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NEET पेपर लीक पर संसद में महामंथन! मुस्कुराते हुए पहुंचे NTA चीफ, सपा सांसद बोले-अक्षम हैं शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी के पेपर लीक मामले ने संसद में जोरदार हलचल मचा दी है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के डायरेक्टर जनरल से जवाब तलब किया गया है. समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला किया है और उन्हें अक्षम बताया है.

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NTA DG Abhishek Singh
NTA DG Abhishek Singh

देश की सबसे बड़ी मेड‍िकल प्रवेश परीक्षा 'नीट-यूजी' (NEET-UG) के पेपर लीक होने और पूरी परीक्षा प्रणाली पर खड़े हुए गंभीर सवालों के बीच आज देश की संसद में एक बहुत बड़ी हलचल हुई है. नीट पेपर लीक मामले और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली की समीक्षा के लिए आज 'शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति' की एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील बैठक बुलाई गई. 

इस हाई-प्रोफाइल बैठक में हिस्सा लेने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक (डायरेक्टर जनरल) अभिषेक सिंह और उच्च शिक्षा विभाग के सचिव संसद भवन पहुंच चुके हैं. परीक्षा सुधारों और छात्रों के भविष्य के लिहाज से इस बैठक के निष्कर्ष बेहद दूरगामी होने वाले हैं.

शिक्षा मंत्री पर बरसे सपा सांसद राजीव राय
इस महाबैठक के बीच संसदीय स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य और समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर सीधा और तीखा हमला बोल दिया है. धर्मेंद्र प्रधान द्वारा स्टैंडिंग कमेटी की रिपोर्ट के नतीजों पर दी गई हालिया टिप्पणियों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए राजीव राय ने कहा कि स्टैंडिंग कमेटी पर धर्मेंद्र प्रधान की टिप्पणी बेहद आपत्तिजनक और निंदनीय है. क्या उन्हें संसदीय प्रक्रिया की रत्ती भर भी समझ नहीं है? स्टैंडिंग कमेटी में बहुमत के सदस्य खुद बीजेपी के हैं, और समिति के हर सदस्य को अपनी असहमति (डिसेंट नोट) दर्ज कराने का पूरा अधिकार होता है. सदस्यों की हरी झंडी (क्लियरेंस) के बिना स्टैंडिंग कमेटी की कोई भी रिपोर्ट संसद के पटल पर पेश ही नहीं की जा सकती.

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राजीव राय ने शिक्षा मंत्री को आड़े हाथों लेते हुए आगे कहा कि धर्मेंद्र प्रधान एक पूरी तरह से अक्षम और नाकाम शिक्षा मंत्री हैं. उनमें सामान्य समझ (कॉमन सेंस) तो है, लेकिन वे इस तरह के उलूल-जुलूल बयान देकर सिर्फ अपनी नाकामियों और सिस्टम के फेलियर को छुपाने की कोशिश कर रहे हैं.

सुबह 11 बजे से जारी है बैठक, इन कड़े एजेंडों पर हो रही है घेराबंदी
संसद भवन में यह महत्वपूर्ण बैठक आज सुबह 11:00 बजे से शुरू हो चुकी है. इस बैठक के एजेंडे में नीट-यूजी परीक्षा के दौरान सामने आईं प्रशासनिक कमियों, पेपर लीक के गंभीर आरोपों और एनटीए (NTA) के कामकाज के तरीके पर तीखी चर्चा शामिल है.

समिति के सदस्य इस बात पर अड़े हैं कि भविष्य में परीक्षाओं की शुचिता सुनिश्चित करने के लिए बेहद कड़े कदम उठाए जाएं. बैठक में मुख्य रूप से इन दो बड़े बिंदुओं पर एनटीए चीफ और उच्च शिक्षा सचिव से जवाब-तलब किया जा रहा है. पहला है नीट-यूजी पेपर लीक की जांच का लेटेस्ट अपडेट और प्रशासनिक विफलता. वहीं दूसरा बिंदु परीक्षा सुधारों को लेकर गठित की गई 'राधाकृष्णन कमेटी' की रिपोर्ट और उसकी सिफारिशों पर चर्चा है. 

स्कूली व उच्च शिक्षा नीति के बजट और सुधारों की भी समीक्षा
नीट पेपर लीक के अलावा, समिति के निर्धारित एजेंडे में शिक्षा और महिला एवं बाल विकास मंत्रालयों से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण मामलों पर भी गहन विचार-विमर्श चल रहा है.

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इस बैठक के माध्यम से देश की स्कूली व उच्च शिक्षा नीति में बड़े सुधारों और छात्रों की सुरक्षा से जुड़े वित्तीय आवंटनों (बजट) की भी समीक्षा की जा रही है. साथ ही, सरकार द्वारा पूर्व में दी गई सिफारिशों पर की गई कार्रवाई से संबंधित 379वीं और अन्य आगामी रिपोर्टों पर विचार करने और उन्हें स्वीकार करने की प्रक्रिया को भी पूरा किया जा रहा है.

अब देखना यह होगा कि इस संसदीय समिति की जांच और पूछताछ के बाद देश की शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए क्या ठोस परिणाम निकलकर सामने आते हैं.

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