Ravi
BJP
Laxmi Chandra Kharvar
BSP
Purnima
JANADIP
Brijesh Kumar
INC
Nota
NOTA
Suresh
AAAP
Vijay Vikram
IND
Ram Karan
BMUP
उत्तर प्रदेश में वोटर लिस्ट में डुप्लिकेट नामों के मामले पर चुनाव आयोग सख्त हो गया है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे नामों की पहचान कर फॉर्म-7 के जरिए उन्हें हटाने की कार्रवाई की जाए. लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे.
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के आवास पर उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक हुई. इसमें सपा के साथ गठबंधन और सीटों के बंटवारे को लेकर चर्चा की गई. कांग्रेस पार्टी जल्द ही 125-140 सीटों की सूची तैयार कर समाजवादी पार्टी को सौंपेगी.
उत्तर प्रदेश का राजनीतिक इतिहास सत्ता के संघर्ष और मुख्यमंत्रियों के बदलते दौर की कहानी बयां करता है. 1970 और 1980 के दशक में हेमवती नंदन बहुगुणा, एनडी तिवारी और वीपी सिंह जैसे नेताओं ने राज्य का नेतृत्व किया. आपातकाल, जेपी आंदोलन और कानून-व्यवस्था की चुनौतियों के बीच यूपी की राजनीति ने कई ऐतिहासिक मोड़ देखे. जानिए किस तरह सियासी फैसलों ने राज्य की दिशा तय की.
यह विवरण उत्तर प्रदेश के राजनीतिक इतिहास और मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल पर प्रकाश डालता है. इसमें वीपी सिंह के इस्तीफे से लेकर श्रीपति मिश्र, नारायण दत्त तिवारी और वीर बहादुर सिंह के दौर की प्रमुख घटनाओं का जिक्र है. 1989 में जनता दल की जीत के बाद मुलायम सिंह यादव का मुख्यमंत्री बनना और अयोध्या राम मंदिर आंदोलन का प्रभाव इस दौर की सबसे बड़ी राजनीतिक घटना बनी.
बहुजन समाज पार्टी को फिर से मजबूत करने और 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए सियासी जमीन तैयार करने के उद्देश्य से नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद का तूफानी चुनावी दौरा 28 अक्टूबर से शुरू होने जा रहा है. आकाश के सामने पार्टी के बिखरे काडर को जोड़ने और पुरानी साख वापस पाने की कड़ी चुनौती भी है.
उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव ने बुजुर्गों के लिए मुफ्त तीर्थ यात्रा बसों को हरी झंडी दिखाई है. समाजवादी पार्टी सॉफ्ट हिंदुत्व के जरिए बहुसंख्यक मतदाताओं को साधने की रणनीति बना रही है. यह निशुल्क यात्रा बुलंदशहर के श्रद्धालुओं के लिए शुरू की गई है. हालांकि, योगी सरकार भी प्रदेश में अहिल्याबाई योजना जैसी कई मुफ्त धार्मिक यात्रा योजनाएं चला रही है. 2027 के चुनावों में सपा की यह रणनीति कितनी सफल होगी, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं.
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी ने अपनी तैयारियां बढ़ा दी हैं और 26 नवंबर को पार्टी अपना घोषणापत्र जारी करने वाली है.
उत्तर प्रदेश में यादव समाज के राजनीतिक प्रभाव और चुनावी समीकरणों को रेखांकित करती इस रिपोर्ट में सूबे की सियासत में उनके मजबूत दखल, आबादी के आंकड़ों और प्रमुख सीटों की पूरी तस्वीर पेश की गई है. आइए जानते हैं कि यूपी में यादव समुदाय का वोटबैंक कितना अहम है?
कन्नौज में पीडीए सम्मेलन के दौरान भीड़ न जुटने और खाली कुर्सियों का वीडियो वायरल होने पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सख्त एक्शन लिया है। अखिलेश यादव ने कन्नौज की संगठन इकाई को भंग कर दिया है। इससे पहले कासगंज और गोरखपुर में भी ऐसी ही कार्रवाई की जा चुकी है। अनुशासनहीनता और लापरवाही पर सपा प्रमुख लगातार कड़े कदम उठा रहे हैं।
आगरा जिले की पहचान ताजमहल, फतेहपुर सीकरी, पेठे और जूता उद्योग से है. उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी इस जिले की अहम भूमिका है. यहां आगरा कैंट, आगरा नॉर्थ, आगरा ग्रामीण, आगरा साउथ, बाह, एत्मादपुर, फतेहाबाद, फतेहपुर सीकरी और खेरागढ़ समेत नौ विधानसभा सीटें हैं. 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने सभी नौ सीटों पर जीत दर्ज की थी. जानिए आगरा का राजनीतिक इतिहास और चुनावी समीकरण.