प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह देश को स्कार्पीन श्रेणी की पनडुब्बी आईएनएस कलवरी देश को समर्पित की. गुजरात चुनाव के दूसरे फेज के मतदान के दौरान पीएम मोदी का यह काम विपक्ष को रास नहीं आया. कांग्रेस ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताया. विपक्ष के इस आरोप को खारिज करते हुए चुनाव आयोग ने कहा कि यह आचार संहिता के दायरे में नहीं आता.
आयोग के आरोप पर शाम को वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त उमेश सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा पनडुब्बी को नौसेना में शामिल करने का कार्यक्रम आदर्श आचार संहिता के दायरे में नहीं आता.
सिन्हा ने कहा कि कार्यक्रम आदर्श आचार संहिता के दायरे में नहीं आता है. कांग्रेस ने आरोप लगाए थे कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में को नौसेना में शामिल करने का कार्यक्रम आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है.
कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने एक दिन पहले ही इस बाबत सवाल किया था कि गुरुवार को मोदी मुंबई में होंगे, जहां वह पनडुब्बी कलवरी को नौसेना में शामिल करने के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. आनंद शर्मा ने कहा था कि जब पड़ रहे होंगे, उस समय क्या वह आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन नहीं होगा?
One matter about PM attending launch of submarine came up, it is not under MCC jurisdiction and no permission was also sought from the Commission: Election Commission
— ANI (@ANI)
आईएनएस कलवरी भारत और फ्रांस के बीच बढ़ते रणनीतिक रिश्ते का सबूत है. आईएनएस कलवरी से भारतीय नौसेना का और मजबूती मिलेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कलवरी के विकास में लगे सभी कर्मचारियों को शुक्रिया और बधाई कहा.
आज सुबह पीएम मोदी ने कलवरी को राष्ट्र को समर्पित करते हुए कहा था कि INS कलवरी पनडुब्बी को राष्ट्र को समर्पित करना मेरे लिए बहुत सौभाग्य की बात है. कलवरी की शक्ति या कहें टाइगर शार्क की शक्ति हमारी भारतीय नौसेना को और मजबूत करेगी. यह मेक इन इंडिया का उत्तम उदाहरण है.
प्रधानमंत्री ने कहा था कि INS कलवरी के निर्माण में लगभग 12 लाख लोग लगे हैं. इसके निर्माण के दौरान जो तकनीकी दक्षता भारतीय कंपनियों को, भारतीय उद्योगों को, छोटे उद्यमियों को, हमारे इंजीनियरों को मिली है, वो देश के लिए एक तरह से “Talent Treasure” हैं. ये स्किल सेट हमारे लिए एक एसेट है.