ये हैं रियल लाइफ 'नील बट्टा सन्नाटा' के हीरो, पूरे परिवार ने दी 12वीं की परीक्षा, मां-बेटा हुए पास, पर पिता हो गए फेल
आपने नील बट्टा सन्नाटा फिल्म देखी होगी, जिसमें एक मां अपनी बेटी को प्रेरित करने के लिए खुद स्कूल जाना शुरू कर देती है और उस विषय में अपनी बेटी से बेहतर कर
दिखाती है, जिसमें उसे सबसे ज्यादा डर लगता है.
रियल लाइफ में भी पश्चिम बंगाल में कुछ ऐसी ही कहानी देखने को मिली है, जहां बेटे के साथ मां और पिता ने भी स्कूल यूनिफॉर्म पहनकर विद्यालय जाना शुरू कर दिया और तीनों ने एक साथ 12वीं की पीरक्षा भी दी.
परीक्षा में छात्र और उसकी मां पास भी हो गए हैं, हालांकि छात्र के पिता फेल हो गए. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी है और कॉपी दोबारा रीचेक कराएंगे. जरूरत पड़ी तो अगले
साल परीक्षा भी देंगे.
यह मामला West Bengal board का है. नादिया जिले के उत्तर पाटिकाबारी गांव के मंडल परिवार ने एक साथ 12वीं की परीक्षा दी, जिसमें बेटा बिपलब और मां कल्याणी पास हो गए. पर पिता बालाराम पासिंग मार्क्स नहीं ला सके. बिपलब की 32 साल की मां कल्याणी खेत में बकरियों को चराती हैं और 12वीं की परीक्षा की तैयारी भी उन्होंने बकरियां चराते हुए पेड़ के नीचे बैठकर ही की.
बिपलब के पिता बलराम एक किसान हैं और किसानी करते हुए ही उन्होंने परीक्षा की तैयारी की थी, पर वो परीक्षा में पास नहीं हो सके.
कल्याणी ने बलराम से जब शादी की थी, तब वह 8वीं में थीं. शादी के कारण उसकी पढ़ाई रुक गई. बिपलब की मां ने 12वीं में 45.6 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं. उन्हें 500 में 228 अंक मिले हैं. जबकि बिपलब ने 253 अंक हासिल कर 50.6 प्रतिशत नंबर हासिल किए हैं.
बिपलब और कल्याणी अब आगे की पढ़ाई जारी रखेंगे. HT में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार कल्याणी और बिपलब एक ही सब्जेक्ट में ग्रेजुएशन करना चाहते हैं. कल्याणी के अनुसार ऐसा करने से किताबों का खर्च कम हो जाएगा. दोनों एक ही किताब से पढ़ाई कर सकेंगे. वही बिपलब के पापा अपने पेपर को रीचेक कराएंगे और जरूरत पड़ने पर फिर अगले साल परीक्षा देंगे.