Dayaram Chaudhary
BJP
Dr. Alok Ranjan Verma
BSP
Devendra Kumar Srivastava
INC
Nota
NOTA
Ambrish Dev Gupta 'sonu'
BHMPP
Babita Shukla
IND
Gyan Prakash Tripathi
ALJSP
Ramesh Kumar Singh
AAAP
Ram Prasad Chaurasiya
JKiP
Arbabul Haq
ASPKR
Pradeep Kumar
BMUP
उत्तर प्रदेश का राजनीतिक इतिहास सत्ता के संघर्ष और मुख्यमंत्रियों के बदलते दौर की कहानी बयां करता है. 1970 और 1980 के दशक में हेमवती नंदन बहुगुणा, एनडी तिवारी और वीपी सिंह जैसे नेताओं ने राज्य का नेतृत्व किया. आपातकाल, जेपी आंदोलन और कानून-व्यवस्था की चुनौतियों के बीच यूपी की राजनीति ने कई ऐतिहासिक मोड़ देखे. जानिए किस तरह सियासी फैसलों ने राज्य की दिशा तय की.
यह विवरण उत्तर प्रदेश के राजनीतिक इतिहास और मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल पर प्रकाश डालता है. इसमें वीपी सिंह के इस्तीफे से लेकर श्रीपति मिश्र, नारायण दत्त तिवारी और वीर बहादुर सिंह के दौर की प्रमुख घटनाओं का जिक्र है. 1989 में जनता दल की जीत के बाद मुलायम सिंह यादव का मुख्यमंत्री बनना और अयोध्या राम मंदिर आंदोलन का प्रभाव इस दौर की सबसे बड़ी राजनीतिक घटना बनी.
बहुजन समाज पार्टी को फिर से मजबूत करने और 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए सियासी जमीन तैयार करने के उद्देश्य से नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद का तूफानी चुनावी दौरा 28 अक्टूबर से शुरू होने जा रहा है. आकाश के सामने पार्टी के बिखरे काडर को जोड़ने और पुरानी साख वापस पाने की कड़ी चुनौती भी है.
उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव ने बुजुर्गों के लिए मुफ्त तीर्थ यात्रा बसों को हरी झंडी दिखाई है. समाजवादी पार्टी सॉफ्ट हिंदुत्व के जरिए बहुसंख्यक मतदाताओं को साधने की रणनीति बना रही है. यह निशुल्क यात्रा बुलंदशहर के श्रद्धालुओं के लिए शुरू की गई है. हालांकि, योगी सरकार भी प्रदेश में अहिल्याबाई योजना जैसी कई मुफ्त धार्मिक यात्रा योजनाएं चला रही है. 2027 के चुनावों में सपा की यह रणनीति कितनी सफल होगी, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं.
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी ने अपनी तैयारियां बढ़ा दी हैं और 26 नवंबर को पार्टी अपना घोषणापत्र जारी करने वाली है.
उत्तर प्रदेश में यादव समाज के राजनीतिक प्रभाव और चुनावी समीकरणों को रेखांकित करती इस रिपोर्ट में सूबे की सियासत में उनके मजबूत दखल, आबादी के आंकड़ों और प्रमुख सीटों की पूरी तस्वीर पेश की गई है. आइए जानते हैं कि यूपी में यादव समुदाय का वोटबैंक कितना अहम है?
कन्नौज में पीडीए सम्मेलन के दौरान भीड़ न जुटने और खाली कुर्सियों का वीडियो वायरल होने पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सख्त एक्शन लिया है। अखिलेश यादव ने कन्नौज की संगठन इकाई को भंग कर दिया है। इससे पहले कासगंज और गोरखपुर में भी ऐसी ही कार्रवाई की जा चुकी है। अनुशासनहीनता और लापरवाही पर सपा प्रमुख लगातार कड़े कदम उठा रहे हैं।
आगरा जिले की पहचान ताजमहल, फतेहपुर सीकरी, पेठे और जूता उद्योग से है. उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी इस जिले की अहम भूमिका है. यहां आगरा कैंट, आगरा नॉर्थ, आगरा ग्रामीण, आगरा साउथ, बाह, एत्मादपुर, फतेहाबाद, फतेहपुर सीकरी और खेरागढ़ समेत नौ विधानसभा सीटें हैं. 2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने सभी नौ सीटों पर जीत दर्ज की थी. जानिए आगरा का राजनीतिक इतिहास और चुनावी समीकरण.
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों पर हो रहे चुनाव के लिए राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं, जहां स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की इन सीटों पर मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी से कहीं ज्यादा सत्ताधारी बीजेपी की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है.
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के बीच AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने रामपुर में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि अब किसी नेहरू गांधी या यादव को नेता नहीं बनने दिया जाएगा. ओवैसी ने अखिलेश यादव और योगी आदित्यनाथ पर भी तंज कसा और कहा कि उनका वक्त आया था, लेकिन अब AIMIM का दौर आएगा.