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बछवाड़ाः कांग्रेस और सीपीआई के बीच रहा मुकाबला, बीजेपी को नहीं मिली कभी सफलता

बछवाड़ा विधानसभा सीट पर शुरू से ही कांग्रेस और वामदलों के बीच मुकाबला रहा है. कांग्रेस का अधिकतर मुकाबला भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) से रहा है. कई बार कांग्रेस का मुकाबला सीपीई समर्थित समाजवादी पार्टियों से रहा है.

बछवाड़ा विधानसभा सीट पर कांग्रेस और वामदल में रहा है मुकाबला (फाइल फोटो-रॉयटर्स) बछवाड़ा विधानसभा सीट पर कांग्रेस और वामदल में रहा है मुकाबला (फाइल फोटो-रॉयटर्स)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सात बार कांग्रेस को मिली है जीत
  • इतनी ही बार CPI ने मारी बाजी
  • राजद को सिर्फ एक बार मिली जीत

बिहार में बेगुसराय लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाली बछवाड़ा विधानसभा सीट पर सीपीआई और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में सीधी टक्कर है. सीपीआई ने अवधेश कुमार राय और बीजेपी ने सुरेंद्र महतो को मैदान में उतारा है जबकि बसपा ने रंजीत पासनाव को टिकट दिया है.

बछवाड़ा विधानसभा सीट पर शुरू से ही कांग्रेस और वामदलों के बीच मुकाबला रहा है. कांग्रेस का अधिकतर मुकाबला भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) से रहा है. कई बार कांग्रेस का मुकाबला सीपीई समर्थित समाजवादी पार्टियों से रहा है.

क्या रहा 2015 का नतीजा

महागठबंधन 2015 में बना. लिहाजा बछवाड़ा विधानसभा सीट पर कांग्रेस-राजद-जदयू साथ मिलकर चुनाव लड़े. 2015 में इस सीट पर कांग्रेस के रामदेव राय को जीत मिली. कांग्रेस के रामदेव राय ने 73,983 (45.8%) मतों के साथ जीत हासिल की थी जबकि दूसरे स्थान पर रहे लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के अरविंद कुमार सिंह को 37,052 (23.0%) मिले थे. वहीं सीपीई तीसरे स्थान पर रही थी. सीपीआई के प्रत्याशी अवधेश कुमार रॉय को 28,539 (17.7%) मतों से संतोष करना पड़ा था.

2010 के चुनावों में सीपीआई के अवधेश कुमार रॉय को जीत मिली थी, जहां उन्हें 33,770 (26.0%) मत मिले थे. वहीं
निर्दलीय उम्मीदवार अरविंद कुमार सिंह 21,683 (16.7%) मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे. एलजेपी की मीना कुमारी
19,301 (14.9%) वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रही थीं.

चुनावी इतिहास

बछवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस को सात बार और सोशलिस्ट-कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवारों को भी इतनी ही बार जीत मिली है. फिलहाल इस सीट से कांग्रेस के रामदेव राय विधायक हैं. 2005 अक्टूबर के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रामदेव जीते थे जबकि फरवरी 2005 के चुनाव में वह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे और जीत हासिल की थी. इस सीट पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को एक बार जीत मिली है. वर्ष 2000 के विधानसभा चुनावों में राजद के उत्तम कुमार यादव विधानसभा सदस्य चुने गए थे.

1995, 1990 और 1985 के विधानसभा चुनावों में सीपीआई लगातार जीतती रही. सीपीआई उम्मीदवार अवधेश राय 1995 और 1990 में विधायक बने. जबकि 1985 के चुनावों में सीपीआई ने अयोध्या प्रसाद को अपना उम्मीदवार बनाया था जिन्होंने जीत हासिल की थी.

इसी तरह 1980, 1977 और 1972 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस लगातार बछवाड़ा विधानसभा क्षेत्र पर फतह करती रही और उसके प्रत्याशी रामदेव राय विधायक चुने जाते रहे. 1967 और 62 के चुनावों में संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के उम्मीदवारों ने जीत हासिल की. 1967 में संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के वीपी सिंह जबकि 1962 के चुनावों में गिरीश कुमारी सिंह जीती थीं.
  
इस सीट पर 1951 में कांग्रेस के मिट्ठन चौधरी ने जीत दर्ज की थी, लेकिन 1957 के चुनाव में कांग्रेस को सोशलिस्ट पार्टी के नेता वैद्यनाथ प्रसाद सिंह से हार का सामना करना पड़ा. 1969 के उपचुनाव में कांग्रेस के भुवनेश्वर राय ने जीत हासिल की थी.

जातिगत समीकरण  

जनगणना 2011 के मुताबिक बछवाड़ा विधानसभा क्षेत्र की कुल आबादी 449001 है जिसमें अनुसूचित जाति और जनजाति का अनुपात 17.31 और 0.02 फीसदी है. 2019 की मतगणना सूची के मुताबिक यहां 288572 मतदाता हैं. 2015 के विधानसभा चुनावों में 59.4% मतदान हुए थे.


 

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