उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के छोटे से गांव की रहने वाली शीतल राज ने कम उम्र में ही नाम इतिहास रच दिया है. बचपन से ही पहाड़ों से प्यार करने वाली शीतल कंचनजंगा पर्वत पर चढ़ाई करने वाली सबसे कम उम्र की महिला बन गई हैं. शीतल राज अभी महज 22 साल की हैं और उन्होंने दुनिया के तीसरे सबसे ऊंचे पर्वत की चढ़ाई की है.
हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार शीतल ने 21 मई को कंचनजंगा पर चढ़ाई पूरी की, जो कि जमीनी तल से 8586 मीटर है. शीतल पिथौरागढ़ के एक छोटे से गांव की रहने वाली हैं. उनके पिता टैक्सी ड्राइवर और मां गृहणी हैं.
उन्होंने अपना पहला अभियान साल 2014 में कॉलेज के जरिए पूरा किया. कंचनजंगा के लिए शीतल राज का अभियान अप्रैल में निकला था. नेपाल पहुंचने के बाद इस अभियान के लोगों ने बेस कैंप के लिए चढ़ाई शुरू की जिसमें उन्हें 15 दिन लग गए. बेस कैंप से उन्होंने आगे के लिए चढ़ाई शुरू की जो काफी मुश्किल थी. कई बार उन्हें खराब मौसम की वजह से चढ़ाई रोकनी भी पड़ी.
उन्होंने डार्जलिंग में हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट से माउंटेनियरिंग में कोर्स किया और इसके बाद कई अभियान पर गईं और सभी में पास भी हुईं. उनका अगला लक्ष्य 2019 में माउंट एवरेस्ट फतह करना है और इसके लिए वो स्पोंसर भी तलाश रही है.
शीतल का कहना है कि माउंट एवरेस्ट तक पहुंचने में करीब 20-25 लाख का खर्चा आएगा और वो उसमें सक्षम नहीं है और वह अपने सपने को पूरा करने के लिए स्पांसर ढूंढ रही हैं.