दिल्ली विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अपने कामकाज के नाम पर चुनाव लड़ रही आम आदमी पार्टी को महाराष्ट्र से ऐसा तीर मिला है जिसके जरिए वह विपक्ष पर हमला कर सकती है.
हुआ ऐसा है कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने 13 दिसंबर को संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए दिल्ली के शिक्षा मॉडल पर चर्चा की और कहा कि महाराष्ट्र के कुछ जिलों में दिल्ली के सरकारी स्कूलों का शिक्षा मॉडल लागू किया जाए.
उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने खुद सोशल मीडिया पर बैठक की तस्वीरें साझा करके इसका जिक्र करते हुए लिखा, 'दिल्ली के विकसित सरकारी स्कूलों के आधार पर मुंबई, पुणे, नागपुर पिंपरी, चिंचवड और नवी मुंबई महानगरपालिका के तहत आने वाले सरकारी स्कूलों का विकास किया जाए.'
अजित पवार के बयान को आम आदमी पार्टी (AAP) के समर्थकों ने लगातार आगे बढ़ाया और खुद दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री ने इस पर अपनी बात रखी. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बयान देते हुए कहा, 'अच्छी बात है कि दूसरे राज्य दिल्ली के शिक्षा मॉडल को अपना रहे हैं और आज ही नहीं आने वाले 5 सालों में भी हम उन राज्यों की पूरी मदद करेंगे जो दिल्ली के शिक्षा मॉडल को अपने राज्यों में अपनाना चाहते हैं.'
दिल्ली से मिलेगा फायदाः मनीष सिसोदिया
उपमुख्यमंत्री सिसोदिया ने कहा कि उन राज्यों को बिल्कुल शून्य से शुरुआत करने की जरूरत नहीं है क्योंकि दिल्ली में बदलाव को लेकर जो स्टडी हुई है उससे उन राज्यों को काफी फायदा होगा. मनीष सिसोदिया का दावा है कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के बाद कई राज्यों ने दिल्ली के शिक्षा और स्वास्थ्य मॉडल को अपने राज्यों में लागू करने की इच्छा जताई है.
दिलचस्प यह है कि महाराष्ट्र में शिवसेना और एनसीपी के साथ कांग्रेस भी गठबंधन सरकार का हिस्सा है और दिल्ली में वह केजरीवाल के शिक्षा मॉडल पर सवाल उठाती रही है. दूसरी ओर दिल्ली में विधानसभा चुनाव की दहलीज पर तैयारी कर रही आम आदमी पार्टी को अजित पवार के बयान से बड़ा हथियार हाथ लग गया है.