प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे 12 दिसंबर को वाराणसी आने वाले हैं. उनकी आमद से पहले, काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) और जापान सरकार के जापान फाउंडेशन के बीच शैक्षिक सहयोग का एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए गए.
जापान फाउंडेशन के निदेशक और महानिदेशक ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए. इसके तहत जापान फाउंडेशन बीएचयू में देश का सबसे बड़ा जापानी भाषा केंद्र स्थापित करेगा.
भारत में अब तक सिर्फ दिल्ली के को ही जापानी भाषा केंद्र के रूप में जापान सरकार से आर्थिक मदद मिलती रही है. अब बीएचयू को भी यह मदद मिलेगी. हालांकि बीएचयू में पहले से ही जापानी भाषा पढ़ाई जा रही है.
बीएचयू भाषा विभाग प्रमुख प्रो. विवेकानंद तिवारी ने बताया कि अभी तक भारत में सिर्फ जेएनयू को ही जापानी भाषा केंद्र चलाने के लिए जापान सरकार से आर्थिक मदद मिलती है. जापान सरकार ने अब बीएचयू को एक बड़ा सेंटर बनाने की दिशा में काम भी शुरू कर दिया है.
प्रो. तिवारी ने बताया कि समझौते के काशी हिंदू विश्वविद्यालय में जापानी भाषा में डिप्लोमा के साथ डिग्री कोर्स भी शुरू हो जाएगा. इस समझौते के तहत जापान फाउंडेशन जैपनीज लैंग्वेज पढ़ाने के लिए एक लेक्चरर बीएचयू को देगा और उसकी सैलरी भी वही देंगे. हालांकि जापान सरकार ने एमओयू साइन होने से पहले ही एक शिक्षिका को बीएचयू में तैनात किया है, जो पिछले एक साल से पढ़ा रही है.
इनपुट: IANS