छत्तीसगढ़ की बिलासपुर लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के सुनील कुमार सोनी ने शानदार जीत हासिल की है. उन्होंंने अपने करीबी कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद दुबे को 348238 वोटों से हराया. इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के सुनील कुमार सोनी को 837902 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के प्रमोद दुबे को 489664 वोटों से संतोष करना पड़ा.
जानिए इस चुनाव में किसको कितने वोट मिले
23 मई को मतगणना के दिन कैसे चला रुझान
LIVE 18:35 IST- अब तक के रुझानों में रायपुर लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के सुनील कुमार सोनी बढ़त बनाए हुए हैं, जबकि कांग्रेस प्रमोद दुबे दूसरे स्थान पर हैं. देखिए अब तक किसको किसको कितने वोट मिले.
65.99 फीसदी लोगों ने डाला वोट
इस सीट पर तीसरे चरण में 23 अप्रैल को वोटिंग हुई थी, जिसमें क्षेत्र के कुल 2111104 वोटरों में से 65.99 फीसदी ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था.
Lok Sabha Election Results 2019 LIVE: देखें पल-पल का अपडेट
ये उम्मीदवार थे चुनाव मैदान में
रायपुर लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी ने सुनील कुमार सोनी, कांग्रेस पार्टी ने प्रमोद दुबे, बहुजन समाज पार्टी ने खिलेश कुमार साहू उर्फ खिलेश्वर, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने अजय चकोले, अंबेडकराइट पार्टी ऑफ इंडिया ने इकरम सैफी, भारतीय शक्ति चेतना पार्टी ने छबि लाल कंवर, भारतीय किसान पार्टी ने तमेश्वर साहू, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (A) ने देवकी दुबे उर्फ संध्या, सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (कम्युनिस्ट) ने देवेंद्र कुमार पाटिल को चुनाव मैदान में उतारा था. रायपुर लोकसभा सीट पर इस बार कुल 25 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे.
पिछली बार खिला था कमल
साल 2014 में रायपुर लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के रमेश बैस ने जीत दर्ज की थी और कांग्रेस के प्रत्याशी सत्य नारायण शर्मा को करारी हार का सामना करना पड़ा था. पिछले लोकसभा चुनाव में रमेश बैस को 6 लाख 54 हजार 922 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस के सत्य नारायण शर्मा को 4 लाख 83 हजार 276 वोटों से संतोष करना पड़ा था.
रायपुर लोकसभा सीट का इतिहास
रायपुर लोकसभा सीट छत्तीसगढ़ की 11 लोकसभा सीटों में से एक है. यहां अब तक कुल 16 बार लोकसभा चुनाव हो चुके हैं. साल 1999 तक यह लोकसभा सीट मध्य प्रदेश के अंतर्गत आती थी. हालांकि छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद यह सीट मध्य प्रदेश से बाहर हो गई. वरिष्ठ कांग्रेस नेता और इंदिरा गांधी के करीबी सहयोगी विद्या चरण शुक्ला ने इस निर्वाचन क्षेत्र से दो बार जीत दर्ज की थी.
रायपुर छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा शहर और सूबे की राजधानी है. जिले के समृद्ध जलोढ़ मैदानों में उगाई जाने वाली विभिन्न प्रकार की चावल की किस्मों के उत्पादन के कारण इसका अर्थव्यवस्था में अहम स्थान है. इस क्षेत्र को 'भारत का धान का कटोरा' भी कहा जाता है. हालांकि, यह छवि धीरे-धीर बदल रही है. क्योंकि इस्पात, सीमेंट, एल्यूमीनियम और बिजली उद्योगों की खासी मौजूदगी के चलते रायपुर वाणिज्यिक और औद्योगिक केंद्र बनता जा रहा है.
रायपुर जिला ऐतिहासिक और पुरातात्विक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है. यह जिला कभी दक्षिणी कौशल का हिस्सा था और मौर्य साम्राज्य के अधीन माना जाता था. रायपुर शहर लंबे समय तक छत्तीसगढ़ के पारंपरिक किलों को सहेजे हैहय राजाओं की राजधानी रहा. रायपुर शहर 9वीं शताब्दी के बाद से अस्तित्व में आया.
रायपुर लोकसभा के अंतर्गत विधानसभा की नौ सीटें आती हैं. इनमें बलौदा बाजार, भाटापार, धारसिवा, रायपुर ग्रामीण, रायपुर शहर दक्षिण, रायपुर शहर पश्चिम, रायपुर शहर उत्तर, अभनपुर और आरंग (एससी) विधानसभा सीटें शामिल हैं. इस लोकसभा सीट पर 2014 में पुरुष मतदाताओं की संख्या 9 लाख 79 हजार 133 थी, जिनमें से 6 लाख 59 हजार 70 ने वोट डाला था. वहीं पंजीकृत 9 लाख 25 हजार 97 महिला वोटरों में से 5 लाख 91 हजार 775 महिला वोटरों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था.
चुनाव की हर ख़बर मिलेगी सीधे आपके इनबॉक्स में. आम चुनाव की ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए सब्सक्राइब करें आजतक का इलेक्शन स्पेशल न्यूज़लेटर