Prashant Singh
NINSHAD
Dr. Saroj Kumar Pandey
BSP
Shaurabh Nishad
VSIP
Ramesh Chandra
INC
Umesh Kumar Maurya
JANADIP
Ramdhari
RTBGP
Nota
NOTA
Ramesh Kumar
AAAP
Dr.seema Pandey
IND
Ram Devi
IND
उत्तर प्रदेश की राजनीति में उप-चुनाव और 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी गर्माहट बढ़ती जा रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव एक-दूसरे पर जमकर हमला बोल रहे हैं. अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी पर फर्जी वोटिंग और वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाए हैं.
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच मुजफ्फरनगर जनपद की खतौली विधानसभा सीट का राजनीतिक माहौल काफी गर्माया हुआ है. खतौली विधानसभा क्षेत्र के भैंसी गांव में आयोजित एक चौपाल के दौरान जाट और मुस्लिम समाज के लोगों ने खुलकर अपनी बात रखी. भैंसी गांव को राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) का मजबूत गढ़ माना जाता है. इस चौपाल में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा आरएलडी अध्यक्ष जयंत चौधरी पर दिए गए 'चवन्नी' वाले बयान को लेकर लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला. ग्रामीणों का कहना है कि अखिलेश यादव का यह बयान बेहद गैर-जिम्मेदाराना और अपमानजनक है.
पश्चिमी उत्तर प्रदेश का मुजफ्फरनगर जिला अपनी गन्ने की खेती, गुड़ मंडी और किसान राजनीति के लिए जाना जाता है. लेकिन चुनावी नजरिये से इस जिले की अहमियत केवल खेती-किसानी तक सीमित नहीं है. यहां जातीय समीकरण, धार्मिक ध्रुवीकरण, किसान आंदोलन और राजनीतिक गठबंधन चुनावी नतीजों को प्रभावित करते रहे हैं. 2013 के दंगों के बाद जिले की राजनीति में आए बदलाव भी लगातार चुनावी चर्चा का हिस्सा रहे हैं.
उत्तर प्रदेश में 1 जनवरी 2027 को आधार मानकर मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण होगा. 12 नवंबर को मसौदा वोटर लिस्ट जारी होगी और 11 दिसंबर तक नाम जोड़ने, हटाने या गलती सुधारने के लिए आवेदन किए जा सकेंगे. 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची जारी होगी.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बांग्लादेश का जिक्र कर भारत में सत्ता परिवर्तन का सपना देखने वाली ताकतों पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सत्ता का रास्ता जनादेश से निकलता है, अराजकता से नहीं.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मौजूदा डबल इंजन सरकार ने विरासत और विकास का अद्भुत समन्वय किया है, उन्होंने धार्मिक आयोजनों और सांस्कृतिक परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में आज ऐसे आयोजनों के लिए अनुकूल माहौल है.
उत्तर प्रदेश की सियासत में 'मटका पॉलिटिक्स' चर्चा में है. बीजेपी के बाद अब समाजवादी पार्टी ने भी लखनऊ स्थित अपने कार्यालय में काले मटके रखे हैं. इन मटकों पर कई मुद्दों का जिक्र करते हुए समाजवादी पार्टी ने बीजेपी पर निशाना साधा है.
बहुजन समाज पार्टी के नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद फिर से यूपी की सियासी जमीन पर उतरने जा रहे हैं. 28 अक्टूबर से अलग-अलग इलाके में रैली करने जा रहे हैं. इस अभियान के तहत वह पार्टी प्रत्याशियों के नामों का ऐलान करने के साथ ही 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बसपा के सियासी जनाधार को फिर से मजबूत करने की कमान संभालेंगे.
समाजवादी पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई नए नेताओं को शामिल कराया गया. इस दौरान अखिलेश यादव ने बीजेपी और चुनाव आयोग की मिलीभगत पर गंभीर आरोप लगाए. सपा दफ्तर में बीजेपी के 'पाप के मटके' रखकर वोट चोरी और मतदाता सूची में गड़बड़ी के खिलाफ जोरदार मोर्चा खोला गया.
उत्तर प्रदेश की राजनीति में मल्लाह और निषाद समुदाय पूर्वांचल से लेकर मध्य यूपी तक एक निर्णायक राजनीतिक ताकत के रूप में है. तमाम सियासी दलों के बीच इस अहम वोट बैंक को साधने की होड़ मची है. ऐसे में आइए जानते हैं कि यूपी में कितनी आबादी, कितनी सीटों पर प्रभाव और सत्ता में कितना दखल रखते हैं?