पश्चिम बंगाल के मालदा में अधिकारियों को बंधक बनाए जाने के मामले में अब सियासी माहौल काफी गरम हो गया है. इस मामले के कथित मास्टरमाइंड मोफक्कारुल इस्लाम की गिरफ्तारी के बाद तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं.
TMC का कहना है कि मोफक्कारुल इस्लाम और उसके दो साथी बीजेपी से जुड़े हुए हैं और उन्होंने मिलकर मालदा में गड़बड़ी फैलाने की साजिश रची. पार्टी ने दावा किया कि यह सब बंगाल में चुनाव से पहले माहौल बिगाड़ने की कोशिश है. वहीं बीजेपी ने इन आरोपों को गलत बताया और पलटवार किया. बीजेपी का कहना है कि मोफक्कारुल इस्लाम का TMC नेताओं से करीबी रिश्ता रहा है.

TMC ने शुक्रवार दोपहर 2.55 बजे ट्वीट करते हुए लिखा, 'ये तीन BJP एजेंट हैं, जिन्होंने मालदा में अशांति फैलाई. जयंत कांत मोथाबारी, मालदा का पुलिस ऑब्जर्वर है. वह बिहार के एक सीनियर BJP नेता का पति है. मौलाना मुहम्मद शाहजहां अली कादरी मोथाबारी से ISF उम्मीदवार, जिसे आंदोलन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया. मोफक्करुल इस्लाम AIMIM नेता और 2021 के उम्मीदवार, बंधक बनाने की घटना के पीछे का मास्टरमाइंड. BJP अपने कई लेयर वाले एजेंटों के जरिए बंगाल को अस्थिर करने के लिए बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चला रही है.'
बंगाल की रूलिंग पार्टी ने पोस्ट के साथ तीनों नेताओं की तस्वीरें शेयर कीं.

इसके करीब 35 मिनट बाद BJP ने पलटवार किया. पार्टी ने इस्लाम की कई TMC नेताओं के साथ तस्वीरें शेयर कीं, जिनमें से दो में वह ममता बनर्जी के साथ एक पोस्टर पर थे और एक अन्य में वह उनके साथ स्टेज पर थे. BJP ने ट्वीट किया, 'मिलिए मोफक्करुल इस्लाम से. TMC नेताओं का करीबी, मालदा में ज्यूडिशियल अधिकारियों के खिलाफ भीड़ को लीड किया. इसे SIR ड्यूटी में लगे ज्यूडिशियल अधिकारियों के खिलाफ दंगाई भीड़ को लीड करने के लिए गिरफ्तार किया गया है. ऐसे लोगों को TMC ने एक दशक से ज़्यादा समय से हिंसक विरोध और एक्टिविटी करने की इजाजत दी है.'
इस बीच, बंगाल पुलिस के सूत्रों ने आजतक को बताया कि इस्लाम TMC सांसद कल्याण बनर्जी का करीबी सहयोगी है और रूलिंग पार्टी का सपोर्टर भी है. अब तक, इस्लाम समेत 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. उसे बंगाल के सिलीगुड़ी में बागडोगरा एयरपोर्ट पर भागने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया था.
बता दें कि 1 अप्रैल की घटना लगभग नौ घंटे तक चली और मालदा के कालियाचक II ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिस में प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर सात ज्यूडिशियल अधिकारियों को बंधक बना लिया था. प्रदर्शनकारियों ने BDO ऑफिस में मौजूद ज्यूडिशियल अधिकारियों से मिलने की मांग की थी. ये ऑफिसर चुनावी राज्य में SIR लिस्ट के फाइनल रिलीज के बाद एडज्यूडिकेशन के तहत रखे गए इलेक्टर्स के केस रिव्यू करने में शामिल थे. हालांकि, बंगाल पुलिस के सूत्रों ने बताया कि इस्लाम का नाम फाइनल लिस्ट में है.