखते थे. वो पब्लिक के सामने हमेशा खुश रहने और खाने का मजा लेने वाली अपनी छवि बनाए रखते थे, लेकिन असल जिंदगी में उन्हें काफी मुश्किल दौर से गुजरना पड़ा.

सिंगर ने कहा- मैं एयरपोर्ट पर एक नॉर्मल व्हीलचेयर में भी फिट नहीं हो पाता था. मेरे लिए खासतौर पर कस्टमाइज्ड व्हीलचेयर बनवाई गई थी. कार में बैठने के लिए मेरा ड्राइवर मेरे पैर उठाकर अंदर रखता था. यहां तक कि मैं सीधे बिस्तर पर लेटकर सो भी नहीं सकता था. छाती पर जमे फैट के दबाव की वजह से मुझे सांस लेने में परेशानी होती थी. इसलिए मैं सोफे पर बैठकर सोता था.

अदनान ने आगे बताया कि कॉन्सर्ट के दौरान भी उन्हें काफी दिक्कत होती थी. स्टेज तक पहुंचने के लिए थोड़ी दूरी चलने के बाद उन्हें करीब 10 मिनट बैठकर सांस लेनी पड़ती थी. वो अपना पूरा कॉन्सर्ट पियानो के सामने बैठकर करते थे. परफॉर्मेंस खत्म होने के बाद भी वो इतने थक जाते थे कि अगले 15 मिनट तक उनसे कोई बात नहीं कर सकता था.

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डाइट में किया बदलाव

अदनान बताते हैं कि वजन कम करने के लिए उन्होंने अपनी डाइट में काफी बदलाव किया था. उन्हें ब्रेड, चावल, चीनी, तेल और शराब से पूरी तरह दूरी बनाने के लिए कहा गया था. उनकी डाइट में मुख्य रूप से प्रोटीन वाली चीजें शामिल थीं.

उन्होंने बताया- शुरुआत में मेरे लिए चलना भी बेहद मुश्किल था. डॉक्टरों की सलाह पर मैंने थोड़ी-थोड़ी देर चलना शुरू किया. गर्मी के मौसम में मैं ह्यूस्टन के शॉपिंग मॉल में जाकर चलता था, क्योंकि वहां एसी की सुविधा थी. कुछ कदम चलने के बाद मैं बैठ जाता था और फिर दोबारा चलना शुरू करता था.

'इसी दौरान मुझे एक टी-शर्ट पसंद आई थी, जो तब मेरे मौजूदा साइज से काफी छोटी थी. मेरी मां ने भी मुझे समझाया था कि अभी वो टी-शर्ट मुझे फिट नहीं आएगी, लेकिन मैंने उसे खरीद लिया. मैंने तय कर लिया था कि वजन कम करके मैं इसी टी-शर्ट को पहनूंगा. मैं रात के तीन बजे भी उठकर चेक करते थे कि टी-शर्ट मुझे फिट आ रही है या नहीं. आखिरकार साल 2007 में वो टी-शर्ट मुझे फिट आ गई.'

मोटापे को बीमारी मानते हैं अदनान

बातचीत के दौरान अदनान ने मोटापे को लेकर लोगों की सोच पर भी सवाल उठाए. उनका कहना था कि लोग अक्सर मोटे इंसान को उसके खानपान के लिए जिम्मेदार ठहराते हैं, जबकि हर बार ऐसा नहीं होता. कई बार इसके पीछे जेनेटिक्स और शरीर की बनावट जैसे कारण भी हो सकते हैं.

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उन्होंने कहा- मोटापे को एक बीमारी की तरह समझने की जरूरत है. फिल्मों में भी पहले मोटे लोगों का मजाक उड़ाया जाता था और उन्हें हमेशा हंसमुख किरदारों में दिखाया जाता था. मुझे इस तरह के फैट जोक्स बिल्कुल पसंद नहीं हैं. किसी की शारीरिक स्थिति को कॉमेडी का हिस्सा नहीं बनाना चाहिए.

अब कैसे खुद को फिट रखते हैं अदनान सामी?

अदनान सामी ने बताया कि वजन कम करने के बाद भी उन्हें खाने का उतना ही शौक है. फर्क सिर्फ इतना आया है कि अब वो हर चीज सीमित मात्रा में खाते हैं. पहले वो अकेले पूरी बिरयानी खा जाते थे, लेकिन अब कुछ निवाले खाकर ही संतुष्ट हो जाते हैं.

उन्होंने कहा- अगर मुझे लड्डू खाने का मन करता है तो मैं उसका आधा या एक छोटा टुकड़ा खा लेता हूं. मैं खुद को किसी चीज से पूरी तरह वंचित नहीं रखता, बल्कि खाने की मात्रा पर ध्यान देते हैं. मेरे डायटीशियन ने समझाया था कि वजन कम करने के बाद भी मुझे पूरी जिंदगी अपने वजन पर नजर रखनी होगी. 

'उनके मुताबिक, शरीर और त्वचा एक बार स्ट्रेच हो जाए तो दोबारा पहले जैसी नहीं होती. इसलिए थोड़ी सी लापरवाही से वजन फिर बढ़ सकता है. मुझे एक्स्ट्रा स्किन हटाने के लिए सर्जरी कराने की सलाह भी दी गई थी, लेकिन मैंने उसकी हिम्मत नहीं जुटाई'

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