| Gender | M |
| Age | 69 |
| State | BIHAR |
| Constituency | KATIHAR |
तारकिशोर प्रसाद बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर मैदान में हैं. उनकी उम्र 69 साल है और उनकी शैक्षिक योग्यता 12th Pass है. उन पर दर्ज केसों की संख्या (1) है. उनकी कुल संपत्ति 3Crore रुपये है, जबकि उन पर 53125 रुपये की देनदारी है.
Bihar Election Result 2025 Live: कटिहार विधानसभा सीट पर BJP को दोबारा मिली जीत
Bihar Election Result 2025 Live: कटिहार विधानसभा सीट पर BJP को दोबारा मिली जीत
Katihar Vidhan Sabha Result Live: कटिहार विधानसभा सीट पर BJP विशाल जीत की ओर! जानिए VIP कितना पीछे?
Katihar Vidhan Sabha Chunav Result Live: बिहार के सीमांचल क्षेत्र में पार्टियों/गठबंधनों का प्रदर्शन कैसा है?
Katihar Assembly Election Results Live: Bihar की Katihar सीट पर मुकाबला एकतरफा! BJP ने ली बड़ी बढ़त
Katihar Vidhan Sabha Result Live: कटिहार में BJP कैंडिडेट Tarkishore Prasad निकले सबसे आगे
Serious IPC Counts
Education
Cases
self profession
| Property details | 2025 |
|---|---|
| Total Assets | 3Crore |
| Movable Assets | 1.2Crore |
| Immovable Assets | 1.8Crore |
| Liabilities | 53125 |
| Self Income | 12.5Lac |
| Total Income | 12.5Lac |
कटिहार से एक बार फिर पूर्व डिप्टी सीएम और बीजेपी नेता तारकिशोर प्रसाद ने 22154 वोटों के अंतर से बड़ी जीत दर्ज की है. उन्होंने वीआईपी पार्टी के प्रत्याशी सौरभ कुमार अग्रवाल को शिकस्त दी है. इस चुनाव में तारकिशोर प्रसाद को कुल एक लाख 255 वोट मिले जबकि सौरव अग्रवाल को 78 हजार 101 वोट मिले.
बीजेपी नेता तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि कटिहार विधानसभा क्षेत्र में विकास की योजनाएं नए बदलाव लेकर आई हैं. इस क्षेत्र में जो प्रगति हुई है, उसने मतदाताओं के दिलों में विश्वास और उम्मीद जगाई.
Bihar Election Viral News: बिहार के कटिहार से लोकतंत्र और किसानी संस्कृति का एक अद्भुत संगम सामने आया है. वोट देने के उत्साह में किसान आनंद सिंह अपने घर से मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए अपनी 'फ्यूल लेस सवारी' पर चढ़कर गए.
बिहार की सियासत में सीमांचल का चुनावी रण बेहद दिलचस्प हो गया है, जहां भाजपा घुसपैठ को बड़ा मुद्दा बना रही है, तो वहीं असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM, आरजेडी-कांग्रेस के पारंपरिक मुस्लिम वोट बैंक में सेंधमारी करती दिख रही है. 2020 के विधानसभा चुनाव में AIMIM ने इस क्षेत्र में पांच सीटें जीतकर महागठबंधन का समीकरण बिगाड़ दिया था.
बिहार की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी की चुनावी रणनीति एक बार फिर चर्चा में है, जहां पार्टी बिना मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिए हिंदू वोटों के ध्रुवीकरण पर ध्यान केंद्रित कर रही है. इस रणनीति के केंद्र में योगी आदित्यनाथ और अमित शाह जैसे नेताओं के तीखे बयान हैं.
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बिहार की नीतीश कुमार, RJD और कांग्रेस पर सीमांचल क्षेत्र की जानबूझकर उपेक्षा करने का गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि मुस्लिम बहुल इलाका होने के कारण किशनगंज, अररिया, कटिहार और पूर्णिया को विकास से वंचित रखा गया.
बिहार की सियासत में सीमांचल की लड़ाई बेहद अहम हो गई है, जहां असदुद्दीन ओवैसी, तेजस्वी यादव और एनडीए के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है. ओवैसी ने तेजस्वी यादव पर हमला बोलते हुए कहा, 'एजेंसी कपड़े देख कर, चेहरे पर दाढ़ी, सर पर टोपी देखकर कह रहे हैं ये चरमपंथी है.' 2020 में पांच सीटें जीतकर चौंकाने वाले ओवैसी के लिए यह चुनाव अग्निपरीक्षा है, क्योंकि उनके चार विधायक आरजेडी में शामिल हो चुके हैं.
बिहार में दूसरे चरण के मतदान से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीतामढ़ी की रैली में 'जंगलराज' और 'रंगदारी' को लेकर महागठबंधन पर तीखा हमला बोला, तो वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने घुसपैठ का मुद्दा उठाया. प्रधानमंत्री के बयान पर पलटवार करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि 'इनका स्तर इतना नीचे गिर चुका है कि भाजपा के जो बड़े बड़े नेता हैं, जो कट्टों की बात करते हैं, दुनाली बात करते हैं, गोली, फिरौती, रंगदारी, हत्या, अपहरण ये बातें करते हैं.'
कटिहार के आजमनगर में बीजेपी प्रत्याशी निशा सिंह की जनसभा में पहुंचे भोजपुरी स्टार और भाजपा सांसद दिनेश लाल निरहुआ को उस वक्त परेशानी का सामना करना पड़ा जब उनके हेलीकॉप्टर में फ्यूल खत्म हो गया. करीब 45 मिनट तक हेलीकॉप्टर में इंतजार करने के बाद उन्हें सड़क मार्ग से पूर्णिया रवाना होना पड़ा. इस दौरान हेलीपैड पर हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे प्रशासन को सुरक्षा संभालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी को सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने पड़े.
कटिहार की मनिहारी में कांग्रेस की चुनावी सभा के दौरान बवाल हुआ. कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी की रैली दोपहर एक बजे तय थी, लेकिन वे शाम पांच बजे तक नहीं पहुँच सके. उनकी देरी से लोगों में गुस्सा फूट पड़ा और कांग्रेस समर्थक कुर्सियाँ तोड़ने लगे.