Madhusudan Sharma
SP
Nitin Verma
BSP
Nota
NOTA
Manoj Dixit
INC
Neeraj Kumar Karauria
AAAP
Sukhram
IND
Vijay Pratap Singh
IND
Brijendra Singh
IND
Rambaran
IND
Naresh
IND
Sarvesh Kumar
BMJP
Ashok Kumar
IND
Kaushal Kishor
IND
Styendra Baghel
RSPS
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की सभी 10 सीटों पर परिणाम साफ हो गए हैं, जहां बीजेपी के 8 और सपा के 2 उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए हैं. किसी अन्य प्रत्याशी के मैदान में न होने के कारण बिना मतदान के ही सभी 10 नेताओं की जीत घोषित कर दी गई है.
उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने जेवर के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम बदलकर ‘नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नोएडा-जेवर’ करने को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे प्रदेश के लिए बड़ी सौगात बताया और प्रधानमंत्री का आभार जताया. अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि जाने वाले लोग निशानी छोड़ना चाहते हैं और डबल इंजन सरकार के पास जनता के लिए अपना कोई काम नहीं है.
उत्तर प्रदेश में साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल अभी से ही काफी गरमा गया है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे को लेकर भारतीय जनता पार्टी और सपा के बीच तीखी जुबानी जंग शुरू हो गई है. उत्तर प्रदेश बीजेपी ने सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव को घेरते हुए लिखा कि बहरूपिया भेष बदलकर फिर वापस आ गया है.
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी को एक बड़ा झटका लगने वाला है. पार्टी से बगावत करने वाले तीन विधायक राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी अब आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल होने जा रहे हैं. इसके लिए 14 अक्टूबर को अमेठी के गौरीगंज में बीजेपी की ओर से एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है. इस कार्यक्रम में बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में ये तीनों नेता पार्टी की सदस्यता लेंगे.
उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है. समाजवादी पार्टी को अमेठी और उसके आसपास के इलाकों में बड़ा झटका लगा है. पार्टी के तीन बागी विधायक जल्द ही भारतीय जनता पार्टी का दामन थामने जा रहे हैं. इन विधायकों में विनोद चतुर्वेदी, राकेश प्रताप सिंह और अभय सिंह के नाम शामिल हैं. ये तीनों विधायक पिछले राज्यसभा चुनाव के समय से ही समाजवादी पार्टी से बगावत कर रहे थे. अब खबर है कि अमेठी के गौरीगंज में 14 अक्टूबर को एक भव्य कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है.
उत्तर प्रदेश की सियासत में अयोध्या का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव हाल ही में अयोध्या के दौरे पर पहुंचे थे. हालांकि, इस दौरे के दौरान वे राम मंदिर के दर्शन करने नहीं गए, जिसको लेकर भारतीय जनता पार्टी ने उन पर तीखा हमला बोला है. बीजेपी नेताओं ने अखिलेश यादव को 'बहुरूपिया' करार दिया है. अयोध्या दौरे के दौरान अखिलेश यादव ने श्रीमद भागवत कथा के मंच पर त्रिशूल और सुदर्शन चक्र धारण किया, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं.
उन्नाव से बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने अपनी ही सरकार और संगठन में लोधी समाज की उपेक्षा का आरोप लगाकर सियासी हलचल बढ़ा दी है. उन्होंने पूर्व सीएम कल्याण सिंह का जिक्र करते हुए चेतावनी दी है कि लोधी समाज को उचित प्रतिनिधित्व न मिलने से 2027 के चुनाव में पार्टी को नुकसान हो सकता है.
सपा के तीन बागी विधायक- राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी की बीजेपी में एंट्री से 2027 के चुनाव से पहले अवध और बुंदेलखंड का सियासी पारा चढ़ गया है. बागियों को साधने के चक्कर में बीजेपी के सामने अपनी पारंपरिक सीटों पर 'ठाकुर बनाम ब्राह्मण' के अंदरूनी असंतोष को संभालने और सामाजिक संतुलन बनाए रखने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है.
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर गरमाहट आ गई है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की खुली चुनौती दे दी है. अखिलेश यादव पांच साल के लंबे अंतराल के बाद भगवान राम की नगरी अयोध्या के दौरे पर पहुंचे थे. हालांकि, इस दौरे के दौरान उन्होंने रामलला के दर्शन नहीं किए, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी तेज हो गई है.
एक लाख करोड़ का निर्यात मंजिल नहीं, एक पड़ाव है जिसकी दिशा स्पष्ट है. जेवर की चिप इकाई, लखनऊ के आईटी पार्क, प्रस्तावित जापान सिटी और काशी के रुद्राक्ष में बसा आबे मेमोरियल कॉरिडोर, ये सब मिलकर एक नए उत्तर प्रदेश का नक्शा गढ़ रहे हैं, जिसकी पृष्ठभूमि में राज्य का आर्थिक भूगोल है.