घड़ी की सुई 12:40 बता रही थी. अमित शाह का काफिला कालीघाट में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के घर के ठीक सामने पहुंच रहा था. अचानक ही रथ पर सवार अमित शाह और शुभेंदु अधिकारी जल्दबाजी में रथ की सीढ़ियों से नीचे उतरते नजर आए. किसी को कुछ समझ में नहीं आया. ज्यादातर पत्रकार अमित शाह जिस रथ पर सवार थे, उसके बिल्कुल बगल में और कुछ पीछे की ओर साथ में चल रहे थे.
इस दौरान ममता बनर्जी के घर जाने वाली गली के सामने मुख्य सड़क पर TMC कार्यकर्ता हाथों में TMC के झंडे लेकर जय बांग्ला का नारा लगा रहे थे. वहीं BJP कार्यकर्ता जवाब में जय श्री राम के नारों से जवाब दे रहे थे.
माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ था. एक तरफ़ TMC कार्यकर्ता, दूसरी तरफ BJP कार्यकर्ता और बीच में पुलिस किसी तरह दोनों की झड़प रोकने की कोशिश में लगी हुई थी. ऐसे में अचानक से अमित शाह और शुभेंदु अधिकारी का रथ से उतर जाना अचरज भरा था.
पत्रकारों को लगा कि माहौल तनावपूर्ण होने की वजह से गृह मंत्री रथ से उतर गए. रथ के ठीक पीछे ही अमित शाह के काफिले की कार थी. अमित शाह और शुभेंदु अधिकारी रथ से उतरकर काफिले की कार में बैठकर निकलने लगे. इस दौरान BJP और TMC के कार्यकर्ता एक-दूसरे के खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी करते दिखे. हम सभी को लगा कि सुरक्षा के मद्देनजर गृह मंत्री रथ से उतरकर काफिले की कार में बैठकर निकल गए.
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हालांकि कुछ देर बाद जब BJP के कुछ वरिष्ठ नेताओं से बातचीत हुई तो पता चला कि नामांकन का मुहूर्त निकला जा रहा था. ऐसे में तुरंत नामांकन केंद्र पहुंचने के लिए ही शुभेंदु अधिकारी और अमित शाह रथ से उतरकर कार में बैठकर निकल गए. इस दौरान BJP कार्यकर्ता और TMC के कार्यकर्ता आपस में उलझे रहे और पुलिस मामले को सुलझाने में जुटी रही.
कार्यक्रम में बहुत सारे साधु-संत भी आए थे. इसके अलावा हमने कई कार्यकर्ताओं से बात की. लगभग सवा एक बजे तक BJP और TMC कार्यकर्ताओं के बीच नारेबाज़ी चलती रही. इस दौरान भारी संख्या में तैनात पुलिस ने दोनों ही पक्षों को संभाला और झड़प से दूर रखा.