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Delhi Election 2020: मतदान से पहले जामिया-शाहीन बाग में बढ़ाई गई सुरक्षा, 5 बूथ संवेदनशील

Voting in Shaheen Bagh: चुनाव आयोग की चुनौती शाहीन बाग जैसे इलाके में शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कराना है. शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ 15 दिसबंर से ही सड़कों पर प्रदर्शन जारी है.

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Voting in Shaheen Bagh: इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा
Voting in Shaheen Bagh: इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा

  • सुबह-सुबह सुरक्षाबलों ने किया फ्लैग मार्च
  • पोलिंग बूथ पर लगी वोटरों की लाइन

आज दिल्लीवासियों के लिए बेहद खास दिन है. दिल्ली विधानसभा की सभी 70 सीटों के लिए आज मतदान होना है. वोटिंग सुबह 8 बजे शुरू होगी और शाम 6 बजे तक चलेगी. वोटिंग से पहले सबकी नजर जामिया और शाहीन बाग इलाके पर है. सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. जवानों ने सुबह-सुबह फ्लैग मार्च किया. पोलिंग बूथ पर कई वोटर मतदान करने के लिए लाइन में लगे भी दिखे.

वोटिंग से पहले जामिया के गेट नंबर 7 के बाहर कई दिनों से प्रदर्शन जारी था, लेकिन वोटिंग के मद्देनजर प्रदर्शनकारी मौके से हट गए हैं. मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है और हर आने-जाने वाली गाड़ियों की सघन तलाशी ली जा रही है. बीते दिनों जामिया और शाहीन बाग इलाके में फायरिंग की वारदात हुई थी. इसके बाद से ही इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी.

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शाहीन बाग के पोलिंग बूथ संवेदनशील

चुनाव आयोग की चुनौती शाहीन बाग जैसे इलाके में शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कराना है. शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ 15 दिसबंर से ही सड़कों पर प्रदर्शन जारी है. चुनाव आयोग ने इलाके में आने वाले सभी पांच मतदान केंद्रों को संवेदनशील श्रेणी में रखा है. इसके अलावादिल्ली में 500 से अधिक लोकेशन पर चार हजार से अधिक ऐसे संवेदनशील पोलिंग बूथ हैं, जहां सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं.

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर(एनआरसी) के विरोध का शाहीन बाग केंद्र बन चुका है.  शाहीन बाग में चुनाव के मद्देनजर शाहीन बाग में नजर रखने के लिए पुलिस पेट्रोलिंग बाइकर्स तैनात किए गए हैं. यहां के पांच मतदान केंद्रों को संवेदनशील चिन्हित किया गया है. सीसीटीवी के जरिए भी बूथ पर निगरानी रखी जा रही है.

अतिरिक्त बलों की भी है तैनाती

वोटिंग के दौरान किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं. पुलिस ने पुलिस ने और पीसीआर वैन तैनात किए हैं. पोलिंग बूथों पर अतरिक्त बलों को भी तैनात किया गया है.

सुरक्षा के लिए विधानसभा चुनाव के मद्देनजर समन्वय स्थापित करने को लेकर स्थानीय होमगार्ड और दूसरे जिलों की पुलिस की भी तैनाती की गई है. हरियाणा और उत्तर प्रदेश से लगती करने का निर्देश देते हुए यहां पुलिस टीमों को तैनात किया गया है.

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दरअसल दक्षिण पूर्व जिले के 169 मतदान केंद्रों में से 64 केंद्रों को संवेदनशील चिन्हित किया गया है. जबकि जिले में 10 मोटरेबल बॉर्डर पिकेट हैं, जहां पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. आधी रात को सीमा बंद कर दी जाएगी. दक्षिण पूर्व जिले में पांच हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. साथ ही अर्ध-सैनिक बलों की तैनाती की गई है.

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