तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तैयारी हो चुकी है. 23 अप्रैल को 234 सीटों पर होने वाले मतदान में 5.73 करोड़ से ज्यादा मतदाता 4023 उम्मीदवारों के भविष्य का फैसला करेंगे. सुरक्षा के कड़े इंतजामों और प्रलोभनों पर सख्त निगरानी के बीच यह चुनाव बेहद अहम माना जा रहा है.
इस बार मुकाबला मुख्य रूप से DMK के नेतृत्व वाले 'इंडिया' गठबंधन और AIADMK के नेतृत्व वाले NDA के बीच है. एक तरफ CM एम.के. स्टालिन सत्ता बरकरार रखने की कोशिश में हैं, तो दूसरी ओर AIADMK के एडप्पादी के. पलानीस्वामी 5 साल बाद वापसी के लिए जोर लगा रहे हैं.
राज्य की मुख्य चुनाव अधिकारी अर्चना पटनायक ने बताया कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. उन्होंने कहा, "कुल मतदाताओं की संख्या 5.73 करोड़ है, जिसमें 2.93 करोड़ महिलाएं, 2.83 करोड़ पुरुष और 7,728 थर्ड जेंडर वोटर शामिल हैं." इस बार युवा मतदाताओं की भागीदारी भी खास है.
कुल 14,59,039 पहली बार वोट डालने वाले मतदाता पंजीकृत किए गए हैं, जो चुनावी तस्वीर को प्रभावित कर सकते हैं. मतदान के लिए 33,133 स्थानों पर 75,064 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं. इसके लिए 1,06,418 बैलेट यूनिट, 75,064 कंट्रोल यूनिट और VVPAT मशीनें तैनात की गई हैं.
किसी तकनीकी समस्या से निपटने के लिए EVM का 20 प्रतिशत और VVPAT का 30 प्रतिशत रिजर्व भी रखा गया है. चुनाव के दौरान पैसे और सामान के प्रभाव को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई है. अब तक कुल 1,262 करोड़ रुपए के सामान जब्त किए जा चुके हैं.
इनमें 543 करोड़ रुपए नकद और अन्य वस्तुएं शामिल हैं. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी सख्ती दिखाई गई है. 163 FIR दर्ज की गई हैं और 2,180 URL को हटाया या ब्लॉक किया गया है. इसके अलावा, सोशल मीडिया पर फैलाई गई गलत जानकारी के खिलाफ 243 खंडन जारी किए गए.
डिजिटल रिश्वतखोरी और नकद के बदले कूपन या चेक जैसे दिखने वाले पर्चों के मामलों पर भी कार्रवाई की गई है. CEO ने स्पष्ट किया कि ऐसे सभी मामलों में FIR दर्ज की गई है और साइबर क्राइम यूनिट्स की मदद से निगरानी जारी है. लॉजिस्टिक्स के लिहाज से भी तैयारियां व्यापक हैं.
68,501 सर्विस वोटर सूची में शामिल हैं, जिनमें 909 जवान पहली बार जुड़े हैं. डाक मतपत्रों के जरिए अब तक 4,18,541 वोट डाले जा चुके हैं, जबकि 1,10,595 चुनाव ड्यूटी प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं. 85 वर्ष से अधिक उम्र के 3,98,513 मतदाता भी सूची में शामिल हैं.
इनमें से कई घर से मतदान सुविधा का उपयोग कर चुके हैं. समावेशी चुनाव के लिए खास इंतजाम किए गए हैं. 249 मॉडल पोलिंग स्टेशन, 325 पिंक बूथ, 71 दिव्यांगों द्वारा संचालित बूथ और 29 युवा संचालित बूथ बनाए गए हैं. कुछ जिलों में ग्रीन पोलिंग स्टेशन का भी प्रयोग किया जा रहा है.