बिहार में अब तक चुनाव की लड़ाई बिपास यानी बिजली, पानी और सड़क के मुद्दे पर लड़ी जाती थी, लेकिन इस बार बिपास और विकास की बजाय DNA चुनावी मुद्दा बन रहा है. पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ नीतीश कुमार और लालू प्रसाद डीएनए संबंधी बयान पर मंगलवार से 'शब्द वापसी अभियान' चला रहे हैं, वहीं नीतीश ने कहा कि वो पीएम को 50 लाख डीएनए सैंपल भी भेजेंगे.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है. उन्होंने सोमवार को ट्वीट कर बताया कि बार-बार अपील करने के बाद भी जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करने वाला अपना बयान वापस नहीं ले रहे हैं, तो मंगलवार से वह 'शब्द वापसी' अभियान शुरू करने जा रहे हैं. इस अभियान से 50 लाख लोग जुड़ेंगे और हस्ताक्षर अभियान चलाकर नरेंद्र मोदी से अपने शब्द वापस लेने की मांग करेंगे.
ऐसे जमा होंगे 50 लाख सैंपल
जानकारी के मुताबिक, 11 अगस्त को लालू-नीतीश की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रें के बाद पटना में ढाई सौ स्थानों पर लोग हस्ताक्षर अभियान में शामिल होंगे और डीएनए सैंपल देंगे, जिसे प्रधानमंत्री के 7 रेसकोर्स आवास भेजा जाएगा. 11 अगस्त को पटना से शुरू होकर 13 अगस्त को ये अभियान सभी जिला मुख्यालयों में जाएगा और फिर 20 अगस्त को सभी ब्लॉक में कैंप लगाकर डीएनए सैंपल का कलेक्शन होगा.
डीएनए सैंपल के तौर पर लोग अपना बाल या नाखून देंगे. हस्ताक्षर के साथ इसे एक किट में जमा किया जाएगा. हस्ताक्षर और किट को पोस्ट के जरिए भेजा जाएगा ताकि इसकी संख्या का सही रिकॉर्ड रखा जा सके. पहले चरण में 50 लाख लोगों के सैंपल भेजने की योजना है, जिसे पूरे राज्य के अलग-अलग इलाकों में अभियान चलाकर एकत्र किया जाएगा.
नीतीश ने कहा कि अभियान से जुड़ने वाले लोग अपना भी नरेंद्र मोदी जी को टेस्ट के लिए भेजेंगे. उन्होंने ट्वीट किया कि बिहार की जनता अपने अपमान का माकूल जवाब देगी. नीतीश कुमार ने कहा कि नरेंद्र मोदी मोदी बार-बार बिहारियों का अपमान कर रहे हैं.
DNA पर मोदीजी का वक्तव्य बिहार और बिहार के लोगों का अपमान हैं.लोकतंत्र में जनता सर्वोपरी है, अब इस विषय का फैसला जनता की अदालत में होगा
— Nitish Kumar (@NitishKumar)
शब्दवापसी के इस महाअभियान में कम से कम 50लाख बिहार के लोग हस्ताक्षर अभियान से जुड़ेंगे और DNA टेस्ट्स के लिए अपना सैंपल भी मोदीजी को भेजेंगे
— Nitish Kumar (@NitishKumar)
29 अगस्त को स्वाभिमान रैलीइस महीने के 29 तारीख को पटना के गाँधी मैदान में “स्वाभिमान रैली” के साथ इस अभियान के पहले चरण को पूरा किया जाएगा
— Nitish Kumar (@NitishKumar)
सितम्बर में अभियान के दूसरे चरण में शब्दवापसी हेतु हस्ताक्षर और DNA सैंपल भेजने के इस अभियान को (1/2)
— Nitish Kumar (@NitishKumar)
हम बिहार के कोने कोने में हर घर तक ले जाएँगे और साथ ही राज्य के 4 से 5 क्षेत्रों में स्वाभिमान रैलियाँ भी आयोजित करेंगे (2/2)
— Nitish Kumar (@NitishKumar)
DNAके अपने वक्तव्य को वापिस न लेने की मोदीजी की हठधर्मिता और फिर कल गया रैली में बिहार को बीमारू और लोगों को दुर्भाग्यशाली बताना क्षोबनीय है
— Nitish Kumar (@NitishKumar)
हमारा यह विश्वास है कि बिहार और बिहार की जनता को अपमानित करने वालों को यहाँ की जनता माकूल जवाब देगी
— Nitish Kumar (@NitishKumar)
क्या कहा था प्रधानमंत्री नेनीतीश ने तब कहा था कि वह वह बिहार के बेटे हैं और उनका डीएनए बिहारियों से अलग नहीं है इसलिए जिन बिहारियों के वोट के बल पर वे प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे हैं, उनका सम्मान करने के लिए उन्हें अपना डीएनए वाला बयान वापस लेना चाहिए.
इस संबंध में नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुला पत्र भी लिखा था, जिसमें उन्होंने उनसे डीएनए वाला बयान वापस लेने की मांग की थी.