दिल्ली यूनिवर्सिटी ने कैंपस में होने वाले सभी कार्यक्रमों के लिए सख्त नियम जारी कर दिए हैं. अब किसी भी कॉलेज या विभाग में इवेंट करने से पहले पूरी जानकारी के साथ लिखित परमिशन लेनी होगी. इसके साथ ही विश्वविद्यालय ने साफ कर दिया है कि शैक्षणिक माहौल को बिगाड़ने वालों की भी खैर नहीं होगी. उनके ऊपर भी कार्रवाई की जाएगी और आयोजकों पर कानून‑व्यवस्था की जिम्मेदारी तय रहेगी.
अब DU कैंपस में किसी भी तरह के कार्यक्रम जैसे सेमिनार, पब्लिक टॉक, सांस्कृतिक इवेंट, रैली, धरना या विरोध आयोजित करने से पहले लिखित अनुमति लेनी अनिवार्य है. बिना मंजूरी के प्रोग्राम करने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है.
इतने घंटे पहले देने होगा आवेदन
किसी भी तरह के कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे आयोजकों को प्रोग्राम से कम से कम 72 घंटे पहले लिखित अनुमति लेनी होगी. इसके लिए आयोजकों को पहले प्रॉक्टर कार्यालय और स्थानीय पुलिस अधिकारियों को आवेदन की सॉफ्ट या हार्ड कॉपी जमा करनी होगी. देर से दिए गए पत्रों को मान्य नहीं माना जाएगा.
लाउडस्पीकर के लिए पहले से लेनी होगी मंजूरी
इसके साथ ही नोटिस में यूनिवर्सिटी ने कहा कि लाउडस्पीकर, एम्प्लीफायर, प्रोजेक्टर, टेंट/डांस फ्लोर, जनरेटर या कोई भी लॉजिस्टिक सुविधा का इस्तेमाल के लिए पहले से अनुमति लेनी जरूरी है. आवाज की सीमा, उपकरणों को कितने समय के लिए लिए जाना है, इन सब नियमों का पालन करना जरूरी है.
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इसके साथ ही DU ने यह भी साफ कर दिया है कि अगर किसी की ओर से शैक्षणिक गतिविधियों में बाधा डालने वाली किसी भी एक्टिविटी में शामिल होते हैं, तो उनपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. क्लास, परीक्षाओं, लाइब्रेरी और प्रशासनिक कामों में डिस्टरबेंस करने इन नियमों का उल्लंघन माना जाएगा. इवेंट के दौरान शांति‑व्यवस्था बनाए रखना आयोजकों की जिम्मेदारी है. भीड़ मैनेजमेंट, एंट्री‑एग्ज़िट, आपातकालीन योजना (Emergency Plan) और सुरक्षा के लिए आयोजकों को पहले से तैयारी करनी होगी.
बाहरी लोगों की नहीं होगी एंट्री
कैंपस सुरक्षा को देखते हुए बाहरी व्यक्तियों को आमंत्रित करना सख्त मना है. साथ ही किसी भी तरह की सोशल मीडिया पोस्ट,व्हाट्सएप फॉरवर्ड, पोस्टर, ई‑मेल थ्रेड या डिजिटल कंटेंट की अनुमति नहीं है. जो भी इस नियम को तोड़ता है उसे विश्वविद्यालय डिसिप्लिनरी एक्शन ले सकता है, जिनमें निलंबन (Rustication), निष्कासन (Expulsion) और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस/कानूनी कार्रवाई शामिल हो सकते हैं.
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