UP RO ARO Paper Leak FIR Lodged: RO-ARO भर्ती परीक्षा लीक मामले में अज्ञात के खिलाफ प्रयागराज के सिविल लाइंस थाने में एफआईआर की गई है. यूपी लोक सेवा आयोग के सचिव अशोक कुमार ने यह मुकदमा दर्ज कराया है. आयोग ने एफआईआर में माना कि 11 फरवरी को हुई परीक्षा की पहली पाली में GS के पेपर में 103 सवाल B-series से मिलते थे. वहीं, द्वितीय प्रश्नपत्र (सामान्य हिन्दी) के 25 इंगित प्रश्न व उसके उत्तर जिस पर कोई सीरीज अंकित नहीं है, परन्तु जो C सीरीज के प्रश्नपत्र से मेल खाते हैं.
आयोग को मिली अभ्यार्थियों के प्रत्यावेदन की जांच से यह पता चला है. द्वितीय प्रश्नपत्र के इंगित प्रश्न व उसके सम्मुख अंकित उत्तर परीक्षा प्रारम्भ होने के नियत समय 2:30 बजे अपराह्न से पूर्व सार्वजनिक होने के तथ्य स्पष्ट होते हैं और प्रथम प्रश्नपत्र के इंगित प्रश्न व उसके उत्तर समय पूर्व सार्वजनिक होने के प्रत्यावेदन व साक्ष्य प्राप्त हुए हैं.
सीएम ने दिए परीक्षा निरस्त करने के निर्देश
अब पेपर लीक के इस मामले ने नया मोड़ ले लिया है. सचिव अशोक कुमार द्वारा दर्ज कराई गई ये एफआईआर इसलिए है ताकि पेपर लीक के आरोपी का पता लगाया जा सके और इस मामले में अच्छे तरह जांच की जाए. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा 11 फरवरी 2024 को आयोजित समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी (प्रारम्भिक) परीक्षा, 2023 की शनिवार को समीक्षा की गई.
दोबारा कब होगी परीक्षा
इस परीक्षा में कथित रूप से प्रश्न पत्र के सोशल मीडिया पर वायरल होने के शिकायतें प्राप्त हुई थीं. सीएम योगी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' (पहले ट्विटर) के माध्यम से एग्जाम कैंसिल करने की जानकारी दी थी. साथ ही उन्होंने कहा कि परीक्षा 6 महीने के अंदर दोबारा आयोजित की जाएगी. उन्होंने ट्वीट में लिखा, 'उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा 11 फरवरी 2024 को आयोजित समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी (प्रारम्भिक) परीक्षा, 2023 को निरस्त करने और आगामी 06 माह में इसे पुनः कराने के आदेश दिए हैं.'