Mohd. Arshad Khan
SP
Saleem Khan
BSP
Nadeem Javed
INC
Abhayraj
AIMIM
Anjoo
VSIP
Er.vivek Maurya
JANADIP
Vikas Kumar Pandey
AJPI
Dr Vinod Kumar Singh Vats
AAAP
Meethaee Lal
PPID
Sunil Kumar Upadhyay
RASJGP
Ram Kesh Yadav
BMUP
Nota
NOTA
Yashwant Kumar Gupta
GAPP
Aman Khan
IND
Dinesh Singh(rinku Bhaiya)
JDL
Ashish Kumar
RSTRVVP
Akhilesh Kumar Singh
IND
Radha Krishna
IND
Chandramani Pandey
RSPS
Shashi Dubey
SHS
Vishal
IND
Brijesh
BDPty
Ishwar Dayal Singh Seth
BRSBD
Pravin
SUCI
Vijay Kumar Upadhyay
IND
यूपी की सियासत में चिराग पासवान की पार्टी ने 403 सीटों पर तैयारी शुरू कर दी है. गठबंधन को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं है, लेकिन चिराग के ताजा बयान से इतना जरूर साफ है कि पार्टी ने अपने विकल्प खुले रखे हैं.
लखनऊ के जीपीओ स्थित पटेल पार्क में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने परोक्ष रूप से समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा था. इसी भाषण का वीडियो क्लिप शेयर करते हुए अखिलेश यादव ने पलटवार किया है.
एआईएमआईएम के मध्य उत्तर प्रदेश अध्यक्ष शेख ताहिर सिद्दीकी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 80-20 वाले बयान पर पलटवार किया है. उनका कहना है कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को ऐसी बात शोभा नहीं देती और मुख्यमंत्री 100 फीसदी जनता के हैं. योगी ने 80 फीसदी को एनडीए और 20 फीसदी को पीडीए से जोड़ा था.
रुहेलखंड की सियासत में 12 साल पहले मेनका और वरुण गांधी की सीटें बदलकर जिस धर्मेंद्र कश्यप को बीजेपी ने आगे बढ़ाया था, अब उनके बागी होने से पार्टी के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है. राज्यसभा टिकट न मिलने से नाराज कश्यप के सपा में जाने की चर्चाओं से रुहेलखंड बेल्ट में बीजेपी की 'सोशल इंजीनियरिंग' बिगड़ सकती है.
कानपुर के लोकप्रिय कॉमेडियन और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अन्नू अवस्थी सीसामऊ सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की उम्मीद में हैं. उन्होंने पिछले 25 सालों में क्षेत्र में कोई बड़ा विकास न होने का दावा करते हुए सोलंकी परिवार के राजनीतिक एकाधिकार पर कड़ा हमला बोला है. बचपन में संघ की शाखा से जुड़ाव और अपनी हाईस्कूल तक की पढ़ाई का सच सामने लाते हुए aajtak.in से बातचीत में अनोखे चुनावी संकल्प भी जनता के सामने रखे हैं.
यूपी में राज्यसभा चुनाव के बाद बीजेपी के भीतर असंतोष गहराता दिख रहा है. पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप के सपा में जाने के संकेतों और पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर के परिवार की खुलकर जताई नाराजगी ने बीजेपी के पासी और कश्यप वोटबैंक समीकरण पर बड़ा संकट खड़ा कर दिया है.
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी से पीछे चलने और शांत रहने पर उठे सवालों के बीच अखिलेश यादव ने खुद अस्वस्थ होने की बात कही है. वहीं, पार्टी नेताओं का साफ कहना है कि अखिलेश के ढीले तेवर के पीछे वजह सिर्फ उनकी खराब सेहत थी, न कि कांग्रेस से कोई सियासी दूरी.
बीजेपी ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव को अहंकारी बताया है और कहा है कि इसी वजह से उत्तर प्रदेश में दोनों के बीच गठबंधन नहीं हो पा रहा है. बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने बताया कि दिल्ली में चुनाव आयोग के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन में भी दोनों नेता अलग-अलग नजर आए.
चुनाव आयोग के खिलाफ दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और अखिलेश यादव एक साथ तो दिखे, लेकिन उनके बीच पहले जैसी गर्मजोशी नदारद रही. दिल्ली में बढ़ी इस दूरी और अखिलेश की सधी हुई खामोशी ने यूपी में सपा-कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे और गठबंधन के भविष्य को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं.
राज्यसभा चुनाव में सपा द्वारा तीसरा प्रत्याशी न उतारे जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं कि क्या पार्टी 111 विधायकों के जादुई आंकड़े से पिछड़ गई. हालांकि, क्रॉस-वोटिंग के जोखिम से बचने और 2027 के विधानसभा चुनाव पर ध्यान केंद्रित करने की अखिलेश यादव की रणनीति के चलते पार्टी ने केवल दो सीटों पर ही अपने उम्मीदवार सीमित रखे हैं.