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'इस्तीफा मंजूर हुआ नहीं और...', IAS परमपाल कौर के BJP में शामिल होने पर बोले पंजाब CM भगवंत मान

सिद्धू के इस्तीफा देने के बाद उनका इस्तीफा मुख्य सचिव की ओर से मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री को भेजा गया था. सिद्धू को पंजाब राज्य औद्योगिक निगम के प्रबंध निदेशक के रूप में तैनात किया गया था. इस पर सीएम भगवंत मान ने कहा, "आईएएस अधिकारी के रूप में परमपाल कौर जी का इस्तीफा पंजाब सरकार ने स्वीकार नहीं किया है.

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (फाइल फोटो)
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (फाइल फोटो)

अकाली दल नेता सिकंदर सिंह मलूका की बहू परमपाल कौर सिद्धू के बीजेपी में शामिल होने के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का बयान सामने आया है. गुरुवार को उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आईएएस अधिकारी के रूप में उनका इस्तीफा अभी तक स्वीकार नहीं किया है. दरअसल, IAS अधिकारी परममाल कौर सिद्धू और उनके पति केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े की मौजूद में कुछ दिनों पहले बीजेपी में शामिल हो गए हैं.

पीटीआई के मुताबिक सिद्धू के इस्तीफा देने के बाद उनका इस्तीफा मुख्य सचिव की ओर से मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री को भेजा गया था. सिद्धू को पंजाब राज्य औद्योगिक निगम के प्रबंध निदेशक के रूप में तैनात किया गया था. इस पर सीएम भगवंत मान ने कहा, "आईएएस अधिकारी के रूप में परमपाल कौर जी का इस्तीफा पंजाब सरकार ने स्वीकार नहीं किया है. बीबा जी (सिद्धू) को पहले आईएएस बनने की इतनी जल्दी है, लेकिन पद छोड़ने की कुछ प्रक्रिया होती है. कृपया प्रक्रिया को समझें, अन्यथा, आपकी पूरी कमाई खतरे में पड़ सकती है.''

मान ने एक बयान में कहा कि सिद्धू को राजनीति में आने की इतनी जल्दी है कि उनका इस्तीफा भी स्वीकार नहीं किया गया है, लेकिन वह चुनाव लड़ने के लिए 'बेचैन' हैं. मान ने कहा कि इस्तीफा कब और कैसे स्वीकार किया जाता है, यह मुख्यमंत्री का फैसला है और उनका कर्तव्य भी है. उन्होंने कहा, "इसके लिए कुछ नियम-कायदे हैं, जिनका हमें हर हाल में पालन करना होगा. किसी भी अधिकारी का इस्तीफा तुरंत स्वीकार नहीं किया जाता है. इसमें कुछ समय लगता है."

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हालांकि, दिल्ली में केंद्रीय मंत्री पुरी ने कहा कि उनका इस्तीफा बुधवार को स्वीकार कर लिया गया है. सूत्रों से यह भी पता चला है कि केंद्र के कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग, जो सक्षम प्राधिकारी है, ने बुधवार को उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया. दरअसल, इस्तीफों पर कार्रवाई के लिए दिशा-निर्देशों के अनुसार, संबंधित राज्य कैडर केंद्र सरकार को इस्तीफे के आवेदन को स्वीकृति के लिए आवेदक पर कोई बकाया राशि आदि की जानकारी भेजता है.

बता दें कि 2011 बैच की आईएएस अधिकारी, सिद्धू ने कुछ दिन पहले भाजपा में शामिल होने की अटकलों के बीच अपना इस्तीफा दे दिया था. सिद्धू इसी साल अक्टूबर में रिटायर होने वाली थीं. उन्हें बठिंडा लोकसभा सीट से मैदान में उतारा जा सकता है, जिसका प्रतिनिधित्व वर्तमान में अकाली दल सांसद हरसिमरत कौर बादल कर रही हैं. सिद्धू अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मलूका की बहू हैं. मलूका 2024 लोकसभा चुनाव के लिए गठित शिअद की घोषणापत्र समिति के सदस्य हैं.

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