दिल्ली की निकिता चौहान ने कई मुश्किलों का सामना करते हुए विश्वस्तरीय पॉवरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का नाम रोशन कर दिखाया है. दिल्ली के पांडवनगर की रहने वाली निकिता ने हाल ही हुए चैंपियनशिप में कई देशों से आए खिलाड़ियों को पछाड़कर चैंपियन का खिताब अपने नाम किया.
पांच महीने की मेहनत ने दी सफलता
इस चैंपियनशिप में एक से बढ़कर एक खिलाड़ी आए थे. ऐसे में जीत का खिताब अपने नाम कर पाना बेहद कठिन था. निकिता ने अपनी तैयारियों के बारे में बात करते हुए कहा कि ये सारी मेहनत पांच महीने की है. इन पांच महीनों में उनका पूरा फोकस पॉवरलिफ्टिंग की तरफ था.
पहले वह अपना वजन कम करने के लिए नॉर्मल जिम किया करती थीं. फिर रोज सुबह 5 बजे उठकर प्रैक्टिस करने जाती थीं. साथ उन्होंने अपने खाने-पीने का ध्यान भी काफी रखा.
घरवालों ने नहीं किया सपोर्ट
शुरुआत में निकिता के घरवाले नहीं चाहते थे कि वह पॉवरलिफ्टिंग करें. लेकिन पॉवरलिफ्टिंग में उनके अच्छे प्रर्दशन को देखते हुए घरवाले सपोर्ट करने लग गए. आपको बता दें, निकिता विश्वस्तरीय पॉवरलिफ्टिंग चैंपियनशिप जीतने से पहले स्टेट चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीत चुकीं है. अब जहां 2019 के ओलंपिक खेलों में पावरलिफ्टिंग भी शामिल हो गया है, तो वह चाहती हैं कि वह पावरलिफ्टिंग में भारत की तरफ से खेलें. जिसकी तैयारी निकिता ने शुरू कर दी है.