तिविम, जो उत्तरी गोवा जिले के बारदेज तालुका में स्थित एक मध्ययुगीन गांव है, गोवा का प्रवेश द्वार माना जाता है. यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो भारत के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों से ट्रेन से यात्रा करते हैं, क्योंकि यहां तिविम रेलवे स्टेशन स्थित है, जो गोवा के दो प्रमुख रेलवे स्टेशनों में से एक है.
हालांकि इसे अभी भी एक गांव ही कहा जाता है, लेकिन पिछले कुछ दशकों में तिविम में काफी बदलाव आए हैं. इसका मुख्य कारण तिविम इंडस्ट्रियल एस्टेट की स्थापना है, जो दवाइयों और अन्य उत्पादों के निर्माण का एक प्रमुख केंद्र है.
तिविम एक सामान्य (अनारक्षित) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र है, जो उत्तरी गोवा लोकसभा सीट के 20 खंडों में से एक है.
1963 में स्थापित तिविम ने गोवा में हुए सभी 14 विधानसभा चुनावों में मतदान किया है. ये चुनाव 1961 में पुर्तगाली औपनिवेशिक शासकों से गोवा की मुक्ति के बाद से हुए हैं. इनमें वे पहले छह चुनाव भी शामिल हैं, जब 1989 में पूर्ण राज्य बनने से पहले तक गोवा, दमन और दीव के साथ एक केंद्र शासित प्रदेश था.
शुरुआती दशकों में तिविम, महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (MGP) का गढ़ हुआ करता था. इस पार्टी ने यहां पांच चुनाव जीते, जिसमें 1963 से 1977 के बीच हुए पहले चार चुनावों में लगातार चार जीत की एक श्रृंखला भी शामिल है. कांग्रेस पार्टी ने यह सीट चार बार जीती है, जबकि कांग्रेस (U) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने एक-एक बार इस सीट पर कब्जा जमाया है. BJP ने यहां तीन बार जीत दर्ज की है, हालांकि 2002 के बाद से उसकी जीत का क्रम बारी-बारी से रहा है.
2012 में किरण कांडोलकर ने BJP के उम्मीदवार के तौर पर तिविम विधानसभा चुनाव जीता. उन्होंने NCP के मौजूदा विधायक नीलाकांत हलर्नकर को 324 वोटों के मामूली अंतर से हराया था. 2017 के चुनावों में हलर्नकर ने कांग्रेस पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए यह सीट BJP के कांडोलकर से वापस छीन ली. उन्होंने कांडोलकर को 795 वोटों के अंतर से हराया था. हलर्नकर का दल-बदल का सिलसिला जारी रहा. तृणमूल कांग्रेस के साथ कुछ समय बिताने के बाद वे BJP में शामिल हो गए. 2022 में उन्होंने BJP के टिकट पर तिविम सीट जीती और तृणमूल कांग्रेस की कविता कांडोलकर को 2,051 वोटों के अंतर से हराया.
विधानसभा चुनावों में एक बड़ी राजनीतिक ताकत बनने के लिए संघर्ष करने के विपरीत, BJP ने लोकसभा चुनावों में तिविम विधानसभा क्षेत्र में अपना दबदबा बनाए रखा है. 2009 में यह NCP से 158 वोटों के मामूली अंतर से पीछे थी, 2014 में यह पहले स्थान पर पहुंच गई और तब से इसने पीछे मुड़कर नहीं देखा. 2014 में यह कांग्रेस से 6,300 वोटों से, 2019 में 2,425 वोटों से और 2024 में 4,926 वोटों से आगे रही.
तिविम एक हिंदू-बहुल चुनाव क्षेत्र है, जिसमें ईसाई लगभग 16 प्रतिशत वोटर हैं और मुस्लिम वोटर बहुत कम हैं. स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद 2026 में इसके रोल पर 34,604 रजिस्टर्ड वोटर थे, जो 41 पोलिंग स्टेशनों पर फैले हुए थे. इससे पहले, 2024 के लोकसभा चुनाव में 29,412 वोटर, 2022 के विधानसभा चुनाव में 29,126 वोटर, 2019 के लोकसभा चुनाव में 27,712 वोटर, 2017 के विधानसभा चुनाव में 26,575 वोटर, 2014 के लोकसभा चुनाव में 24,962 वोटर और 2012 के विधानसभा चुनाव में 23,607 वोटर थे. वोटर टर्नआउट अच्छा बना हुआ है, हालांकि इसमें धीरे-धीरे गिरावट देखी गई है, शायद इसके शहरीकरण के कारण. यह 2012 में 86.05 प्रतिशत के पीक पर और 2019 में 76.20 प्रतिशत के लो पर था. यह 2014 में 78.21 प्रतिशत, 2017 में 84.89 प्रतिशत, 2022 में 80.25 प्रतिशत और 2024 में 76.31 प्रतिशत रहा.
तिविम एक मध्ययुगीन गांव है जो 16वीं सदी की शुरुआत से ही पुर्तगाली शासन के तहत 'Velhas Conquistas' (पुरानी विजय) क्षेत्र के 'बारडेज' हिस्से का हिस्सा था. 1510 में गोवा पर कब्जा करने वाले पुर्तगालियों ने, बाद के 'Novas Conquistas' (नई विजय) क्षेत्रों की तुलना में, अधिक प्रत्यक्ष प्रशासन के साथ बारडेज पर अपना नियंत्रण बनाए रखा. 17वीं सदी में, उन्होंने यहां आक्रमणों से बचाव के लिए रक्षात्मक संरचनाएं बनवाईं. तिविम किला का निर्माण 1635 में पुर्तगालियों द्वारा 'Forte de Assumpção' और 'Forte de Meio' जैसे सहायक किलों के साथ किया गया था. इस किले को 'Colvale किला' या 'Fortaleza de São Sebastião' के नाम से भी जाना जाता है. इन्हें सुरक्षा के लिए दीवारों और एक खाई से जोड़ा गया था. इस इलाके में कई संघर्ष हुए, जिनमें 1683 में संभाजी द्वारा इसे कुछ समय के लिए कब्जे में लेना भी शामिल है. पुरातात्विक और ऐतिहासिक सबूतों से पता चलता है कि बड़े बारडेज इलाके में औपनिवेशिक काल से सदियों पहले से ही इंसानी बस्तियां मौजूद थीं.
तिविम की बनावट में बारडेज इलाके की खासियतें नजर आती हैं, हल्की ऊंची-नीची जमीन, लेटेराइट पठार और उपजाऊ निचले इलाके. मांडवी नदी और उसकी सहायक नदियां गांव के कुछ हिस्सों को अलग करती हैं और धान के खेतों को पानी देती हैं. यहां के नजारे में हरियाली, नारियल के बाग और खेती-बाड़ी व उद्योगों के लिए उपयुक्त जमीन के टुकड़े शामिल हैं.
यहां की स्थानीय अर्थव्यवस्था पारंपरिक रूप से खेती और मछली पकड़ने पर निर्भर रही है, लेकिन थिविम इंडस्ट्रियल एस्टेट की स्थापना के बाद इसमें काफ़ी बदलाव आया है. यह एस्टेट एक मैन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर काम करता है. खास तौर पर दवाइयों और दूसरे उत्पादों के लिए और यहां के निवासियों व आस-पास के इलाकों के लोगों को रोजगार देता है. तिविम रेलवे स्टेशन की मौजूदगी से व्यापार और कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिला है. हालांकि, इस निर्वाचन क्षेत्र में समुद्र तटों की कमी के कारण यहां पर्यटकों की भारी भीड़ और उससे होने वाले आर्थिक फ़ायदे सीमित हैं, जिनका लाभ गोवा के कई दूसरे इलाकों को मिलता है. यहां के निवासी पर्यटन के बजाय औद्योगिक नौकरियों, सेवाओं और स्थानीय व्यापार पर ज़्यादा निर्भर रहते हैं.
तटीय गोवा की तुलना में यहां पर्यटकों के घूमने लायक जगहें सीमित हैं, लेकिन यहां कुछ ऐतिहासिक अवशेष मौजूद हैं, जैसे तिविम किले और कोलवाले किले के खंडहर और इमारतें, जो पुर्तगाली सुरक्षा वास्तुकला की झलक दिखाते हैं. सेंट क्रिस्टोफर चर्च एक खास धार्मिक जगह है. इस इलाके में गोवा के पारंपरिक गांव हैं, जिनमें 'कम्युनिडाड' सिस्टम और पुर्तगाली दौर की कुछ पुरानी निशानियां भी मिलती हैं.
यहां कनेक्टिविटी बहुत अच्छी है, क्योंकि यहां तिविम रेलवे स्टेशन है. यह स्टेशन उत्तरी और पश्चिमी भारत से आने वाली ट्रेनों के लिए एक मुख्य एंट्री पॉइंट का काम करता है. राज्य की राजधानी, पणजी, यहां से लगभग 20 से 25 किलोमीटर दूर है. मोपा में बना मनोहर इंटरनेशनल एयरपोर्ट यहां से करीब 25 से 30 किलोमीटर की दूरी पर है. स्टेट हाईवे के जरिए सड़क संपर्क भी बहुत अच्छा है, जिससे मापुसा और उत्तरी गोवा के दूसरे हिस्सों तक आसानी से पहुंचा जा सकता है.
तिविम का एक अनोखा रिकॉर्ड रहा है, पिछले छह विधानसभा चुनावों में यहां की जनता ने बारी-बारी से कांग्रेस पार्टी और BJP को चुना है. इस ट्रेंड को देखते हुए, 2027 के विधानसभा चुनावों में इस सीट पर जीत हासिल करने की बारी शायद कांग्रेस पार्टी की हो सकती है. तिविम को जो बात सबसे ज्यादा अप्रत्याशित बनाती है, वह है दोनों पार्टियों के बीच जीत-हार का बहुत कम अंतर. इस अप्रत्याशितता की वजह से, 2027 के विधानसभा चुनावों में तिविम का मुकाबला और भी ज्यादा दिलचस्प होने की पूरी उम्मीद है.
(अजय झा)
Kavita Kandolkar
AITC
Tukaram Bharat Parab
RVLTGONP
Aman Lotlikar
INC
Udai Salkar
AAP
Nota
NOTA
Swapnesh Bhanudas Sherlekar
GSB
Godfrey D' Lima
NCP
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