scorecardresearch
 
Advertisement
एजुकेशन

जानें कौन सेट करता है CBSE का पेपर? 6 महीने की होती है प्रक्रिया

जानें कौन सेट करता है CBSE का पेपर? 6 महीने की होती है प्रक्रिया
  • 1/6
सीबीएसई ने बुधवार को इस बात की घोषणा की कि कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं के एक-एक पेपर दोबारा करवाए जाएंगे. 10वीं कक्षा का गणित और 12वीं कक्षा का इकोनॉमिक्स का पेपर दोबारा होगा क्योंकि ये दोनों पेपर लीक हो गए थे और व्हॉट्सऐप और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर हुए थे. इस मामले में दिल्ली पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.  हम आपको बताएंगे कि CBSE किस तरह पेपर सेट किया जाता है और बोर्ड कैसे इसकी गोपनीयता को बनाए रखता है.
जानें कौन सेट करता है CBSE का पेपर? 6 महीने की होती है प्रक्रिया
  • 2/6
कौन सेट करता है CBSE का पेपर?

जिस विषय का पेपर बनाना होता है CBSE उस विषय में एक्सपर्ट 4-5 लोगों को चुनता है जिसमें स्कूल और कॉलेज टीचर भी शामिल होते हैं. वो एक्सपर्ट एक पेपर की तीन सेट तैयार करते हैं और उन पेपरों को एक लिफाफे में सील किया जाता है और CBSE को भेज दिया जाता है. इसके बाद एक स्कूल- कॉलेज के टीचरों और प्रिंसिपलों की हाई कमिटी यह चेक करती है कि उन पेपरों को सेट करने में CBSE के मानकों का ध्यान रखा गया है या नहीं. इसके बाद हर विषय के लिए पेपर के तीन अलग- अलग सेट चुने जाते हैं और उन्हें सील कर CBSE को भेज दिया जाता है.
जानें कौन सेट करता है CBSE का पेपर? 6 महीने की होती है प्रक्रिया
  • 3/6
कब शुरू होती है पेपर सेट होने की प्रक्रिया?

हर साल जुलाई- अगस्त के महीने में पेपर सेट होने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है.
Advertisement
जानें कौन सेट करता है CBSE का पेपर? 6 महीने की होती है प्रक्रिया
  • 4/6
एक पेपर के कितने वर्जन तैयार किए जाते हैं?

दिल्ली के स्कूलों के लिए हर विषय के पेपर के तीन सेट तैयार किए जाते हैं. इसके अलावा दिल्ली से बाहर और विदेशों में CBSE से सम्बद्ध (CBSE affiliated) स्कूलों के लिए भी एक विषय के पेपर के तीन सेट तैयार किए जाते हैं. इसके अलावा बैकअप के तौर पर 18 और पेपर तैयार किए जाते हैं जिनमें से कुछ का इस्तेमाल कम्पार्टमेंट एग्जाम के समय किया जाता है.
जानें कौन सेट करता है CBSE का पेपर? 6 महीने की होती है प्रक्रिया
  • 5/6
एक पेपर के तीनों सेट आपस में कैसे होते हैं अलग?

यह तीनों ही पेपर लगभग एक जैसे होते हैं. इनमें केवल सवालों का सीक्वेंस अलग होता है. जैसे एक ही सवाल पहले सेट में दूसरे नंबर पर होगा तो वही सवाल दूसरे सेट के पेपर में 8वें नंबर पर और तीसरे सेट में 10वें नंबर पर होगा.
जानें कौन सेट करता है CBSE का पेपर? 6 महीने की होती है प्रक्रिया
  • 6/6
पेपर सेट करने में किस तरह गोपनीयता सुनिश्चित की जाती है?

पेपर सेट करने के लिए जिन एक्सपर्ट्स को चुना जाता है उन्हें यह नहीं पता होता कि उनके द्वारा सेट किया जाने वाला पेपर ही फाइनल होगा या नहीं.
Advertisement
Advertisement