तमिलगा वेत्री कषगम के प्रमुख विजय ने शुक्रवार को तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि उनकी ओर से सत्ता साझा करने का प्रस्ताव अब एक ‘राजनीतिक बम’ बन चुका है, जिसने राज्य के सभी प्रमुख गठबंधनों को हिला कर रख दिया है. ये बात उन्होंने सेलेनाइकनपट्टी में आयोजित एक बड़ी रैली को संबोधित करते हुए कही.
विजय ने कहा कि पिछले विक्रवांडी रैली में उनके पावर शेयरिंग प्रस्ताव का असर अब साफ तौर से देखने को मिल रहा है. उन्होंने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस प्रस्ताव के बाद वे असहज महसूस कर रहे हैं.
विजय ने कहा कि डीएमके गठबंधन केवल चुनाव जीतने के लिए गठित होता है, लेकिन सत्ता में आने के बाद सहयोगी दलों को नजरअंदाज कर देता है. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की गठबंधन राजनीति केवल चुनावी रणनीतियों तक सीमित रह गई है.
रैली में विजय ने अपने कट्टर आलोचकों को भी जवाब दिया और कहा कि उनका घर तमिलनाडु है और यहां के आठ करोड़ लोग उनका परिवार हैं. उनका लक्ष्य जनता के साथ दोस्ती बनाकर खड़ा होना है. उन्होंने वोट खरीदने की प्रवृत्ति पर कड़ी चेतावनी देते हुए युवाओं से कहा कि वे पैसे तो ले सकते हैं लेकिन अपना वोट टीवीके के वहिसल चिन्ह के पक्ष में दें.
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विजय ने कानून व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा और बढ़ते अपराध को लेकर चिंता जताई और सवाल उठाए कि अगर सब कुछ ठीक है तो अपराध की घटनाएं क्यों सामने आ रही हैं. उन्होंने चुनाव घोषणा पत्र जल्द जारी करने का वादा किया.
रैली के दौरान विजय को ‘वेत्रिवेल’, चाबुक और ‘सेंगोल’ जैसे प्रतीकात्मक उपहार भी दिए गए. उन्होंने जनता से भरोसा दिलाया कि सत्ता में आने के बाद भी वे संघर्ष करते रहेंगे और किसी पर आरोप लगाने के बजाय अपने कामों से बदलाव लाएंगे.