scorecardresearch
 

UP Election: सपा और भीम आर्मी में गठबंधन तय, जल्द अखिलेश यादव और चन्द्रशेखर करेंगे ऐलान

UP Election 2022: भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के दफ्तर पहुंचकर अखिलेश यादव से मिले थे. सूत्रों के मुताबिक, भीम आर्मी और समाजवादी पार्टी में गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर पिछले कुछ दिनों से बातचीत चल रही है. चंद्रशेखर गुरुवार को भी सपा दफ्तर पहुंचे थे. बताया जा रहा है कि गठबंधन का फॉर्मूला फाइनल हो गया है. बस आधिकारिक ऐलान बाकी है.

X
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और भीम आर्मी चीफ चन्द्रशेखर जल्द कर सकते हैं गठबंधन का ऐलान (फाइल फोटो) सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और भीम आर्मी चीफ चन्द्रशेखर जल्द कर सकते हैं गठबंधन का ऐलान (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • चंद्रशेखर ने शुक्रवार को अखिलेश यादव से की मुलाकात
  • सपा और भीम आर्मी का गठबंधन तय, बस ऐलान बाकी

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर समाजवादी पार्टी और भीम आर्मी के बीच गठबंधन तय हो गया है. बताया जा रहा है कि सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर शनिवार को सपा दफ्तर से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसका ऐलान कर सकते हैं.

दरअसल, भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के दफ्तर पहुंचकर अखिलेश यादव से मिले थे. सूत्रों के मुताबिक, भीम आर्मी और समाजवादी पार्टी में गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर पिछले कुछ दिनों से बातचीत चल रही है. चंद्रशेखर गुरुवार को भी सपा दफ्तर पहुंचे थे. बताया जा रहा है कि गठबंधन का फॉर्मूला फाइनल हो गया है. बस आधिकारिक ऐलान बाकी है. 

चंद्रशेखर आजाद ने पहले ही कहा था कि उनकी पार्टी ने तय किया है कि गठबंधन के साथ 2022 चुनाव में जाना चाहिए. वहीं, दूसरी तरफ अखिलेश यादव पहले ही कह चुके हैं कि वह छोटे दलों को मिलाकर यूपी चुनाव में बीजेपी को चुनौती देंगे. 

इससे पहले चंद्रशेखर आजाद ने ट्वीट किया, एकता में बड़ा दम है. मजबूती और एकता के बगैर बीजेपी जैसी मायावी पार्टी को हराना आसान नहीं है. गठबंधन के अगुवा का दायित्व होता है कि वो सभी समाज के लोगों के प्रतिनिधित्व और सम्मान का ख्याल रखें. आज यूपी में दलित वर्ग अखिलेश यादव से इस जिम्मेदारी को निभाने की अपेक्षा रखता है. 

भीम आर्मी के साथ गठबंधन का सपा को हो सकता है फायदा

मायावती और चंद्रशेखर आजाद दलित समुदाय की एक ही जाति से आते हैं और एक ही क्षेत्र से हैं. दोनों जाटव समाज से संबंध रखते हैं. इस लिहाज से पश्चिमी यूपी में अगर सपा अपने साथ चंद्रशेखर मिलाती है तो गठबंधन में दलित समाज की भागेदारी बढ़ेगी. चंद्रशेखर के जरिए दलितों का भले ही पूरा वोट गठबंधन के साथ न आए, लेकिन हर सीट पर चार से पांच हजार वोट जरूर मिल सकता है. यह वोट सपा के लिए पश्चिमी यूपी में गेमचेंजर हो सकता है.

सपा न इन पार्टियों से किया गठबंधन

सपा ने विधानसभा चुनाव के लिए सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, जनवादी पार्टी (सोशलिस्ट), राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी), अपना दल (कमेरावादी), प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया), महान दल, टीएमसी से गठबंधन किया है. 

यूपी में 7 चरणों में चुनाव

403 विधानसभा सीटों वाले यूपी में 10 फरवरी से 7 चरणों में विधानसभा चुनाव होना है. अंतिम चरण के लिए मतदान 7 मार्च को होना है. यूपी में चुनाव के नतीजे 10 मार्च को आएंगे. 

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें