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बिहार विधानसभा चुनाव

राजन तिवारी, फाइल फोटो

राजन तिवारी: UP का मोस्ट वांटेड जो बिहार आकर बन गया विधायक

24 सितंबर 2020

मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के सोहगौरा गांव के रहने वाले राजन तिवारी की प्रारम्भिक शिक्षा भी इसी जिले में हुई. युवा अवस्था में राजन तिवारी ने अपराध की दुनिया में कदम रख दिया. यूपी में 90 के दशक के चर्चित माफिया डॉन श्रीप्रकाश शुक्ला के संपर्क में आने के बाद राजन तिवारी का नाम कई अपराधों में सामने आया. श्रीप्रकाश शुक्ला के साथ जुड़े मामलों में भी राजन तिवारी शामिल रहे जिससे उनकी गिनती बाहुबलियों में होने लगी.

2015 में आरजेडी ने जीती थी बरौली सीट (सांकेतिक तस्वीर)

बरौली विधानसभा सीट: क्या अपनी खोयी हुई सीट फिर से जीत पाएगी बीजेपी?

24 सितंबर 2020

बरौली विधानसभा सीट पर पिछले कई चुनाव में लगातार भारतीय जनता पार्टी का कब्जा देखने को मिला था. हालांकि साल 2015 के विधानसभा चुनाव में आरजेडी ने बरौली विधानसभा सीट पर कब्जा जमाया था.

Bihar assembly election (PTI)

फारबिसगंज विधानसभा सीटः कभी कांग्रेस का गढ़ था, लेकिन 1985 के बाद से नहीं हो पाई वापसी

24 सितंबर 2020

इस सीट पर 15 बार विधानसभा के मुख्य चुनाव और 2 बार उपचुनाव हुए हैं. इसमें 9 बार कांग्रेस और 6 बार बीजेपी जीती है. वहीं, पीएसपी और बीएसपी ने भी एक-एक बार जीत का स्वाद चखा है.

शिवहर में कांटेदार मुकाबले में जेडीयू के खाते में गई जीत (फाइल-पीटीआई)

शिवहर सीटः रघुनाथ झा की धरती पर क्या इस बार भी JDU को मिलेगी जीत

24 सितंबर 2020

शिवहर विधानसभा सीट पर 2015 के विधानसभा चुनाव में जनता दल यूनाइटेड के शरफुद्दीन ने कांटेदार मुकाबले में जीत हासिल की थी. उन्होंने हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेकुलर) के उम्मीदवार को महज 461 मतों के अंतर से हराया था. शरफुद्दीन को 29.7% वोट मिले जबकि दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार को 29.4% वोट हासिल हुए.

क्या VRS लेकर चुनाव लड़ना चाहते हैं बिहार DGP गुप्तेश्वर पांडे?

24 सितंबर 2020

बिहार के DGP गुप्तेश्वर पांडे ने समय से पहले र‍िटायरमेंट (VRS) लिया है. गुप्तेश्वर पांडे ने ऐसे समय में VRS लिया है जब ब‍िहार चुनाव का बिगुल बज चुका है. माना जा रहा कि वह NDA के उम्मीदवार के तौर पर सियासी पिच पर किस्मत आजमा सकते हैं. हालांकि, गुप्तेश्वर पांडे ने चुनावी मैदान में उतरने के लिए 11 साल पहले भी VRS लिया था, लेकिन BJP से टिकट नहीं मिलने के बाद वो 'घर वापसी' कर गए थे.

खाकी से खादी में नजर आएंगे DGP गुप्तेश्वर पांडेय! देखें Inside Story

23 सितंबर 2020

बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय सुशांत केस में अपने बयानों की वजह से सुर्खियों में रहे हैं. आज उन्होंने अपने Voluntary Retirement यानी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का ऐलान कर दिया है और बिहार सरकार ने उनके आवेदन को स्वीकार भी कर लिया है. उनकी जगह होमगार्ड के डीजीपी एस.के सिंघल को बिहार डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. गुप्तेश्वर पांडेय की Inside Story और भी ज्यादा दिलचस्प है. देखें

बिहार चुनाव से पहले महागठबंधन पूरी तरीके से बिखरता नजर आ रहा है

बिहार: महागठबंधन में रार जारी, RLSP नेता ने कहा- NDA में जाने के विकल्प खुले

23 सितंबर 2020

राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के प्रधान महासचिव माधव आनंद ने बुधवार को महागठबंधन में सीटों के बंटवारे के अनसुलझे मुद्दे को लेकर पार्टी की ओर से नाराजगी व्यक्त की. माधव आनंद ने कहा कि महागठबंधन में इस वक्त सीटों के तालमेल और मुख्यमंत्री का उम्मीदवार कौन होगा, इसको लेकर कन्फ्यूजन की स्थिति बनी हुई है.

जेडीयू विधायक अशोक कुमार सिंह (फाइल फोटो)

रफीगंज विधानसभा सीट: क्या JDU के अशोक कुमार सिंह लगाएंगे जीत की हैट्रिक?

23 सितंबर 2020

औरंगाबाद जिले की रफीगंज विधानसभा सीट पर लड़ाई रोचक हो गई है. पिछले दो चुनाव से इस सीट से जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के अशोक कुमार सिंह जीतते आ रहे हैं. इस बार आरजेडी और जेडीयू दोनों के लिए यह सीट प्रतिष्ठा का सवाल बनी हुई है.

प्रतीकात्मक तस्वीर

औरंगाबाद विधानसभा सीट: कांग्रेस बचा पाएगी अपना दुर्ग या बीजेपी की होगी वापसी?

23 सितंबर 2020

2015 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से कांग्रेस के आनंद शंकर सिंह ने जीत दर्ज की थी. उससे पहले बीजेपी के रामधार सिंह 2005 और 2010 का चुनाव जीते थे. ऐसे में कांग्रेस के सामने अपना दुर्ग बचाने की चुनौती होगी, वहीं बीजेपी को वापसी की दरकार होगी.

बिहार सरकार के पूर्व DGP गुप्तेश्वर पांडेय (फाइल-पीटीआई)

मौका मिला तो चुनाव लड़ूंगा, VRS के लिए किया गया मजबूर: गुप्तेश्वर पांडेय

23 सितंबर 2020

वीआरएस लेने के एक दिन बाद पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने अपने फेसबुक लाइव के जरिए चुनाव लड़ने की संभावना के बारे में कहा कि क्या चुनाव लड़ना पाप है. वीआरएस लेकर चुनाव लड़ना पाप है. क्या मैं ऐसा पहली बार कर रहा हूं.

लालू यादव की जन्मस्थली से ही कैसे गायब होता गया RJD का करिश्मा?

23 सितंबर 2020

लालू यादव ने भले ही ब‍िहार की Saran Lok Sabha Seat को अपनी सियासी कर्मभूमि बनाया हो लेकिन उनके जन्मस्थान गोपालगंज की सीट पर भी लालू यादव की RJD का लंबे समय तक दबदबा रहा है. लेकिन अब पिछले कुछ Bihar Elections के आंकड़े बताते हैं कि अब RJD का करिश्मा गोपालगंज से गायब से होता जा रहा है.