पुडुचेरी की सत्ता के लिए सबसे बड़ी जंग का बिगुल बज गया है. चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि इस बार पुडुचेरी की सभी सीटों पर एक ही चरण में मतदान होगा, जबकि 4 मई को चुनाव के नतीजे आएंगे. फिलहाल यहां एन रंगासामी की अगुवाई वाली एनडीए की सरकार है, लेकिन कांग्रेस इस बार अपनी खोई हुई सत्ता वापस पाने के लिए पूरी ताकत लगा रही है. सबसे कम सीटों वाली इस विधानसभा में एक ही दिन में होने वाला यह मुकाबला काफी रोचक होने वाला है.
केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा की कुल 30 सीटें हैं. पुडुचेरी में एन रंगासामी की अगुवाई वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकार है. पुडुचेरी विधानसभा का कार्यकाल 15 जून को पूरा हो रहा है. देश में सबसे कम सीटों वाली विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस खोई सत्ता पर फिर से काबिज होने के लिए पुरजोर प्रयास कर रही है. वहीं, रंगासामी की अगुवाई वाला गठबंधन सत्ता में वापसी के लिए पूरा जोर लगा रहा है.

कैसे रहे थे पिछले चुनाव नतीजे
केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के पिछले विधानसभा चुनाव में एन रंगासामी की ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के गठबंधन को 16 विधानसभा सीटों पर जीत मिली थी, जो बहुमत के लिए जरूरी आंकड़ा है. कांग्रेस की अगुवाई वाले गठबंधन को आठ और अन्य को छह सीटें मिली थीं. इन चुनावों में डीएमके के एसपी शिवकुमार और वी कार्तिकेयन के साथ ही कांग्रेस के एवी सुब्रमण्यम जैसे कद्दावर नेताओं को शिकस्त का सामना करना पड़ा था.
किस गठबंधन में कौन सी पार्टी
पुडुचेरी में एनआर कांग्रेस की अगुवाई वाले एनडीए में बीजेपी और एआईएडीएमके शामिल हैं. वहीं, कांग्रेस का गठबंधन डीएमके और लेफ्ट के साथ है. केंद्र शासित प्रदेश की चुनाव फाइट मुख्य रूप से इन दो गठबंधनों के बीच ही मानी जा रही है.