लोकसभा चुनाव 2019 के तहत गुजरात की वडोदरा लोकसभा सीट पर बीजेपी ने फिर अपना परचम लहराया है. भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) प्रत्याशी और सांसद रंजन भट्ट 589177 वोटों के बड़े अंतर से अपने नजदीकी प्रतिद्वंदी को शिकस्त देने में कामयाब रही हैं. सामान्य वर्ग वाली इस सीट पर कुल 13 प्रत्याशी मैदान में थे. हालांकि मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच ही रहा. 2014 में इस सीट से नरेंद्र मोदी जीते थे. बाद में उन्होंने यह सीट छोड़ दी थी.
2019 का जनादेश
भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) प्रत्याशी रंजन भट्ट को आठ लाख 83 हजार 719 वोट मिले, वहीं कांग्रेस उम्मीदवार प्रशांत पटेल को दो लाख 94 हजार 542 को वोट मिले. 16999 वोटों के साथ नोटा का वोट प्रतिशत 1.39 रहा. बहुजन समाज पार्टी के मोहनभाई को 7458 वोट मिले. बता दें कि इस सीट पर तीसरे चरण के तहत 23 अप्रैल को मतदान हुआ था और मतदान का प्रतिशत 67.60 रहा.
2014 का जनादेश
पिछले चुनाव में इस सीट पर 70.9% मतदान हुआ था जिसमें बीजेपी प्रत्याशी नरेंद्र मोदी को 8,45,464 वोट (72.8%) और कांग्रेस प्रत्याशी मधुसूदन मिस्त्री को 2,75,336 (23.7%) वोट मिले थे.
सामाजिक-ताना बाना
वडोदरा लोकसभा क्षेत्र की आबादी 22,98,052 है. इसमें 19.85% आबादी ग्रामीण और 80.15% आबादी शहरी है. अनुसूचित जाति की आबादी 6.37 प्रतिशत और 6.17 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति की है. वडोदरा गुजरात का ऐसा शहर है जहां हिंदी भाषियों का खासा प्रभाव है. खासकर यूपी मूल के लोगों का बड़ा प्रभाव है. इस क्षेत्र की दो विधानसभा सीट ऐसी हैं, जहां से यूपी मूल के नेता विधायक भी बनते रहे हैं. वडोदरा क्रिकेट सितारों के लिए भी काफी मशहूर है. इरफान पठान, यूसुफ पठान, हार्दिक पंड्या, किरण मोरे, अंबति रायडू और जहीर खान जैसे बड़े क्रिकेट खिलाड़ियों का ताल्लुक वडोदरा से ही है.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
वडोदरा सीट पहले बड़ौदा के नाम से रजिस्टर्ड थी और इस पर लंबे समय से बीजेपी का कब्जा रहा है. 2009 में वडोदरा सीट के नाम पर यहां चुनाव हुआ और बीजेपी के बालकृष्ण शुक्ला ने चुनाव जीता. उन्होंने कांग्रेस के दलीप सिंह गायकवाड़ को शिकस्त दी. इसके बाद 2014 में यहां से ऐतिहासिक चुनाव हुआ और नरेंद्र मोदी ने अपने जीवन का पहला लोकसभा चुनाव इस सीट से लड़ा.
बीजेपी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहे नरेंद्र मोदी को 2014 लोकसभा चुनाव का चेहरा बनाकर लड़ा. नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में गुजरात के विकास मॉडल को रखा और जनता से विकास के नाम पर वोट मांगा. वडगाम में जन्मे मोदी ने वडोदरा सीट से अपना पहला लोकसभा चुनाव लड़ा और बड़ी जीत दर्ज की.
कांग्रेस ने उनके सामने वरिष्ठ नेता मधुसूदन मिस्त्री को मौका दिया था, लेकिन वह मोदी की लोकप्रियता के सामने कहीं नहीं टिक पाए. नरेंद्र मोदी को साढ़े आठ लाख से ज्यादा वोट मिले, जबकि मधुसूदन मिस्त्री पौने तीन लाख वोट ही पा सके. मोदी ने उन्हें 5 लाख 70 हजार 128 मतों से हराया.
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