ऑफिस पॉलिटिक्स का शिकार कई बार ऐसे लोग हो जाते हैं, जो अपना काम बेहद ईमानदारी के साथ करते हैं. क्या आपको भी ऐसा लगता है कि दिन-रात मेहनत करने के बाद भी तरक्की केवल चापलूसी करने वालों को ही मिलती है? सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे धर्मेंद्र पांडेय के वीडियो ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है. उन्होंने 38 साल की उम्र में 18 साल बाद कॉर्पोरेट की नौकरी छोड़ दी है,केवल इसलिए क्योंकि वह ऑफिस में होने वाली पॉलिटिक्स से थक चुके थे.
18 साल बाद छोड़ दी नौकरी
aajtak.in से बात करते हुए धर्मेंद्र ने बताया कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2008 में की थी और पूरे 18 साल उन्होंने कॉर्पोरेट को दिए. इस दौरान न केवल उन्होंने ईमानदारी से काम किया बल्कि आने वाले नए युवाओं को भी तैयार किया. इतना ही नहीं देर रात रुककर प्रोजेक्ट्स पूरा करते थे. लेकिन इसके बदले उन्हें कुछ नहीं मिला. जब प्रमोशन की बात आई तो उनकी मेहनत को नजरअंदाज कर किसी और को आगे बढ़ाया गया. किसी ऐसे इंसान को जो पॉलिटिक्स करने में माहिर हो.
पूरा परिवार उनपर निर्भर
बात करते हुए धर्मेंद्र ने बताया कि नौकरी छोड़ने के उनके इस फैसले में उनके परिवार ने उनका पूरा साथ दिया. हालांकि, परिवार की निर्भरता उनपर ही है. उनकी 10 साल की बेटी भी है. बचत के नाम पर उनके पास केवल अगले छह महीने का खर्च है.
38 की उम्र में नई शुरुआत
हालांकि, उनके लिए भी यह नई शुरुआत थोड़ी मुश्किल है लेकिन धर्मेद्र को अपने काम, स्किल और मेहनत पर पूरा भरोसा है. उन्होंने कहा कि ये फैसला मैं कई महीने से लेने का सोच रहा था लेकिन दब सही समय आया तब उन्होंने अपने इस फैसले को हकीकत में बदल दिया. उन्होंने ये भी कहा कि जब हमें अपने स्किल पर भरोसा होता है तो काम कहीं भी हो सकता है. नौकरी के दौरान और नौकरी छोड़ने के बाद भी उन्होंने नई चीजें सीखना कभी नहीं छोड़ा.
इंस्टाग्राम बना सहारा
धर्मेंद ने बताया कि उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर भी अच्छे फॉलोअर्स हैं जिसके जरिए वह कुछ कमाई कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि वह नौकरी छोड़ने की प्लानिंग लंबे समय से कर रहे थे लेकिन उसे पहले इंस्टाग्राम के लिए वीडियो बनाना उन्होंने तीन महीने पहले ही किया था. अच्छे फॉलोअर्स होने की वजह से भी उन्हें नौकरी छोड़ने की हिम्मत मिली. उन्होंने सोच लिया था जैसे वह ऑफिस में अपने प्रोडेक्ट को बेचते थे, वैसे ही वो अपना ऑनलाइन अपनी स्किल को बेचेंगे और काम शुरू करेंगे.