Konthoujam Sharat Singh
NPEP
Laishram Nando Singh
INC
Nongmaithem Herojit Singh
JD(U)
Nota
NOTA
Khoirom Binarani Devi
NCP
आरक्षण और जातिगत राजनीति के मुद्दे ने उत्तर प्रदेश समेत चुनावी राज्यों में सियासी हलचल तेज कर दी है. सवर्णों के प्रदर्शन और विपक्ष के हमलों के बीच फंसी बीजेपी के लिए यह स्थिति 'एक तरफ कुआं और दूसरी तरफ खाई' जैसी बन गई है. बीजेपी के सामने डबल चैलेंज खड़ा हो गया है?
मणिपुर में शांति की अपील करते हुए मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने मैतेई समुदाय से 'बड़े भाई' की भूमिका निभाने को कहा. उन्होंने सभी समुदायों से मिलकर राज्य के विकास के लिए काम करने की अपील की.
मणिपुर में सामान्य स्थिति बहाल करने की दिशा में सरकार ने नेशनल हाईवे सभी समुदायों के लिए खोलने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने कहा कि इंफाल-दिमापुर बस सेवा भी जल्द शुरू होगी. उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन ने कहा कि नेशनल हाईवे सभी की संपत्ति हैं.
भारत और म्यांमार के बीच वर्षों से लंबित सीमा सीमांकन का मामला सुलझाने की दिशा में बातचीत तेज हो गई है. खबर है कि दोनों देश कुछ इलाकों में जमीन की अदला-बदली के विकल्प पर भी विचार कर रहे हैं. हालांकि इस प्रस्ताव ने मणिपुर में राजनीतिक और सामाजिक विरोध की आहट भी पैदा कर दी है.
मृतक की पहचान नोनी जिले के लॉन्गमाई बाजार निवासी 22 वर्षीय लैनबिमी रियामेई के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि गोलीबारी के दौरान उन्हें गोली लगी और बाद में उन्होंने दम तोड़ दिया.
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब मणिपुर के पहाड़ी इलाकों में हाल के दिनों में कुकी और नागा समुदायों के बीच तनाव बढ़ा हुआ है. पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है. किसी संगठन ने इसकी अभी जिम्मेदारी नहीं ली है.
संत रविदास की जयंती यानि गुरु पुर्णिमा के दिन बीजेपी समरसता संकल्प अभियान यात्रा की शुरुआत कर रही है. बीजेपी ने इस यात्रा के जरिए उत्तर प्रदेश से लेकर पंजाब, उत्तराखंड सहित इस साल होने वाले सात राज्यों में दलित समुदाय को साधने का दांव चला है.
पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर के कांगपोकपी जिले में हालिया हिंसक वारदातों के बाद शनिवार को नागा और कुकी-जो समुदायों ने अलग-अलग बड़े प्रदर्शन किए. तीन पादरियों की हत्या और छह नागरिकों के अपहरण से उपजे जनाक्रोश के बीच केंद्र सरकार से हस्तक्षेप और राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की गई है.
करीब एक साल बाद मणिपुर में राष्ट्रपति शासन हटने के बाद नई निर्वाचित सरकार ने शपथ ले ली. वाई खेमचंद सिंह ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जबकि नेमचा किपगेन और एल. दीखो डिप्टी मुख्यमंत्री बने. लोक भवन में हुए शपथ ग्रहण समारोह के साथ राज्य में नई राजनीतिक शुरुआत हुई.
मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह के नेतृत्व में मणिपुर में नई सरकार बन गई है. सत्ता की कमान जरूर मैतेई समाज से आने वाले खेमचंद को मिली हो, लेकिन बीजेपी ने डिप्टीसीएम के रूप में एक कुकी और नागा समुदाय से बनाकर सियासी दांव चला है. ऐसे में खेमचंद एंड टीएम क्या मणिपुर को पुराने दौर में वापस लौटा पाएगी?