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सेक्‍स एजुकेशन को आज भी जरूरी नहीं समझती सरकार

केंद्र सरकार ने हाल ही में एक किताब लॉन्‍च की है, जिसमें बच्‍चों को स्‍वस्‍थ रहने के सभी पाठ पढ़ाए गए हैं. हालांकि आज के समय के सबसे बड़े मुद्दों में से एक को किताब में उठाया ही नहीं गया है...

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Representational Image
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भारत ने दुनिया को भले ही 'कामसूत्र' दिया हो पर हमारी सरकार को अब भी 'सेक्‍स' शब्‍द से गुरेज है. यही कारण है कि टीनएज बच्‍चों के लिए सरकार ने जो नई किताब जारी की है, उसमें सेक्‍स के अलावा बाकी सब बताया गया है.

'हेल्‍दी चिल्‍ड्रन हेल्‍दी इंडिया' नाम की इस किताब को सरकारी स्‍कूल के कक्षा 8-10 के छात्रों के लिए इसी सप्‍ताह लॉन्‍च किया गया है. इस किताब में सेक्‍स एजुकेशन का कहीं कोई जिक्र नहीं है. एश‍ियन एज की एक खबर के मुताबिक, किताब को स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्रालय और मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने साझा तौर पर लॉन्‍च किया है. जल्‍द ही इसे सरकारी स्‍कूलों के बच्‍चों को बांटा जाएगा.


गौरतलब है कि ये किताब स्‍वस्‍थ जीवन के लिए स्‍वस्‍थ शरीर और मस्तिष्‍क पर बात करती है. यह बताती है कि कैसे फिट रहा जाए. यही नहीं, स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री जे पी नड्डा ने तो यहां तक कहा है कि छात्र अपने अभिभवाकों के साथ किताब में बताई गईं जानकारी शेयर करें जिससे सभी स्‍वस्‍थ रहें.

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इस किताब में हेल्‍दी डाइट के बारे में सूचना है, फिजिकल एक्टिविटीज के फायदे बताए गए हैं जिससे जीवनशैली संबंधित रोगों से बचा जा सके, किताब वजन बढ़ने, घटने, संपूर्ण डेली रुटीन, हाइजीन के बारे में भी बात करती है.


यही नहीं, किताब में मासिक धर्म हाइजीन पर भी एक चैप्‍टर है. इस समय में क्‍या किया जाए, कैसे सफाई रखी जाए आदि बातें बताई गई हैं. रोड सेफ्टी तक के बारे में इसमें चर्चा है पर सेक्‍स एजुकेशन को लेकर इसमें कोई बात नहीं है. जबकि डिजिटल एज में जब हर चीज बच्चों की पहुंच में है, ऐसे में भ्रांतियां भी बहुत फैलती हैं.

गौरतलब है कि भाजपा सरकार शुरू से ही सेक्‍स एजुकेशन को लेकर कुछ भी बोलने से बचती रही है. कुछ साल पहले भी जब यूपीए की सरकार सत्‍ता में थी तब भाजपा ने भाजपा शासित राज्‍यों में सेक्‍स एजुकेशन पर बैन लगा दिया था.


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