देश में COVID19 के चलते 3 मई तक लॉकडाउन किया गया है. ये हालात उस वक्त बने हैं जब सीबीएसई की कई परीक्षाएं बची रह गई थीं. अब लगातार बिगड़ती स्थिति और हालातों को ध्यान में रखते हुए अभिभावक और बोर्ड परीक्षार्थी एग्जाम और रिजल्ट को लेकर चिंता में हैं.
मंगलवार को शिक्षा मंत्रियों के साथ मानव संसाधन विकास मंत्री की बैठक में दिल्ली के मुख्यमंत्री ने भी सरकार को सुझाव दिया था कि अब बची हुई बोर्ड परीक्षाएं न कराई जाएं. छात्रों को नौवीं और 11वीं की तरह इवैल्यूवेशन के आधार पर अंक दिए जाएं. अभिभावकों में इसको लेकर स्पष्टता नहीं थी कि बोर्ड आखिर क्या फैसला ले रहा है. इसी दुविधा को ध्यान में रखते हुए बुधवार को बोर्ड ने स्पष्ट किया कि अभी तक ऐसा कोई फैसला नहीं लिया गया है कि बोर्ड बची हुई परीक्षाएं नहीं कराएगा.
देखें- सीबीएसई का ट्वीट
जानें- एक अप्रैल को सीबीएसई ने क्या कहा थाRecently there has been a lot of speculation regarding 10th CBSE Board exams. It is reiterated that the boards decision to take board exams for 29 subjects of class 10 and 12, stands the same as mentioned in circular dated 1.4.20.
— CBSE HQ (@cbseindia29)
सीबीएसई ने कक्षा 10 और 12 के लिए रीशेड्यूल बोर्ड परीक्षाओं के संबंध में सूचना देते हुए कहा था कि अब इस स्तर पर बोर्ड के लिए परीक्षाओं का नया शेड्यूल तय करना और उसकी घोषणा करना मुश्किल है. बोर्ड ने कहा था कि बोर्ड परीक्षाओं के संचालन के संबंध में कोई भी निर्णय उच्च शिक्षा अधिकारियों के साथ व्यापक विचार-विमर्श करके और प्रवेश परीक्षा, प्रवेश तिथि आदि से संबंधित सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर लिया जाएगा. बोर्ड परीक्षा शुरू करने से पहले बोर्ड सभी हितधारकों को लगभग 10 दिनों का नोटिस देगा.
बोर्ड परीक्षा के विषय के संबंध में सीबीएसई ने कहा है कि बोर्ड COVID-19 महामारी की स्थिति के कारण 8 एग्जाम डेज में परीक्षा आयोजित करने में सक्षम नहीं था. इसके अलावा, उत्तर पूर्वी दिल्ली जिले में कानून और व्यवस्था की स्थिति के कारण बोर्ड 4 एग्जाम डेज में परीक्षा आयोजित करने में सक्षम नहीं था. बोर्ड ने कहा कि हालांकि नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के बहुत कम छात्र 6 एग्जाम डेज में हुई परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए थे.
इस तरह की असाधारण परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, बोर्ड को इस संबंध में अपनी नीति की समीक्षा करने के लिए मजबूर होना पड़ा है. वर्तमान स्थिति में, बोर्ड ने कुछ इस तरह से निर्णय लिया है:
1. बोर्ड केवल मुख्य विषयों के लिए परीक्षाओं का आयोजन करेगा जो पदोन्नति के लिए आवश्यक होंगे और उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए महत्वपूर्ण होंगे.
2. बाकी विषयों के लिए, बोर्ड परीक्षा आयोजित नहीं करेगा. ऐसे सभी मामलों में अंकन/मूल्यांकन के निर्देश बोर्ड द्वारा अलग से जारी किए जाएंगे.
3. इसलिए, जब स्थितियां परीक्षा आयोजित करने के अनुकूल होंगी तो केवल 29 विषयों के लिए परीक्षा आयोजित होगी.
ये हैं वो 29 सब्जेक्ट
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बता दें कि इसके अलावा सीबीएसई नौवीं और 11वीं के छात्रों को उनके मूल्यांकन के आधार पर प्रमोट करने का फैसला भी एक अप्रैल को लिया था. सीबीएसई बोर्ड ने नये बदलावों के बारे में सारी जानकारी अपनी अधिकारिक वेबसाइट में दी है. जहां छात्र पूरी जानकारी हासिल कर सकते हैं.