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मुलायम सिंह के करीबियों से क्यों मिल रहे अखिलेश यादव, 14 साल बाद प्रयागराज में गुजारी रात

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक बार फिर से अपने पिता मुलायम सिंह यादव के करीबी नेताओं के मिलने-जुलने का सिलसिला शुरू कर दिया है. इस कड़ी में प्रयागराज में रेवती रमण सिंह से लेकर विजयम यादव से मिले और 14 साल के बाद प्रयागराज में रात भी गुजारी.

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सपा के वरिष्ठ नेता रेवती रमण सिंह के मिलते अखिलेश यादव (Photo-facebook)
सपा के वरिष्ठ नेता रेवती रमण सिंह के मिलते अखिलेश यादव (Photo-facebook)

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश बढ़ गई है और सपा प्रमुख अखिलेश यादव अपने सियासी समीकरण को दुरुस्त करने में जुटे हैं. इसी कड़ी में अखिलेश यादव प्रयागराज के दो दिवसीय दौर पर पहुंचे, जहां वे अपने पिता मुलायम सिंह यादव के करीबी नेताओं से मिले और आशीर्वाद लिया. इसके अलावा 14 साल के बाद फिर एक बार अखिलेश प्रयागराज में रात गुजारकर सत्ता में लौटेने की ठोस आधारशिला रखते नजर आए.

2012 में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान अखिलेश यादव प्रयागराज में रात रुके थे. उसके बाद प्रदेश में सपा की सरकार बन गई थी. अब एक बार फिर अखिलेश यादव प्रयागराज पहुंचे, जहां 14 साल बाद सिर्फ रात ही नहीं गुजारी बल्कि सियासी एजेंडा भी सेट करते नजर आए. 

प्रयागराज के दौरे पर अखिलेश यादव ने लायम सिंह यादव के पुराने और नजदीकी सहयोगी रहे रेवती रमण सिंह से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया. रेवती रमण सिंह से ही नहीं बल्कि मुलायम सिंह के करीबी नेताओं से मिलकर अखिलेश यादव ने सियासी संदेश दिया. 

मुलायम के करीबियों से अखिलेश की मुलाकात
इलाहबाद की सियासत के दिग्गज नेता और मुलायम सिंह के करीबी रहे रेवती रमण सिंह से मुलाकात करने के साथ अखिलेश यादव ने स्थानीय कांग्रेस के लोकसभा सांसद उज्जवल रमण सिंह से मिले, जो रेवती रमण सिंह के बेटे हैं. रेवती रमण सिंह सपा के कद्दावर नेता हैं और मुलायम सिंह के राइटहैंड माने जाते थे.

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सपा से लोकसभा और राज्यसभा के सांसद रह चुके हैं. रेवती रमण और उज्जवल रमण सिंह से मिलने के बाद अखिलेश यादव ने  सपा विधायक विजयम यादव से उनके घर मिलने पहुंचे.  फिर महानगर अध्यक्ष इस्तखार अहमद के घर जाकर उन्होंने मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने पार्टी के कई कार्यकर्ताओं के घर गए. 

2027 चुनाव को लेकर कितनी अहम मुलाकात
अखिलेश यादव की पुराने नेताओं से मुलाकात आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी अहम मानी जा रही है. वो अपने पिता मुलायम सिंह यादव के करीबी वह नेताओं से मुलाकात कर उन्होंने उनसे आशीर्वाद तो लिया ही बल्कि समाजवादी पार्टी और कैसे मजबूत हो इस पर भी चर्चा की गई.  सपा प्रमुख अखिलेश यादव 2027 को लेकर कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहते, जिसके लिए उन्होंने मुलाकात का सिलसिला शुरू कर दिया है.

सपा प्रमुख अखिलेश यादव पार्टी के पुराने और अनुभवी नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं और चुनाव में क्या रणनीति को धार देने के लिए भी विचार कर रहे हैं. इस तरह युवाओं और पुराने नेताओं से चुनाव के लिए कमर कसने का संदेश भी दिया, अखिलेश यादव कि इस मुलाकात से जहां कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा आई है वहीं पुराने और नए अनुभव को जोड़ने की मजबूत कोशिश भी की है.

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14 साल बाद  अखिलेश ने प्रयागराज में गुजारी रात
अखिलेश यादव 14 साल बाद प्रयागराज में 2 दिन रुके हैं. इससे पहले 2012 में विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने प्रयागराज में रात बिताई थी. इसके बाद2012 का विधानसभा चुनाव राजनीति का एक बड़ा टर्निंग पॉइंट था. उस समय अखिलेश यादव पूरी ऊर्जा के साथ चुनावी मैदान में थे.

राजनीतिक जानकारों के बीच यह स्सा मशहूर है कि चुनाव प्रचार के दौरान अखिलेश यादव ने प्रयागराज (तब इलाहाबाद) में एक रात बिताई थी, जो उनकी सियासी तकदीर के लिए 'लकी चार्म' साबित हुई थी. उस रात के बाद से ही चुनाव का माहौल सपा के पक्ष में ऐसा बदला कि पार्टी को पूर्ण बहुमत मिल गया. अब अखिलेश एक बार फिर से प्रयागराज में रात गुजारी है, जिससे युवाओं में नया जोश पैदा हुआ है. 

अखिलेश यादव के लगातार दौरों को देखते हुए कयास लगाए जाने लगे हैं. क्या यह महज एक इत्तेफाक है या अखिलेश वाकई पुरानी यादों और उस 'सकारात्मक ऊर्जा' के सहारे सियासी बाजी पलटने का दांव है.  सपा खेमे का कहना है कि अखिलेश यादव का प्रयागराज दौरा पूरी तरह से राजनीतिक और रणनीति है. पार्टी का जोर इस समय 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर है, लेकिन अपने इस दायरे को भी बढ़ाने में जुटे हैं.  2027 विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव की रणनीति कितना कामयाब होगी यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा.

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