चमरौआ, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में स्थित एक ब्लॉक और सामान्य विधानसभा क्षेत्र है. यह इलाका मुख्य रूप से खेती-बाड़ी और ग्रामीण परिवेश के लिए जाना जाता है.
यह रामपुर लोकसभा क्षेत्र के पांच हिस्सों में से एक है. इसमें रामपुर तहसील के चमरौआ और सैदनगर कानूनगो सर्कल के साथ-साथ स्वार तहसील का मटखेरा कानूनगो सर्कल भी शामिल है. दिलचस्प बात यह है कि चमरौआ गांव, जिसके नाम पर इस विधानसभा क्षेत्र का नाम रखा गया है, खुद चमरौआ विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा नहीं है. यह मुस्लिम-बहुल और पूरी तरह से ग्रामीण सीट है.
परिसीमन आयोग के आदेश के बाद 2008 में बने चमरौआ में अब तक तीन विधानसभा और चार लोकसभा चुनाव हो चुके हैं. समाजवादी पार्टी ने ज्यादातर चुनावों में जीत हासिल करके चमरौआ को अपना गढ़ बना लिया है.
बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने 2012 में हुए पहले चुनाव में जीत हासिल की थी, जिसमें अली यूसुफ अली उनके उम्मीदवार थे. उन्होंने समाजवादी पार्टी के नसीर अहमद खान को 1,846 वोटों से हराया था.
2017 में नतीजे बदल गए, समाजवादी पार्टी के नसीर अहमद खान ने मौजूदा BSP विधायक अली यूसुफ अली को 34,376 वोटों के बड़े अंतर से हराया. 2022 में ये दोनों नेता फिर आमने-सामने थे. नसीर अहमद खान ने समाजवादी पार्टी के लिए यह सीट बरकरार रखी. उन्होंने BJP के मोहन कुमार लोधी को 34,290 वोटों से हराया, जबकि BSP छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए अली यूसुफ अली बहुत पीछे रहकर तीसरे स्थान पर रहे. नसीर अहमद खान को 1,00,976 वोट मिले, जबकि BJP के मोहन कुमार लोधी को 66,686 वोट मिले.
हालांकि, चमरौआ क्षेत्र में लोकसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी को कोई परेशानी नहीं हुई है, क्योंकि पार्टी सभी चार संसदीय चुनावों में सबसे आगे रही है. 2009 में इसने कांग्रेस पार्टी पर 1,866 वोटों की बढ़त बनाई थी. 2014 में BJP के मुकाबले समाजवादी पार्टी की बढ़त बढ़कर 21,870 वोट हो गई. 2019 में यह अंतर और बढ़कर BJP के खिलाफ 39,840 वोट हो गया. 2024 में भी समाजवादी पार्टी अपनी बढ़त बनाए रखने में कामयाब रही और BJP से 39,248 वोटों से आगे रही. इस चुनाव में मोहिबुल्लाह नदवी को 104,528 वोट मिले, जबकि BJP के घनश्याम सिंह लोधी को 65,280 वोट मिले.
2012 में चमरौआ में 268,465 रजिस्टर्ड वोटर थे, जिनकी संख्या समय के साथ बढ़ती गई. 2017 में यह संख्या 299,126, 2019 में 303,602, 2022 में 307,984 और 2024 में 313,588 थी.
चमरौआ में वोटिंग प्रतिशत 2012 में 61.61%, 2017 में 64.95%, 2019 में 63.41% और 2022 में 65.13% दर्ज किया गया था, जो 2024 के लोकसभा चुनावों में काफी गिरकर 57.84% रह गया.
चमरौआ मुस्लिम-बहुल निर्वाचन क्षेत्र है, जिसका असर BJP के समाजवादी पार्टी से आगे निकलने के संघर्ष में दिखता है. यहां के कुल वोटरों में अनुसूचित जातियों की हिस्सेदारी लगभग 8.96% है. यह मुख्य रूप से ग्रामीण सीट है, जहां केवल 1.96% वोटर ही शहरी इलाकों में रहने वाले हैं.
चमरौआ निर्वाचन क्षेत्र की स्थानीय अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से खेती और उससे जुड़ी गतिविधियों पर टिकी है. गन्ना, अनाज और बागवानी यहां की मुख्य फसलें हैं. यहां के कई निवासी खेती, कृषि-आधारित कामों और छोटे-मोटे व्यापार में लगे हुए हैं. वोटरों के लिए मुख्य मुद्दों में गन्ने की कीमतें, सिंचाई, बिजली की आपूर्ति, रोजगार के अवसर और बेहतर सड़क संपर्क शामिल हैं. भौगोलिक रूप से, चमरौआ ब्लॉक पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उपजाऊ मैदानी इलाकों में स्थित है. यहां की जमीन ज्यादातर समतल है. इस इलाके में जिला और राज्य के हाईवे के जरिए अच्छी सड़क कनेक्टिविटी है. ब्लॉक के अंदर कोई रेलवे स्टेशन नहीं है. सबसे नजदीकी मुख्य रेलवे स्टेशन रामपुर जंक्शन है. चमरौआ ब्लॉक जिला मुख्यालय रामपुर शहर के बहुत पास है, जबकि स्वार यहां से लगभग 30-35 किमी दूर है. यह मुरादाबाद से लगभग 50-55 किमी, दिल्ली से लगभग 160-170 किमी और राज्य की राजधानी लखनऊ से लगभग 340-350 किमी दूर है.
बीजेपी ने चमरौआ और उन 60 अन्य विधानसभा क्षेत्रों पर खास ध्यान देने और मतदाताओं तक जोर-शोर से पहुंचने की योजना बनाई है, जहां वह 2012 से जीत नहीं पाई है. उसकी पूरी कोशिश भी तब तक शायद काफी न हो, जब तक समाजवादी पार्टी के मुस्लिम वोट बैंक में बड़ी सेंध न लगाई जाए. इसलिए बीजेपी अपना काम आसान बनाने के लिए बीएसपी और एआईएमआईएम (AIMIM) की ओर देखेगी और साथ ही यह भी उम्मीद करेगी कि कांग्रेस पार्टी भी यहां अपना उम्मीदवार उतारे. समाजवादी पार्टी के लिए एकमात्र चिंता अपने मौजूदा विधायक नसीर अहमद खान के लिए कोई उपयुक्त उत्तराधिकारी खोजना हो सकती है. खान पहले ही 87 साल के हो चुके हैं और बीजेपी के बढ़ते दबाव को देखते हुए चुनाव लड़ने और प्रचार करने की भागदौड़ के लिए शायद बहुत कमजोर हैं. अगर हालात बीजेपी की उम्मीद और योजना के मुताबिक नहीं रहे, तो चमरौआ में एक और एकतरफा चुनाव देखने को मिल सकता है, जिसके नतीजे को लेकर शायद ही कोई शक हो.
(अजय झा)
Mohan Kumar Lodhi
BJP
Ali Yusuf Ali
INC
Abdul Mustafa Husain
BSP
Nota
NOTA
Faheem Ahmed
IND
Jitender Kumar
SDU
Rajpal
IND
Zulfiqar Ali Turk
AAAP
Kripal Singh
IND
Akhilesh Kumar
IND
Zubair
JRJP
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