पिनारई विजयन सरकार ने सालाना बजट में आशा कार्यकर्ताओं को सौगात दी है. सरकार उनकी सैलरी में इजाफा करने वाली है. बजट में सामाजिक कल्याण पेंशन के लिए 14500 रुपये आवंटित किए गए हैं. इसके साथ ही बुजुर्गों के लिए एक अलग बजट भी होगा.
केरल की आशा वर्कर्स की सैलरी में 1000 रुपये की बढ़ोतरी होगी. सहायकों का वेतन 500 रुपये तक बढ़ाया जाएगा. इसके अलावा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की सैलरी में भी 1000 रुपये का इजाफा किया जाएगा.
बजट में मुख्यमंत्री के 'कनेक्ट टू वर्क' स्कॉलरशिप के लिए 400 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. इस स्कॉलरशिप के तहत 18-30 साल के शिक्षित और बेरोजगार युवाओं को एक साल तक हर महीने 1000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी.
बुजुर्गों के लिए अलग बजट की घोषणा
बुजुर्गों के लिए एक अलग बजट का आह्वान किया गया है. इसे लेकर केरल के वित्त मंत्री केएन बालगोपाल ने कहा, 'राज्य में लगभग 18.7 प्रतिशत वरिष्ठ नागरिक हैं. हम इसके साथ ही बुजुर्गों के लिए एक अलग बजट भी लाएंगे. मेरा मानना है कि केरल ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य है.'
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वायनाड भूस्खलन पीड़ितों को मिलेंगे घर
बालगोपाल ने बताया कि वायनाड भूस्खलन पीड़ितों को फरवरी के तीसरे सप्ताह तक, घरों का पहला बैच सौंप दिया जाएगा. वहीं, MGNREGA के लिए अतिरिक्त 1000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
पूर्व सीएम वी.एस. अच्युतानंदन की स्मृति में बनेगा केंद्र
वित्त मंत्री ने बताया कि तिरुवनंतपुरम में पूर्व मुख्यमंत्री वी.एस. अच्युतानंदन की स्मृति में एक केंद्र स्थापित किया जा रहा है. इसके लिए 20 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. इसका उद्देश्य वी.एस. के जीवन के सबक को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है.
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चार चरणों में पूरा किया जाएगा RRTS
तिरुवनंतपुरम से कासरगोड तक क्षेत्रीय तीव्र पारगमन प्रणाली (RRTS) के शुरुआती कार्यों के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. ये दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस के मॉडल पर आधारित है. इसे चार चरणों में पूरा किया जाएगा.
पहला चरण- तिरुवनंतपुरम-त्रिशूर
दूसरा चरण- त्रिशूर-कोझिकोड
तीसरा चरण- कोझिकोड-कन्नूर
चौथा चरण- कन्नूर-कासरगोड।
गिग वर्कर्स के लिए बनेंगे गिग हब्स
केरल में कला को बढ़ावा देने के लिए स्थायी केंद्र स्थापित किए जाएंगे. इसकी शुरुआत तिरुवनंतपुरम में होगी, जिसके बाद कोच्चि और कोझिकोड में भी केंद्र खोले जाएंगे. श्रमिकों को आधुनिक सुविधाओं के साथ आराम देने के लिए गिग हब्स बनाए जाएंगे, जिसके लिए 20 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
गिग वर्कर्स के लिए सरकार बेहतर कार्य परिस्थितियों के निर्माण के लिए कदम उठाएगी. सरकार उन्हें सामाजिक कल्याण योजनाओं का हिस्सा बनाने के लिए उपाय अपनाएगी.