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NEET रिजल्ट में इस बार कैसे चमके छोटे शहरों और गांवों के सितारे? सामने आई स्ट्रेटजी

इस साल टॉप-10 की लिस्ट में जगह बनाने वाले छात्रों की कहानियां बेहद दिलचस्प और प्रेरणा देने वाली हैं. किसी के पिता देश की सीमा पर रक्षा कर रहे हैं, तो कोई अपने गांव का पहला डॉक्टर बनने जा रहा है. आइए जानते हैं इन चमकते सितारों से कि आखिर उनकी सफलता का मूलमंत्र क्या रहा और उन्होंने किस रणनीति के साथ इस मुश्किल परीक्षा को क्रैक किया.

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अपने टीचर्स के साथ ऑल इंड‍िया नीट टॉपर
अपने टीचर्स के साथ ऑल इंड‍िया नीट टॉपर

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 (NEET UG 2026) का रिजल्ट नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने घोषित कर दिया है. इस बार के नतीजों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अगर हौसले बुलंद हों और सही दिशा में मेहनत की जाए, तो देश के किसी भी कोने से ऑल इंडिया रैंक (AIR) हासिल करके मेरिट में जगह बनाई जा सकती है.

इस साल टॉप-10 की लिस्ट में जगह बनाने वाले छात्रों की कहानियां बेहद दिलचस्प और प्रेरणा देने वाली हैं. किसी के पिता देश की सीमा पर रक्षा कर रहे हैं, तो कोई अपने गांव का पहला डॉक्टर बनने जा रहा है. आइए जानते हैं इन चमकते सितारों से कि आखिर उनकी सफलता का मूलमंत्र क्या रहा और उन्होंने किस रणनीति के साथ इस मुश्किल परीक्षा को क्रैक किया.

गांव के लड़के ने नीट में पाए 720 में से 705 नंबर 

राजस्थान के अलवर जिले के एक छोटे से गांव गाडुवास में इन दिनों जश्न का माहौल है. भारतीय सेना में कार्यरत राजेश कुमार की बेटी अनुजा के बाद अब उनका बेटा गौरव भी डॉक्टर बनने की राह पर है. गौरव ने नीट 2026 में ऑल इंडिया रैंक 9 हासिल की है. 10वीं में 92% और 12वीं में 90% अंक लाने वाले गौरव अपनी सफलता का श्रेय अपनी बड़ी बहन और परिवार को देते हैं.

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गौरव की बड़ी बहन अनुजा पहले से ही अलवर के ESIC मेडिकल कॉलेज से MBBS कर रही हैं. गौरव बताते हैं कि दीदी का हार्डवर्क, कंसिस्टेंसी और अनुशासन देखकर ही उन्हें डॉक्टर बनने की प्रेरणा मिली. यही नहीं बच्चों की पढ़ाई के लिए गौरव की मां सीमा देवी खुद कोटा में उनके साथ रहीं और हर मोड़ पर उनका हौसला बढ़ाया.

गौरव रोजाना 7-8 घंटे सेल्फ स्टडी करते थे. उन्होंने कहा कि मैं स्मार्टफोन का इस्तेमाल जरूर करता था, लेकिन कभी उसका मिसयूज (गलत इस्तेमाल) नहीं किया. रीक्रिएशन के लिए वे क्रिकेट खेलते थे. गौरव का कहना है कि उन्होंने सिर्फ वही किया जो उनकी फैकल्टीज ने उनसे कहा. हर टेस्ट के बाद अपनी गलतियों का एनालिसिस करना और उन्हें सुधारना ही उनका सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट रहा.

AIR ने कैसे कम उम्र में सेट क‍िया गोल?

हरियाणा के फरीदाबाद के रहने वाले पंशुल बंसल ने नीट 2026 में ऑल इंडिया रैंक 2 हासिल करके सबको चौंका दिया है. पंशुल का माइंडसेट बचपन से ही क्लियर था. उन्होंने 10वीं और 12वीं दोनों में 94% अंक हासिल किए और सिर्फ नीट ही नहीं, बल्कि जेईई मेन 2026 (JEE Main) में भी 99.5 परसेंटाइल स्कोर किया.

पंशुल का मानना है कि छोटी क्लास में ही लाइफ का गोल सेट कर लेने से फाउंडेशन और कॉन्सेप्ट्स बहुत मजबूत हो जाते हैं. पंशुल के पेरेंट्स ने उन पर कभी करियर को लेकर दबाव नहीं बनाया. पंशुल कहते हैं कि अगर आपमें अपने करियर के प्रति पैशन है, तभी उस फील्ड में आगे बढ़ें.

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पंशुल बहुत ज्यादा घंटे नहीं पढ़ते थे, लेकिन जितनी देर पढ़ते थे, पूरी एकाग्रता के साथ पढ़ते थे. सामान्य छात्रों से उलट, वे थ्योरी रटने के बजाय ज्यादा से ज्यादा सवालों की प्रैक्टिस (Question Practice) पर ध्यान देते थे. पढ़ाई के तनाव को दूर करने के लिए पंशुल पियानो बजाते हैं. उन्होंने रॉक स्कूल से ग्रेड 4 और ट्रिनिटी कॉलेज ऑफ लंदन से ग्रेड 2 का इंटरनेशनल सर्टिफिकेट भी हासिल किया हुआ है.

जान‍िए AIR- 4 की सक्सेस स्टोरी 

बिहार के नवादा जिले के एक छोटे से कस्बे वरीसालीगंज के रहने वाले आयुष भालोटिया ने नीट 2026 में ऑल इंडिया रैंक 4 हासिल की है. आयुष न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि अपने पूरे गांव के पहले डॉक्टर बनने जा रहे हैं. 10वीं में 96.2% और 12वीं में 93.8% अंक हासिल करने वाले आयुष के बड़े भाई आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) से पास आउट हैं और फिलहाल यूएस से पीएचडी कर रहे हैं.

आयुष का साफ मानना है कि नियमित पढ़ाई और लगातार रिवीजन ही सफलता की सबसे बड़ी वजह है. हर मॉक टेस्ट के बाद अपनी कमियों को ढूंढना और उन्हें समय रहते ठीक करना बेहद जरूरी है. आयुष नीट की तैयारी कर रहे छात्रों को सलाह देते हैं कि 'एनसीईआरटी' (NCERT) की किताबों पर अपनी पकड़ बेहद मजबूत रखें.

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तैयारी के दौरान जब भी मेंटल प्रेशर हुआ, परिवार और भाई की गाइडेंस ने उन्हें हमेशा पॉजिटिव बनाए रखा. वे क्लास के अलावा रोज 7-8 घंटे सेल्फ स्टडी करते थे और माइंड फ्रेश करने के लिए चेस (शतरंज) खेलते थे.

डॉक्टरों के परिवार से निकले ऑल इंडिया रैंक-1

इस साल री-नीट यूजी 2026 (Re-NEET UG) के नतीजों में लुधियाना के रहने वाले आर्यन गुप्ता ने ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की है. उन्होंने 720 में से 715 अंक प्राप्त किए. महज साढ़े 17 साल के आर्यन के घर में पहले से ही डॉक्टरों का माहौल है. उनकी मां रेनू गुप्ता एक अस्पताल चलाती हैं और पिता सचिन गुप्ता एनेस्थेटिस्ट हैं. सिर्फ यही नहीं, आर्यन के बड़े भाई ने भी पिछले साल नीट में ऑल इंडिया रैंक 54 हासिल की थी और फिलहाल दिल्ली के मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (MAMC) से एमबीबीएस कर रहे हैं. भाई के नक्शेकदम पर चलते हुए आर्यन ने अब देश में टॉप किया है.

क्लासरूम और डिस्टेंस लर्निंग का शानदार कॉम्बिनेशन
इस साल के नतीजों में एलन करियर इंस्टीट्यूट के स्टूडेंट्स ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया है, जिसमें टॉप-10 में 4 और टॉप-100 में 43 स्टूडेंट्स शामिल हैं. नीट-यूजी 2026 के ये परिणाम यह साफ दर्शाते हैं कि कोचिंग या गाइडेंस चाहे जो भी हो, अंतिम सफलता छात्र के अपने अनुशासन, टेस्ट सीरीज को गंभीरता से लेने, एनसीईआरटी के बार-बार रिवीजन और अपनी गलतियों को सुधारने के पैशन से ही मिलती है.

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