जब देविना गहलोत ने पहली बार कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET-UG) का अपना रिजल्ट देखा तो उन्हें अपनी आंखों पर यकीन नहीं हुआ और उन्होंने अपना एप्लीकेशन नंबर दोबारा चेक किया. बिजबवासन से BJP विधायक कैलाश गहलोत की बेटी देविना गहलोत ने कहा कि मैं बार-बार एप्लीकेशन नंबर चेक करती रही क्योंकि मुझे यकीन ही नहीं हो रहा था कि मैंने पूरे देश में टॉप किया है. उन्होंने कहा कि उन्हें भरोसा था कि उन्होंने परीक्षा अच्छी दी है, लेकिन उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उन्हें पूरे भारत में टॉप रैंक मिलेगी.
माता-पिता और शिक्षकों को दिया श्रेय
देविना गहलोत ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार और शिक्षकों को दिया और कहा कि उन्होंने कभी उन पर कोई दबाव नहीं डाला. अपनी तैयारी की रणनीति के बारे में पूछे जाने पर देविना गहलोत ने कहा कि घंटों तक पढ़ाई करने से ज्यादा जरूरी अनुशासन और निरंतरता है.
ऐसी थी पढ़ाई की प्लानिंग
उन्होंने आगे कहा कि मैं हर दिन हर विषय की पढ़ाई करती थी. मैंने कभी भी सिर्फ एक चीज पर ध्यान केंद्रित करके बाकी चीजों को नहीं छोड़ा. मैंने नियमित रूप से रिविजन किया और पिछले सालों के कई प्रश्न-पत्र को भी सॉल्व किया.
बोर्ड परीक्षा के बाद तैयारी करना था मुश्किल
उन्होंने याद किया कि बोर्ड परीक्षाओं के बाद तैयारी का शुरुआती दौर मुश्किल भरा था. उन्होंने बताया कि जब मैंने बोर्ड परीक्षाओं के तुरंत बाद CUET की तैयारी शुरू की, तो मुझे कोई अंदाजा नहीं था कि क्या पढ़ना है या कहां से पढ़ना है. कभी-कभी मुझे लगता था कि शायद मैं यह नहीं कर पाऊंगी क्योंकि मुझे ऐसे दबाव की आदत नहीं थी जो मेरे भविष्य को तय कर सके.
माता-पिता ने दिया साथ
देविना गहलोत ने कहा कि उनके माता-पिता के प्रोत्साहन ने उन पलों से निकलने में मदद की जब उन्हें खुद पर डाउट था. अब वह इंग्लिश ऑनर्स की पढ़ाई करना चाहती हैं. इसपर बोलते हुए देविना ने कहा कि मुझे साहित्य पढ़ने और लिखने में बहुत दिलचस्पी है. इसलिए मैंने इंग्लिश ऑनर्स करने के बारे में सोचा है. उसके बाद, शायद जर्नलिज्म. अभी कोई पक्का प्लान नहीं है, लेकिन फिलहाल मैं इसी दिशा में सोच रही हूं.
क्या आना चाहती हैं राजनीति में
जब देविना से राजनीति में आने से जुड़ा सवाल किया गया तो, उन्होंने अपने पिता के नक्शेकदम पर चलने और राजनीति में आने की संभावना से भी इनकार नहीं किया है. उन्होंने कहा कि बचपन से ही मैंने अपने पिता को विधायक और मंत्री के तौर पर देखा है. मैंने देखा है कि इस पेशे के जरिए कितने लोगों की मदद की गई है. मैं उन्हें दूसरों के लिए काम करते और मदद करते हुए देखकर बड़ी हुई हूं. इसलिए दिलचस्पी तो है, लेकिन देखते हैं जिंदगी मुझे कहां ले जाती है.
पिता कैलाश गहलोत ने दिया बयान
कैलाश गहलोत ने कहा कि परिवार उनकी बेटी की कामयाबी से बहुत खुश है और उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय उसकी कड़ी मेहनत के साथ-साथ उसकी मां, शिक्षकों और स्कूल के सहयोग को दिया. पूर्व परिवहन मंत्री ने कहा कि हम सब बहुत खुश हैं. माता-पिता के तौर पर हमने उस पर कभी कोई दबाव नहीं डाला. हमारी दोनों बेटियों ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है. मैं अक्सर उससे पूछता था कि क्या वह गंभीरता से पढ़ाई कर रही है और उसका हमेशा यही जवाब होता था पापा, हो जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि यह पूरी तरह से उसकी कड़ी मेहनत का नतीजा है. मेरी पत्नी ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई और साथ ही उसके शिक्षकों और स्कूल, DPS वसंत कुंज ने भी.