तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यकर्ता के खाली पड़े घर में बमों का जखीरा रखे जाने की खबर फैलने के बाद भांगर के शानपुकुर इलाके में दहशत फैल गई. उत्तर काशीपुर पुलिस थाने की एक बड़ी टुकड़ी इलाके को सुरक्षित करने और तलाशी अभियान शुरू करने के लिए घटना स्थल पर पहुंची. स्थानीय आईएसएफ इकाई ने आरोप लगाया है कि विस्फोटकों को स्थानीय पंचायत सदस्य के सीधे निर्देशों के तहत संग्रहीत किया गया था. उन्होंने औपचारिक रूप से मांग की है कि पुलिस पंचायत सदस्य के आवास की गहन तलाशी कर अपनी जांच का विस्तार करे.
टीएमसी ने इन आरोपों का खंडन किया है. पार्टी का दावा है कि आईएसएफ कार्यकर्ताओं ने सत्तारूढ़ पार्टी को फंसाने के लिए खुद खाली घर में बम लगाए थे. फिलहाल आयोग ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं.
चुनाव आयोग ने पुष्टि की है कि कोलकाता के पुलिस आयुक्त को विस्फोटक निषेध के सिलसिले में सख्त आदेश जारी किए हैं. आयोग ने पुलिस आयुक्त के जरिए सभी डीसीपी, एसपी, ओसी और आईसी तक के सभी अधिकारियों को सख्त संदेश दिया है कि अगर उनके क्षेत्र में ऐसा कोई विस्फोटक पाया जाता है या उनके अधिकार क्षेत्र में किसी भी शख्स द्वारा ऐसी कोई धमकी देने वाली रणनीति का इस्तेमाल किया जाता है, तो संबंधित ओसी/आईसी को अभूतपूर्व परिणामों का सामना करना पड़ेगा. उन्हें बख्शा नहीं जाएगा.
इस बीच, पुलिस ने भांगर इलाके में टीएमसी कार्यकर्ता रफीकुल इस्लाम के घर से 100 जिंदा बम बरामद किए.
जांच एजेंसी ने दर्ज किया केस
नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने पश्चिम बंगाल में भारी मात्रा में देसी बम मिलने की घटना की जांच के लिए मामला दर्ज कर लिया है. पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, कोलकाता के भांगर डिवीजन स्थित रफीकुल इस्लाम के आवास पर छापेमारी के दौरान यह बरामदगी हुई है. रफीकुल को कथित तौर पर टीएमसी कार्यकर्ता बताया जा रहा है. गृह मंत्रालय के आदेश के बाद एनआईए ने रविवार को इस जांच को अपने हाथ में लिया.
पुलिस ने स्पेशल इनपुट्स के आधार पर यह तलाशी अभियान चलाया था. यह कार्रवाई राज्य में होने वाले दूसरे चरण के मतदान से कुछ दिन पहले की गई है. विस्फोटक बरामद होने के बाद चुनाव आयोग ने स्टेट पुलिस को बम बनाने वालों के खिलाफ स्पेशल कैंपेन चलाने और दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करने का निर्देश दिया है.
चुनाव आयोग का सख्त रुख!
चुनाव आयोग ने इस मामले को लेकर पश्चिम बंगाल पुलिस के सीनियर अधिकारियों को कड़ा मैसेज दिया है. आयोग ने कहा है कि बम बनाने से संबंधित सभी मामलों की जांच एनआईए द्वारा की जाएगी. कोलकाता पुलिस कमिश्नर से लेकर डीसीपी और एसपी रैंक तक के अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि अगर उनके अधिकार क्षेत्र में कोई विस्फोटक मिलता है या कोई डराने-धमकाने वाली हरकत होती है, तो उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
चुनाव आयोग ने कहा है कि संवेदनशील इलाकों में निगरानी और एरिया डोमिनेशन को और तेज किया जाएगा, जिससे मतदाता बिना किसी डर के अपना वोट डाल सकें. गौर करने वाली बात है कि बंगाल में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को हो चुका है, जिसमें 93.19 फीसदी का रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया है.
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नतीजों और अगले चरण पर नजर
भांगर में दूसरे चरण के तहत 29 अप्रैल को मतदान होना है. प्रशासन यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि बम बरामदगी जैसी घटनाओं का असर मतदाताओं के उत्साह पर न पड़े. एनआईए की जांच का मकसद इस अवैध निर्माण के पीछे के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करना है. बंगाल चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे.