Anjani
SP
Kamala Shankar
BSP
Sanjoo Devi
INC
Babita
VSIP
Nota
NOTA
Tedhai
AIMIM
Kavita Rai
AAAP
सपा और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग पर मचे घमासान के बीच गैर-यादव ओबीसी नेताओं की राहुल गांधी से मुलाकात ने सियासी हलचल तेज कर दी है. इस मुलाकात से यह सवाल गहरा गया है कि कांग्रेस अपनी बार्गेनिंग पावर बढ़ा रही है या सपा से अलग होने का बैकअप प्लान तैयार कर रही है.
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर सियासी विवाद बढ़ गया है. कांग्रेस 200 सीटों की मांग कर रही है जबकि सपा की ओर से 50 सीटों का प्रस्ताव सामने आया है.
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने समाजवादी पार्टी और INDIA गठबंधन को गठबंधन का प्रस्ताव दिया है. उन्होंने मुसलमानों के वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल होने पर भी कड़ी आलोचना की.
उत्तर प्रदेश की सियासत में जिलों के नाम बदलना कोई नई बात नहीं है, लेकिन भदोही की कहानी कुछ अलग है, कालीन के लिए दुनिया भर में पहचान रखने वाला यह जिला पिछले तीन दशक में कई बार अपनी प्रशासनिक पहचान बदल चुका है.
उत्तर प्रदेश में आगामी 2027 के चुनावों को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं. पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने आजम खान की पत्नी ताजीन फातिमा से मुलाकात की, जिससे ये संदेश भी जा रहा है कि कांग्रेस आजम खान को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है.
भदोही में CM योगी ने जिले का नाम संत रविदास नगर करने का ऐलान किया. इस दौरान उन्होंने 2017 से पहले के यूपी के हालात पर विपक्ष को घेरा. साथ ही प्रदेश में 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिलने की बात कही.
उत्तर प्रदेश में चुनाव की आहट के बीच पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने रामपुर जाकर आजम खान की पत्नी डॉ ताज़ीन फातिमा से मुलाकात की. इससे पहले वे राहुल गांधी से मिले थे, इसलिए चर्चा तेज हो गई. मौर्य ने योगी सरकार पर आजम खान के साथ बदले की भावना और तानाशाही का आरोप लगाया, लेकिन पार्टी में जाने के सवाल पर कहा कि वे सिर्फ परिवार का हाल जानने आए थे.
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं. कई क्षेत्रीय दल और नेता अब कांग्रेस के करीब आ रहे हैं, जिससे सियासी हलचल तेज हो गई है. स्वामी प्रसाद मौर्य, संजय चौहान, पंकज निरंजन जैसे नेताओं ने राहुल गांधी से मुलाकात की है. कांग्रेस अब क्षेत्रीय दलों को जोड़कर अपनी स्थिति मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है.
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीट शेयरिंग को लेकर मतभेद जारी हैं. इस बीच कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि पार्टी को कम से कम 200 सीटें मिलनी चाहिए. उन्होंने कांग्रेस के देश के विकास में योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि गठबंधन में बराबर का सम्मान और हिस्सा मिलना जरूरी है.
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है. हाल ही में उप कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने सीटों के बंटवारे को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि हमारी बातचीत 200 सीटों को लेकर चल रही है. राजेंद्र पाल गौतम ने यह सवाल भी उठाया कि आखिर 150 सीटों की बात किसने शुरू की. यह बयान समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर कांग्रेस को 50 सीटें भी मिल जाएं तो यह बहुत बड़ी बात होगी.