भोजपुरी सिनेमा में इन दिनों रवि किशन और खेसारी लाल यादव के बीच बयानबाजी चर्चा में है. हाल ही में खेसारी लाल यादव ने एक इंटरव्यू में रवि किशन के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने मंच से कहा था कि कुछ लोग स्टार बनने के बाद बदल जाते हैं और पहले जहां पैर छूते थे, अब सिर्फ घुटनों तक हाथ लगाते हैं.
खेसारी ने दिया रवि को जवाब
जिंगाबाद से बातचीत में खेसारी लाल यादव ने कहा कि रवि किशन उनके बड़े भाई जैसे हैं, लेकिन उन्होंने ऐसा बयान क्यों दिया, ये उन्हें समझ नहीं आया.
खेसारी ने कहा- दुनिया में जो सच में बड़े और अच्छे लोग होते हैं, वो किसी को अपने पैर छूने तक नहीं देते. उनके अंदर एक अलग तरह का बड़प्पन होता है. हम आज भी अपने पिता के पैर छूते हैं, क्योंकि उन्होंने हमें जन्म दिया है. लेकिन हम उनके भी घुटनों तक हाथ लगाकर आशीर्वाद लेते हैं.
उन्होंने आगे कहा- हो सकता है रवि भैया को लगा हो कि मुझे उन्हें दंडवत प्रणाम करना चाहिए था. लेकिन मुझे नहीं लगता कि उन्होंने भी अपने हर बड़े को दंडवत प्रणाम किया होगा. अगर ऐसा है तो फिर उन्हें अमिताभ बच्चन जी या प्रधानमंत्री मोदी जी के सामने भी दंडवत कर लेना चाहिए. साष्टांग लेट जाना चाहिए था.
खेसारी ने कहा कि उन्होंने हमेशा अपने से बड़ों का सम्मान किया है और वही सीखा है जो अपने सीनियर्स को करते देखा.
पवन सिंह से अलग सलूक क्यों?
जब उनसे पूछा गया कि आखिर रवि किशन को उनसे इतनी दिक्कत क्यों है, वो पवन सिंह की तरह उन्हें प्यार क्यों नहीं करते? तो खेसारी ने साफ कहा- मुझे उनके प्यार की जरूरत नहीं है. मेरी जनता ही मेरा भगवान है. उन्होंने मुझे इतना प्यार दिया है कि मुझे किसी और के प्यार की जरूरत नहीं पड़ती. मेरे मां-बाप, पत्नी और बच्चे मुझे प्यार करते हैं. रवि भैया भगवान नहीं हैं, वो भी एक इंसान हैं.
खेसारी ने ये भी कहा कि जब वो मनोज तिवारी से मिलते हैं तो उसी तरह सम्मान देते हैं, जैसे रवि किशन भी देते हैं. ऐसे में सिर्फ उन्हें निशाना बनाना सही नहीं है. उन्होंने कहा- किसी को बुरा साबित करने के लिए शब्द ढूंढना आसान है, लेकिन किसी को अच्छा बनाने के लिए सोच और नीयत दोनों अच्छी होनी चाहिए.
खेसारी के इस बयान के बाद भोजपुरी इंडस्ट्री में एक बार फिर रवि किशन और खेसारी लाल यादव की तनातनी चर्चा का विषय बन गई है.