Sheetal Kushwaha
BSP
Raghvendra Pratap Singh
SP
Siddarth Devolia
INC
Nota
NOTA
Rambihari
IND
Bhagwan Singh
BMUP
Brijesh Chandra
JDL
Moolsharan
JANADIP
Suresh Babu
IND
Ravindra Kumar
IND
Ram Ji
AAAP
Jagatpal
IND
Jitendra Singh
IND
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर जमकर निशाना साधा है. लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कई गंभीर आरोप लगाए. अखिलेश यादव ने कहा कि वर्तमान सरकार ने लोक कलाकारों, कवियों, खिलाड़ियों और साहित्यकारों को दी जाने वाली यश भारती सम्मान राशि बंद कर दी है. उन्होंने घोषणा की कि राज्य में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर इन सभी को फिर से सम्मानित किया जाएगा और मासिक सम्मान राशि को 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये किया जाएगा.
बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने आगामी चुनावों को देखते हुए संगठन में एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण फेरबदल किया है. पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के उद्देश्य से मायावती ने पूरे देश के सांगठनिक ढांचे को तीन अलग-अलग सेक्टरों में विभाजित कर दिया है.
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल हमेशा से ही भारत की संवैधानिक संस्थाओं को नुकसान पहुंचाने और अपने राजनीतिक हितों के लिए लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने की कोशिश करते रहे हैं. इस बार भी वे देश के सबसे बड़े लोकतंत्र को बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं. विपक्षी दलों, विशेष रूप से कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और राजद द्वारा चुनाव आयोग और मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर फैलाया जा रहा भ्रम बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और गैर-जिम्मेदाराना है.
मायावती ने पार्टी संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए इसे तीन सेक्टरों में बांटा है. इनकी जिम्मेदारी वरिष्ठ नेताओं को सौंपी गई है. सेक्टर-1 में 10 राज्यों की जिम्मेदारी रामजी गौतम और सुरेश राव को दी गई है, जबकि सेक्टर-2 में 9 राज्यों की जिम्मेदारी राजाराम और अतरसिंह यादव को दी गई है.
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने अपनी मीडिया रणनीति और प्रवक्ताओं की तैयारी को मजबूत करने के लिए एक अहम बैठक बुलाई. बैठक में प्रवक्ताओं की गलतियों को वीडियो प्रेजेंटेशन पर दिखाया गया और बिना तैयारी के टीवी डिबेट में शामिल होने पर कड़ी चेतावनी दी गई.
CM योगी ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर SIR और EVM को लेकर तीखा हमला किया. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है. चुनाव आयोग को बदनाम करने की साजिश रच रहा है.
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने PM नरेंद्र मोदी के साथ मीटिंग की. इस मीटिंग के दौरान मुख्य रूप से राज्यसभा, विधानसभा और एमएलसी चुनावों को लेकर अहम चर्चा हुई. राज्यसभा की 10 सीटों को लेकर रणनीति पर बातचीत की गई.
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपनी पार्टी के प्रवक्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की है. इस बैठक में अखिलेश यादव ने सभी प्रवक्ताओं को सख्त हिदायत देते हुए कहा है कि कोई भी प्रवक्ता बिना पूरी तैयारी के किसी भी टीवी डिबेट या चर्चा में हिस्सा न ले. उन्होंने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव का जिक्र करते हुए कहा कि आज का दौर सोशल मीडिया का है, जहां सिर्फ 10 सेकंड की एक छोटी सी वीडियो रील भी किसी पार्टी की छवि को बना या बिगाड़ सकती है. इसलिए डिबेट में जाते समय विशेष सावधानी बरतनी बहुत जरूरी है. इसके साथ ही अखिलेश यादव ने प्रवक्ताओं को एक और बड़ी नसीहत दी है.
रायबरेली में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव की पीडीए रथ यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत में गरमागरम बहस छिड़ गई है. इस बहस में भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के प्रवक्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली. बीजेपी समर्थकों का कहना है कि अखिलेश यादव की यह रैली केवल दबाव की राजनीति का हिस्सा है और कांग्रेस को ब्लैकमेल करने के लिए की गई है. बीजेपी का आरोप है कि समाजवादी पार्टी ने हमेशा परिवारवाद और अपराधियों को बढ़ावा दिया है, जिसे उत्तर प्रदेश की जनता अब कभी स्वीकार नहीं करेगी.
उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे और राजनीतिक वर्चस्व को लेकर खींचतान जारी है. बीजेपी प्रवक्ता शिवम त्यागी ने विपक्ष के इस बिखराव पर तंज कसते हुए उन्हें 'नाराज फूफा' करार दिया है. उनका कहना है कि विपक्षी दलों में आपसी तालमेल की भारी कमी है, जिसके चलते वे ईवीएम और चुनाव आयोग पर ठीकरा फोड़ते हैं. दूसरी तरफ, कांग्रेस प्रवक्ता गुरदीप सप्पल ने गठबंधन का बचाव किया और दावा किया कि 2024 के नतीजों ने जमीन पर हकीकत बदल दी है. उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी गंभीर सवाल उठाए.